Durg District Hospital: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिला अस्पताल से स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। अस्पताल की मदर-चाइल्ड यूनिट (MCH) के ऑपरेशन थिएटर में अचानक बड़ी संख्या में चींटियां मिलने के बाद हड़कंप मच गया। संक्रमण के खतरे को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन को आनन-फानन में ओटी बंद करना पड़ा। इस घटना ने अस्पताल की साफ-सफाई व्यवस्था और मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

तीन दिनों से बंद पड़ा ऑपरेशन थिएटर, मरीजों को हो रही परेशानी
जिला अस्पताल के एमसीएच यूनिट का ऑपरेशन थिएटर पिछले तीन दिनों से बंद है। इसके कारण यहां होने वाली नियमित सर्जरी प्रभावित हो गई है। अस्पताल में औसतन हर दिन करीब पांच ऑपरेशन किए जाते थे, लेकिन ओटी बंद होने के कारण सभी सर्जरी को टालना पड़ रहा है। इससे मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।स्वास्थ्य विभाग की इस लापरवाही के कारण गंभीर मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। खासकर उन मरीजों को दिक्कत हो रही है, जिन्हें समय पर ऑपरेशन की जरूरत थी। बावजूद इसके, घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी प्रशासन की ओर से कोई बड़ी कार्रवाई सामने नहीं आई है।

संक्रमण से बचाव के लिए सिजेरियन डिलीवरी को किया गया शिफ्ट
मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने सिजेरियन डिलीवरी के ऑपरेशन को दूसरे बड़े ऑपरेशन थिएटर यानी मेजर ओटी में स्थानांतरित कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह कदम उठाया गया है।हालांकि मेजर ओटी में पहले से ही सीमित संसाधन और जगह उपलब्ध है। ऐसे में आर्थोपेडिक सर्जरी और अन्य सामान्य ऑपरेशन कराने वाले मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई मरीजों की सर्जरी की तारीख आगे बढ़ानी पड़ रही है, जिससे अस्पताल में दबाव बढ़ गया है।
पेस्ट कंट्रोल की लापरवाही से ओटी में पहुंचीं चींटियां
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ऑपरेशन थिएटर में चींटियों के पहुंचने का मुख्य कारण पेस्ट कंट्रोल व्यवस्था में लापरवाही हो सकती है। इसके अलावा अस्पताल भवन के निर्माण कार्य में रह गई खामियों को भी इसकी एक वजह माना जा रहा है।स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, ऑपरेशन थिएटर जैसे संवेदनशील स्थान पर किसी भी प्रकार का संक्रमण मरीजों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। ओटी में बैक्टीरिया, कीट या अन्य संक्रमण फैलाने वाले तत्वों की मौजूदगी से मरीजों की जान जोखिम में पड़ सकती है।
सैनिटाइजेशन और मरम्मत का काम जारी: सिविल सर्जन
मामले को लेकर दुर्ग जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. आशीष मिंज ने बताया कि जैसे ही ऑपरेशन थिएटर में चींटियां दिखाई दीं, तुरंत संक्रमण रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए गए। उन्होंने कहा कि मरीजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ओटी को बंद कर दिया गया और सैनिटाइजेशन का काम शुरू कराया गया।उन्होंने बताया कि फिलहाल ऑपरेशन थिएटर में पूरी तरह सफाई, पेस्ट कंट्रोल और आवश्यक मरम्मत का कार्य किया जा रहा है। अस्पताल प्रबंधन की टीम लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
दो दिनों में व्यवस्था सुधारने का प्रशासन का दावा
अस्पताल प्रशासन का दावा है कि अगले दो दिनों के भीतर ऑपरेशन थिएटर को पूरी तरह व्यवस्थित कर दोबारा शुरू कर दिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में इस तरह की समस्या दोबारा न हो, इसके लिए पेस्ट कंट्रोल और रखरखाव व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।
वहीं, मरीजों और उनके परिजनों ने मांग की है कि अस्पताल में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो, इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि ऑपरेशन थिएटर जैसी महत्वपूर्ण जगहों पर साफ-सफाई और संक्रमण नियंत्रण में किसी भी तरह की अनदेखी मरीजों के जीवन के लिए खतरनाक साबित हो सकती है।
Read More : CJP March Violence : CJP मार्च में घायल पुलिसकर्मियों के परिजन आए सामने , बेटी ने सुनाई दर्दभरी कहानी










