Donald Trump
Donald Trump: दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (WEF) के शिखर सम्मेलन में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का जलवा देखने को मिला। इस वैश्विक मंच से ट्रंप ने न केवल भारत के साथ मधुर संबंधों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की, बल्कि रूस-यूक्रेन युद्ध जैसे गंभीर वैश्विक मुद्दों पर भी अपनी बेबाक राय रखी। ट्रंप के इन बयानों ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है, विशेषकर युद्ध विराम की संभावनाओं को लेकर उनके दावे चर्चा का विषय बने हुए हैं।
दावोस में मीडिया और वैश्विक नेताओं से बातचीत के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अपना गहरा सम्मान व्यक्त किया। उन्होंने पीएम मोदी को एक ‘शानदार व्यक्ति’ और अपना ‘करीबी मित्र’ बताया। ट्रंप ने भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक और रणनीतिक संबंधों पर जोर देते हुए कहा कि दोनों देश जल्द ही एक महत्वपूर्ण और “अच्छा समझौता” करने वाले हैं। यह बयान दर्शाता है कि आने वाले समय में भारत और अमेरिका के आर्थिक संबंध नई ऊंचाइयों को छू सकते हैं।
पिछले कई वर्षों से जारी रूस-यूक्रेन संघर्ष पर ट्रंप ने आशावादी रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि वह स्विट्जरलैंड में यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की से मुलाकात करेंगे। ट्रंप के अनुसार, अब वह समय आ गया है जब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ज़ेलेंस्की दोनों ही युद्ध को समाप्त करने के लिए एक समझौते पर पहुँचने की स्थिति में हैं। ट्रंप ने दावा किया कि दोनों नेता अब इस युद्ध की विभीषिका को खत्म करने की जरूरत महसूस कर रहे हैं और शांति वार्ता के लिए मंच तैयार है।
ट्रंप ने रूसी और यूक्रेनी नेतृत्व को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा, “मुझे लगता है कि वे अब एक ऐसे मोड़ पर हैं जहाँ उन्हें साथ बैठकर समझौता कर लेना चाहिए।” उन्होंने आगे कड़े शब्दों में कहा कि यदि दोनों पक्ष इस अवसर का लाभ उठाकर शांति स्थापित नहीं करते हैं, तो वे “मूर्ख” कहलाएंगे। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि उनकी व्लादिमीर पुतिन से बातचीत चल रही है और पुतिन युद्ध खत्म करने के पक्ष में हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि यूक्रेनी नेता भी अब समाधान के लिए तैयार दिख रहे हैं।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब यूक्रेन 24 फरवरी, 2022 को शुरू हुए रूसी आक्रमण की चौथी वर्षगांठ मनाने की तैयारी कर रहा है। ट्रंप ने याद दिलाया कि पहले भी दोनों नेता समझौते के करीब आकर पीछे हट चुके थे, लेकिन वर्तमान वैश्विक परिस्थितियां ऐसी हैं कि अब समझौता होने की संभावना बहुत अधिक है। उनके अनुसार, वाशिंगटन अब एक वास्तविक युद्धविराम समझौते के बहुत करीब पहुँच चुका है और वह खुद इसे रोकने के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
अपने संबोधन के दौरान ट्रंप ने एक बार फिर अपने उस पुराने दावे को दोहराया जिसमें उन्होंने भारत और पाकिस्तान सहित “आठ युद्धों” में मध्यस्थता करने की बात कही थी। हालांकि, भारत सरकार ने ट्रंप के इन दावों को हमेशा सिरे से खारिज किया है और कश्मीर जैसे मुद्दों पर किसी भी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता से इनकार किया है। इसके बावजूद, ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय विवादों को सुलझाने में अपनी भूमिका को प्रमुखता से पेश किया और दोहराया कि हिंसा को हर हाल में रुकना चाहिए।
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