Durg Minor Rape Case
Durg Minor Rape Case: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है जिसने सभ्य समाज के माथे पर कलंक लगा दिया है। एक नाबालिग बच्ची, जिसे सुरक्षा और स्नेह मिलना चाहिए था, वह पिछले 8 वर्षों से नरपिशाचों की दरिंदगी का शिकार होती रही। 6 रसूखदार और बेरहम लोगों ने मिलकर उस मासूम का शारीरिक और मानसिक शोषण किया। कई मौकों पर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) जैसी जघन्य वारदात को भी अंजाम दिया गया। इस लंबे अंतराल के दौरान पीड़िता जिस खौफ और यातना से गुजरी, उसकी कल्पना मात्र से रूह कांप जाती है।
वर्षों तक घुट-घुट कर जीने के बाद आखिरकार पीड़िता ने साहस जुटाया और अपनी मां को आपबीती सुनाई। 30 जनवरी 2026 को पीड़िता अपनी माता के साथ दुर्ग के महिला थाने पहुंची और आरोपियों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, यह शोषण अप्रैल 2018 से शुरू हुआ था और अक्टूबर 2025 तक अनवरत चलता रहा। आरोपियों ने न केवल मासूमियत का फायदा उठाया, बल्कि उसे डरा-धमकाकर इतने लंबे समय तक खामोश रहने पर मजबूर किया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्राथमिकी दर्ज की।
लगातार 8 वर्षों तक हुए इस अमानवीय कृत्य ने पीड़िता को मानसिक और शारीरिक रूप से पूरी तरह तोड़ कर रख दिया है। मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि इतने लंबे समय तक चले यौन शोषण से उबरने में पीड़िता को लंबा वक्त और उचित काउंसलिंग की आवश्यकता होगी। दुर्ग पुलिस प्रशासन ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विशेष टीम का गठन किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी तरह से संवेदनशीलता और विधि अनुसार की जा रही है ताकि पीड़िता को त्वरित न्याय मिल सके और समाज में एक कड़ा संदेश जाए।
शिकायत मिलने के चंद घंटों के भीतर ही महिला थाना पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपियों की धरपकड़ शुरू कर दी। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान विजय स्वाइन (37 वर्ष), निवासी दुर्गा नगर पश्चिम भिलाई और अनिल चौधरी (60 वर्ष), निवासी ज़ोन वन खुर्शीपार के रूप में हुई है। एक 60 वर्षीय व्यक्ति की इस घिनौने अपराध में संलिप्तता ने सामाजिक पतन की कड़वी सच्चाई को उजागर किया है।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के साथ-साथ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) के तहत मामला दर्ज किया है। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि गिरोह के अन्य चार सदस्यों के बारे में सटीक जानकारी मिल सके। पुलिस की अलग-अलग टीमें बाकी फरार आरोपियों के संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस कप्तान ने निर्देश दिए हैं कि इस मामले में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए और साक्ष्यों को मजबूती से कोर्ट के समक्ष पेश किया जाए।
यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं है, बल्कि हमारे सामाजिक परिवेश पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न है। आखिर 8 साल तक एक मासूम के साथ यह सब होता रहा और किसी को कानो-कान खबर नहीं हुई? स्थानीय निवासियों ने दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की है। दुर्ग पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे इस कठिन समय में पीड़िता की पहचान गोपनीय रखें और जांच में सहयोग करें।
Read More : Google Chrome AI Agent 2026: गूगल क्रोम बना इंसान जैसा स्मार्ट, अब आपकी उंगलियों को मिलेगा पूरा आराम
Ambikapur Congress : छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग के मुख्यालय अंबिकापुर में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो…
CSK vs MI Today : आईपीएल 2026 का रोमांच अपने चरम पर है और सीजन…
Trump Iran Post : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी बेबाक शैली और कूटनीतिक संदेश देने…
Women's T20 World Cup 2026 : आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 की उलटी गिनती…
Ghana US Health Deal : पश्चिम अफ्रीकी देश घाना ने राष्ट्रीय सुरक्षा और नागरिकों की…
Namaz in Public : इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने सार्वजनिक स्थानों और खुले में नमाज अदा…
This website uses cookies.