E-20 Petrol Update : E-20 पेट्रोल पर सरकार की बड़ी स्वीकारोक्ति, पुरानी गाड़ियों में बदलने पड़ सकते हैं कुछ पार्ट्स

E-20 Petrol Update :  केंद्र सरकार ने पहली बार आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया है कि ई-20 पेट्रोल (20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित ईंधन) का उपयोग कुछ पुरानी गाड़ियों के पुर्जों पर प्रभाव डाल सकता है। राज्यसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि बीएस-3 मानक के अंतर्गत आने वाले कुछ पुराने वाहनों में ई-20 के इस्तेमाल के बाद रबर से बने कुछ हिस्सों और गैस्केट को बदलने की आवश्यकता पड़ सकती है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इससे वाहन के इंजन या उसकी मूल कार्यक्षमता पर कोई गंभीर असर नहीं पड़ता।

ads

किन वाहनों पर पड़ सकता है प्रभाव?

सरकार के अनुसार, वर्ष 2005 से 2016 के बीच निर्मित बीएस-3 मानक वाले दोपहिया और चारपहिया वाहन इस श्रेणी में आते हैं। इन वाहनों में फ्यूल सिस्टम के कुछ पुराने रबर कंपोनेंट लंबे समय तक एथेनॉल मिश्रित ईंधन के संपर्क में रहने के कारण प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे मामलों में नियमित सर्विसिंग के दौरान संबंधित पार्ट्स को बदलना पर्याप्त होगा और इंजन में किसी बड़े तकनीकी बदलाव की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

Adst

वाहन की परफॉर्मेंस पर नहीं मिलेगा बड़ा असर

नितिन गडकरी ने कहा कि विभिन्न संस्थानों द्वारा किए गए परीक्षणों में यह सामने आया है कि ई-20 पेट्रोल के उपयोग से वाहन की कुल परफॉर्मेंस, टिकाऊपन या इंजन की क्षमता पर कोई बड़ा नकारात्मक प्रभाव नहीं देखा गया। उन्होंने बताया कि यदि समय-समय पर आवश्यक रखरखाव किया जाए तो वाहन सामान्य रूप से चलता रहेगा और किसी अतिरिक्त तकनीकी संशोधन की जरूरत नहीं होगी।

किन संस्थानों ने किया परीक्षण?

सरकार ने बताया कि ई-20 ईंधन को लेकर व्यापक अध्ययन इंडियन ऑयल, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम (IIP), सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) और ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) द्वारा किया गया। इन संस्थानों ने दोपहिया और चारपहिया वाहनों पर परीक्षण कर यह निष्कर्ष निकाला कि उचित रखरखाव के साथ ई-20 ईंधन का उपयोग सुरक्षित है।

माइलेज केवल ईंधन से तय नहीं होता

मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी वाहन का माइलेज केवल इस्तेमाल किए जाने वाले ईंधन पर निर्भर नहीं करता। ड्राइविंग स्टाइल, सड़क की गुणवत्ता, वाहन की नियमित सर्विसिंग, इंजन की स्थिति और अन्य कई तकनीकी कारक भी ईंधन दक्षता को प्रभावित करते हैं। उन्होंने कहा कि एथेनॉल मिश्रित ईंधन का उपयोग दुनिया के कई देशों में लंबे समय से किया जा रहा है।

किन पुर्जों को बदलने की जरूरत पड़ सकती है?

सरकार के अनुसार, जिन हिस्सों पर असर पड़ने की संभावना है उनमें फ्यूल पाइप, ओ-रिंग, रबर सील, फ्यूल होज, गैस्केट, फ्यूल पंप के रबर कंपोनेंट और इंजेक्टर सील शामिल हैं। ये सभी पार्ट्स मुख्य रूप से फ्यूल सिस्टम का हिस्सा होते हैं, न कि इंजन के मुख्य मैकेनिकल हिस्से।

रबर पार्ट्स पर क्यों पड़ता है असर?

विशेषज्ञों के मुताबिक, एथेनॉल पुराने प्रकार के रबर पर लंबे समय तक असर डाल सकता है। इससे रबर सख्त, मुलायम या फूल सकता है, जिससे रिसाव जैसी समस्याएं पैदा होने की आशंका रहती है। पुराने वाहनों में लगे रबर कंपोनेंट उस समय तैयार किए गए थे, जब एथेनॉल मिश्रित ईंधन का व्यापक उपयोग नहीं होता था। यही कारण है कि उनमें समय के साथ बदलाव की जरूरत पड़ सकती है।

मरम्मत का खर्च कितना आ सकता है?

रबर पार्ट्स बदलने का खर्च वाहन के मॉडल और कंपनी पर निर्भर करेगा। सामान्य तौर पर दोपहिया वाहनों में यह खर्च लगभग 500 से 1,500 रुपये तक हो सकता है, जबकि चारपहिया वाहनों में 2,000 से 8,000 रुपये तक खर्च आने की संभावना है। लग्जरी वाहनों में यह लागत अधिक हो सकती है।

सरकार ने क्या दी सलाह?

सरकार ने वाहन मालिकों को सलाह दी है कि वे अपनी गाड़ियों की नियमित सर्विसिंग कराते रहें और यदि सर्विसिंग के दौरान रबर पार्ट्स में घिसावट, रिसाव या खराबी दिखाई दे तो उन्हें समय रहते बदलवा लें। सरकार का कहना है कि उचित रखरखाव के साथ ई-20 पेट्रोल का उपयोग सुरक्षित है और इससे वाहन के इंजन को किसी बड़े नुकसान की आशंका नहीं है।

Read More  : Ramayana Part 1 Trailer : पार्ट 1′ का भव्य ट्रेलर रिलीज, भगवान राम की दिव्य झलक, रावण बने यश छाए

Adst
Chandan Das

Chandan Das

Writer & Blogger

All Posts
Previous Post
Next Post

ताज़ा खबरे

  • All Posts
  • FIFA World Cup 2026
  • Thetarget365
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अन्य
  • अपराध
  • कारोबार
  • कृषि
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • टेक
  • ट्रेंड
  • ताज़ा खबर
  • धर्म
  • पशु-पक्षी
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय
  • विचार/लेख
  • शिक्षा और नौकरी
  • साहित्य/मीडिया
  • सेहत-फिटनेस

© 2026 | All Rights Reserved | Thetarget365.com | Made By Top News Portal Development Company

Contacts

Call Us At – +91-:9406130006
WhatsApp – +91 62665 68872
Mail Us At – thetargetweb@gmail.com
Meet Us At – Shitla Ward, Ambikapur Dist. Surguja Chhattisgarh.497001.