Durg Murder Case : छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। शनिवार की सुबह दुर्ग का कातुलबोर्ड इलाका चीख-पुकार से गूंज उठा। यहाँ स्थित एसटीएफ (STF) कॉलोनी में एक 25 वर्षीय युवती ने प्रतिशोध और सनक की सारी हदें पार करते हुए अपने कथित प्रेमी के परिवार पर जानलेवा हमला कर दिया। इस वीभत्स हत्याकांड में एक महिला और उसके 9 साल के मासूम बेटे की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो अन्य बच्चियां अस्पताल में अपनी आखिरी सांसों के लिए संघर्ष कर रही हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी महिला को हिरासत में ले लिया है।

सुबह-सुबह मौत बनकर पहुंची सरोजनी भारद्वाज
यह खौफनाक मंजर शनिवार सुबह करीब 7:30 से 8:00 बजे के बीच का है। एसटीएफ कॉलोनी के डी-15 भवन की तीसरी मंजिल पर रहने वाली रीना यादव अपने तीन बच्चों के साथ रोजमर्रा के कामों में व्यस्त थीं। तभी आरोपी सरोजनी भारद्वाज उनके घर पहुंची। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि सरोजनी के इरादे कितने खतरनाक हैं। वह सीधे रीना के फ्लैट में दाखिल हुई और देखते ही देखते घर के भीतर का माहौल तनावपूर्ण हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो आरोपी के चेहरे पर कोई पछतावा नहीं था और वह पहले से ही हत्या की साजिश रचकर आई थी।
पति की अनुपस्थिति का उठाया फायदा
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी ने वारदात के लिए उस समय को चुना जब घर का मुखिया मौजूद नहीं था। रीना यादव के पति ललितेश यादव, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के निवासी हैं और वर्तमान में जगदलपुर में कार्यरत हैं, उस समय घर पर नहीं थे। वे अपने परिवार के साथ घर जाने के लिए रेलवे स्टेशन पर टिकट रिजर्वेशन कराने गए हुए थे। अपराधी सरोजनी को शायद इस बात की जानकारी थी, इसलिए उसने ललितेश के घर से निकलते ही अपनी योजना को अंजाम दिया।
टीवी की आवाज तेज कर शुरू किया कत्लेआम
घर में घुसते ही सरोजनी और रीना के बीच पुरानी रंजिश या प्रेम संबंधों को लेकर तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर आरोपी ने एक बेहद शातिर चाल चली; उसने कमरे में लगे टेलीविजन की आवाज को बहुत तेज कर दिया ताकि घर के भीतर से आने वाली चीखें पड़ोसियों तक न पहुंच सकें। इसके बाद सरोजनी ने अपना आपा खो दिया और घर में रखे एक धारधार चाकू से रीना यादव पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। रीना को संभलने का मौका तक नहीं मिला और वह लहूलुहान होकर गिर पड़ीं।
मासूमों पर भी नहीं आया रहम: 14 बार किए चाकू से वार
मां को खून से लथपथ देख जब बच्चे चिल्लाने लगे, तो हैवान बनी सरोजनी ने उन मासूमों को भी नहीं बख्शा। चौथी कक्षा में पढ़ने वाले 9 वर्षीय आदित्य पर आरोपी ने इतनी बेरहमी दिखाई कि उस पर 12 से 14 बार वार किए। मासूम आदित्य की मौके पर ही तड़प-तड़प कर जान चली गई। इसके बाद उसने 11 साल की नैना और 10 साल की तनु को निशाना बनाया। बच्चियां अपनी जान की भीख मांगती रहीं, मां भी तड़पते हुए गुहार लगाती रही, लेकिन सरोजनी पर खून सवार था। उसने दोनों बच्चियों के पेट और गले पर कई बार वार किए।
बाथरूम में भी नहीं मिली सुरक्षा
दहशत का आलम यह था कि एक बच्ची अपनी जान बचाने के लिए भागकर बाथरूम में छिप गई थी और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया था। लेकिन सरोजनी की सनक इतनी गहरी थी कि उसने बच्ची को वहां से घसीटकर बाहर निकाला और उस पर भी वार किए। जब पड़ोसियों ने संदिग्ध हलचल और दबी हुई आवाजें सुनीं, तो वे मदद के लिए दौड़े। वहां का नजारा देखकर सबकी रूह कांप गई—सामने सरोजनी हाथ में खून से सना चाकू लिए खड़ी थी। पड़ोसियों को आता देख वह मौके से फरार होने की कोशिश करने लगी, लेकिन सूचना मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया।
अस्पताल में मातम और पुलिस की कार्रवाई
आनन-फानन में सभी घायलों को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने रीना यादव और उनके पुत्र आदित्य को मृत घोषित कर दिया। घायल बेटियों की स्थिति अभी भी बेहद नाजुक बनी हुई है और वे वेंटिलेटर पर हैं। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटा लिए हैं और आरोपी सरोजनी भारद्वाज से कड़ी पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला अवैध संबंधों और ईर्ष्या से उपजी रंजिश का परिणाम लग रहा है। इस घटना ने एक हंसते-खेलते परिवार को पूरी तरह उजाड़ दिया है और पूरे दुर्ग शहर में मातम पसरा हुआ है।


















