बिहार में चुनाव आयोग ने शुक्रवार को वोटर लिस्ट का नया ड्राफ्ट जारी कर दिया है। यह ड्राफ्ट राज्य के सभी 38 जिलों के जिला पदाधिकारियों (DM) द्वारा विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को सौंपा गया। निर्वाचन आयोग के अनुसार, यह ड्राफ्ट दोपहर 3 बजे से चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उपलब्ध होगा।

घर-घर सत्यापन के आधार पर तैयार हुई सूची
यह वोटर लिस्ट उस विशेष अभियान के तहत तैयार की गई है, जिसमें घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन किया गया था। इस प्रक्रिया के जरिए फर्जी, दोहराए गए और स्थानांतरित मतदाताओं को हटाया गया और नए योग्य मतदाताओं को जोड़ने की कोशिश की गई।
2 अगस्त से शुरू होंगे विशेष कैंप
जो मतदाता सूची में नाम हटने, जुड़ने या किसी त्रुटि को लेकर आपत्ति दर्ज करना चाहते हैं, उनके लिए 2 अगस्त से 1 सितंबर 2025 तक विशेष कैंप आयोजित किए जाएंगे। इन कैंपों में मतदाता अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और लोकतांत्रिक होगी।
प्रखंड, नगर निकाय और निगम कार्यालयों में लगेंगे कैंप
बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल के अनुसार, विशेष कैंप राज्य के सभी प्रखंड सह अंचल कार्यालयों, नगर निकाय कार्यालयों तथा नगर निगमों में लगाए जाएंगे। इन कैंपों का संचालन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक किया जाएगा। खास बात यह है कि रविवार को भी ये कैंप खुले रहेंगे।
दिव्यांग और बुजुर्ग मतदाताओं को मिलेगी विशेष सुविधा
बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) को निर्देश दिया गया है कि वे दिव्यांगजन और बुजुर्ग मतदाताओं के घर जाकर आवेदन स्वीकार करें। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि कोई भी योग्य मतदाता सूची से वंचित न रह जाए।
मतदाताओं की संख्या में 65 लाख की कमी
वोटर लिस्ट रिवीजन के पहले चरण के आंकड़ों के अनुसार, बिहार में कुल मतदाताओं की संख्या घटकर 7.24 करोड़ हो गई है, जो पहले 7.89 करोड़ थी। यानी लगभग 65 लाख नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं।
नाम हटने के पीछे ये रहे मुख्य कारण
चुनाव आयोग के अनुसार, हटाए गए मतदाताओं में 22 लाख लोग ऐसे थे जिनकी मृत्यु हो चुकी है। 36 लाख मतदाता स्थायी रूप से किसी अन्य स्थान पर चले गए हैं और 7 लाख मतदाता नए निवास स्थानों में पंजीकृत हो गए हैं। यह सभी संशोधन सत्यापन प्रक्रिया के आधार पर किए गए हैं।
24 जून को शुरू हुआ था घर-घर सत्यापन अभियान
वोटर लिस्ट सुधार अभियान की शुरुआत 24 जून 2025 को हुई थी। इसका उद्देश्य था – अपात्र, फर्जी और दोहराए गए नामों को हटाना और नए पात्र नागरिकों को सूची में शामिल करना। इस विशेष अभियान के पहले चरण में 99.8% कवरेज के साथ 25 जुलाई 2025 को काम पूरा कर लिया गया।
चुनाव आयोग द्वारा जारी यह नया ड्राफ्ट मतदाता सूची का पारदर्शी और व्यापक प्रयास है, जिसमें पात्र मतदाताओं को शामिल करने और अपात्रों को हटाने की प्रक्रिया अपनाई गई है। 2 अगस्त से शुरू होने वाले विशेष कैंप इस कार्य में जनसहयोग और सुधार का अवसर प्रदान करेंगे।


















