Durg Crime : छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में जमीन विवाद से जुड़े एक मामले में मोहन नगर थाना पुलिस ने एक प्रॉपर्टी डीलर को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी पर एक परिवार को कथित रूप से धमकाकर उनकी मूल्यवान जमीन पर अवैध कब्जा करने का प्रयास करने का आरोप है। पीड़ित परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई की और आरोपी लाखन सिंह को हिरासत में ले लिया। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और पुलिस सभी तथ्यों की पड़ताल कर रही है।

परिवार ने धमकी और दबाव बनाने का लगाया आरोप
पीड़ित परिवार की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि प्रॉपर्टी डीलर लगातार उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था और डर का माहौल बनाकर जमीन पर कब्जा करना चाहता था। शिकायत के अनुसार, आरोपी की गतिविधियों से परिवार के सदस्य, विशेषकर महिलाएं और बच्चे, भयभीत थे। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद प्राथमिक जांच की और प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को दी गई थी लिखित शिकायत
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि 27 जुलाई को प्रविंदर सिंह चाने ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, दुर्ग को लिखित शिकायत सौंपी थी। शिकायत में कहा गया था कि आरोपी लाखन सिंह लगातार उनके परिवार को धमका रहा है और उनकी जमीन पर अवैध कब्जा करने का प्रयास कर रहा है। शिकायत की जांच के बाद मोहन नगर थाना पुलिस ने अपराध क्रमांक 533/2026 दर्ज किया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 296, 351(2) और 308(2) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी।
हर पहलू की गहन जांच में जुटी पुलिस
एएसपी मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले के प्रत्येक पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान यदि किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका या संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित जमीन विवाद के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा पूरी घटना की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं।
जमीन के पांच हिस्सेदारों के बीच चल रहा विवाद
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि संबंधित जमीन के कुल पांच मालिक हैं और प्रत्येक के पास 20-20 प्रतिशत हिस्सेदारी है। पुलिस के अनुसार, विवाद इस बात को लेकर है कि चार हिस्सेदार मिलकर पांचवें हिस्सेदार की जमीन पर कब्जा करना चाहते थे। इसी विवाद के चलते दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ था। पुलिस अब जमीन के स्वामित्व, दस्तावेजों और सभी संबंधित पक्षों के बयानों की जांच कर रही है, ताकि पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
पहले भी हो चुका है जानलेवा हमला
जांच के दौरान पुलिस को यह जानकारी भी मिली है कि इसी जमीन विवाद को लेकर पहले पांचवें हिस्सेदार पर जानलेवा हमला किया जा चुका है। हालांकि, उस हमले के पीछे किन लोगों की भूमिका थी, इसकी जांच अभी जारी है। पुलिस पुराने मामले और वर्तमान शिकायत के बीच संबंधों की भी पड़ताल कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि दोनों घटनाएं आपस में जुड़ी पाई जाती हैं तो जांच का दायरा और विस्तृत किया जाएगा।
पुलिस ने नागरिकों से की महत्वपूर्ण अपील
दुर्ग पुलिस ने इस मामले के बाद आम नागरिकों से अपील की है कि वे भूमि संबंधी किसी भी विवाद का समाधान केवल कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से करें। यदि कोई व्यक्ति धमकी, दबाव, फर्जी दस्तावेज या अन्य अवैध तरीकों से जमीन पर कब्जा करने का प्रयास करता है, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि जमीन विवाद से जुड़े मामलों में पारदर्शी जांच और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करना पुलिस की प्राथमिकता है, ताकि लोगों का कानून व्यवस्था पर विश्वास बना रहे।
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