Kidney Failure Symptoms
Kidney Failure Symptoms: दुनिया भर में गुर्दे (किडनी) से संबंधित बीमारियों के मामले बेहद तेजी से बढ़ रहे हैं। इस बीमारी की सबसे खतरनाक बात यह है कि शुरुआती चरणों में इसके लक्षण बहुत ही सूक्ष्म होते हैं, जिन्हें अक्सर लोग सामान्य थकान या छोटी-मोटी समस्या समझकर टाल देते हैं। डॉ. मोहित खिरबात ने हाल ही में एचटी (HT) से बातचीत में आगाह किया कि किडनी की खराबी के संकेतों को पहचानना जीवन रक्षक साबित हो सकता है। क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) एक ऐसी स्थिति है जो शरीर के भीतर कई सालों तक बिना किसी शोर के पनपती रहती है। यदि समय रहते इन ‘साइलेंट’ संकेतों को पकड़ लिया जाए, तो न केवल बीमारी की रफ्तार को धीमा किया जा सकता है, बल्कि डायलिसिस जैसी गंभीर स्थितियों से भी बचा जा सकता है।
जब हमारी किडनी अपनी कार्यक्षमता खोने लगती है, तो रक्त से अपशिष्ट पदार्थों और अशुद्धियों को छानने की प्रक्रिया सुस्त पड़ जाती है। इसके परिणामस्वरूप शरीर में टॉक्सिन्स (गंदे पदार्थ) जमा होने लगते हैं, जिससे व्यक्ति को हर समय थकान और कमजोरी महसूस होती है। डॉ. खिरबात के अनुसार, किडनी ‘एरिथ्रोपोइटिन’ नामक हार्मोन बनाती है जो लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में मदद करता है। इसकी कमी से एनीमिया हो जाता है, जिससे थोड़ी सी मेहनत करने पर भी सांस फूलने लगती है और एकाग्रता में कमी आने लगती है। इसे महज काम का तनाव मानकर नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।
पेशाब की आदतों में किसी भी तरह का असामान्य बदलाव किडनी की सेहत का आईना होता है। यदि आपको रात में बार-बार पेशाब के लिए उठना पड़ रहा है, या यूरिन में बहुत अधिक झाग (Foam) दिख रहा है, तो यह प्रोटीन के रिसाव का संकेत हो सकता है। इसके अलावा, यूरिन का रंग गहरा होना या उसमें खून के अंश दिखना अत्यंत गंभीर संकेत हैं। ये लक्षण बताते हैं कि किडनी के फिल्टर (नेफ्रॉन्स) क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। अक्सर लोग इसे केवल संक्रमण (UTI) समझ लेते हैं, जबकि यह किडनी फेलियर की शुरुआती चेतावनी हो सकती है।
किडनी का मुख्य कार्य शरीर में तरल पदार्थों और सोडियम के संतुलन को बनाए रखना है। जब किडनी ठीक से काम नहीं करती, तो शरीर में पानी जमा होने लगता है, जिसे मेडिकल भाषा में ‘एडिमा’ कहा जाता है। इसके कारण आंखों के आसपास सुबह के समय सूजन (Puffiness), टखनों में भारीपन और पैरों में सूजन दिखाई देने लगती है। कई बार लोग इसे ज्यादा देर खड़े रहने या नमक ज्यादा खाने का नतीजा मान लेते हैं, लेकिन यह संकेत है कि आपकी किडनी अतिरिक्त पानी को बाहर निकालने में असमर्थ हो रही है।
बिना किसी स्पष्ट चर्म रोग के शरीर में लगातार खुजली होना किडनी की बीमारी का एक कम चर्चित लेकिन महत्वपूर्ण लक्षण है। जब किडनी खून में कैल्शियम और फास्फोरस जैसे खनिजों का सही संतुलन नहीं बना पाती, तो त्वचा सूखी, परतदार और खुजलीदार हो जाती है। शरीर में यूरिया और अन्य टॉक्सिन्स का स्तर बढ़ने से त्वचा पर रैशेज भी आ सकते हैं। यदि लोशन या क्रीम लगाने के बाद भी खुजली शांत नहीं हो रही है, तो यह संकेत है कि समस्या त्वचा की सतह पर नहीं, बल्कि शरीर के अंदर किडनी में है।
खून में अपशिष्ट पदार्थों (Uremia) की मात्रा बढ़ने का सीधा असर व्यक्ति की भूख और स्वाद पर पड़ता है। मरीजों को अक्सर जी मिचलाना, उल्टी जैसा महसूस होना या सुबह के समय मतली की शिकायत रहती है। इसके अलावा, मुंह का स्वाद धातु (Metallic taste) जैसा हो जाना और सांसों से दुर्गंध आना भी किडनी की खराबी के लक्षण हैं। इन लक्षणों को अक्सर ‘गैस्ट्रिक समस्या’ समझकर लोग घरेलू नुस्खे अपनाते रहते हैं, जिससे सही इलाज में देरी हो जाती है और किडनी को अधिक नुकसान पहुँचता है।
Bilaspur Bird Flu Alert: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से एक चिंताजनक खबर सामने आई है,…
AIADMK Election Manifesto: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 की सरगर्मियों के बीच ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़…
Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि 2026 के सातवें दिन को 'महासप्तमी' के रूप में अत्यंत…
Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि 2026 के पावन अवसर पर सातवां दिन मां दुर्गा के…
Ambikapur Airport: छत्तीसगढ़ के सरगुजा अंचल के निवासियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई…
Love Affair Case: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने…
This website uses cookies.