Earthquake in Chile: चिली में एक बार फिर धरती कांपी है। 18 जुलाई 2025 को सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.7 मापी गई। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) के अनुसार, भूकंप का केंद्र धरती से 49 किलोमीटर (30 मील) नीचे रहा। हालांकि किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन सरकार ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
यह जुलाई महीने में चिली में आया चौथा भूकंप है। इससे पहले 1, 4 और 8 जुलाई को भी भूकंप आ चुके हैं। 1 जुलाई को वालपाराइसो के पास 5.5 तीव्रता का, 4 जुलाई को रानकागुआ में 3.4 और 8 जुलाई को एंटोफागास्टा के पास 2.9 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। इस बार का झटका तुलनात्मक रूप से ज्यादा तीव्र था, लेकिन कोई नुकसान नहीं हुआ है।
रायटर्स की रिपोर्ट बताती है कि चिली एक भूकंप-संवेदनशील क्षेत्र में स्थित है, जिसे ‘रिंग ऑफ फायर’ कहा जाता है। यह क्षेत्र प्रशांत महासागर के चारों ओर फैला है और दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय जोनों में से एक है। चिली में नाज्का प्लेट, दक्षिण अमेरिकी प्लेट के नीचे खिसकती है, जिसे सबडक्शन कहा जाता है। यह हर साल लगभग 7 सेंटीमीटर की दर से खिसकती है, जिससे लगातार भूकंप आते हैं।
2025 में अब तक चिली और उसके आसपास करीब 4600 भूकंप आ चुके हैं, जिनकी तीवता 2 से 5 के बीच रही है। हालिया भूकंपों के बावजूद राहत की बात यह है कि किसी भी घटना में अब तक बड़ी जनहानि की खबर नहीं आई है।
18 जुलाई 2024 को चिली में 7.4 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था। इसका केंद्र सैन पेड्रो डे अटाकामा के पास था, जो चिली की पूर्वी सीमा पर स्थित है और बोलीविया, पैराग्वे और अर्जेंटीना से सटा हुआ है। उस समय भूकंप के झटके इन पड़ोसी देशों में भी महसूस किए गए थे। केंद्र की गहराई 70 मील से ज्यादा थी, इसलिए तरंगें कम नुकसानदायक रहीं। हालांकि सड़कें बंद हुईं, मलबा गिरा, लेकिन कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ था। चिली के राष्ट्रपति गैब्रियल बोरिक ने उस समय राष्ट्र को संबोधित कर स्थिति की समीक्षा की और लोगों को शांत रहने की अपील की थी।
7 जून 2025 को एक और बड़ा भूकंप चिली के कोपियापो शहर में आया था, जिसकी तीव्रता 6.4 मापी गई थी। खास बात यह रही कि जब यह भूकंप आया, तब देश की प्रसिद्ध नेता कैरोलिना तोहा एक लाइव टीवी इंटरव्यू दे रही थीं। झटके महसूस होते ही सेट पर अफरा-तफरी मच गई थी। हालांकि किसी को चोट नहीं आई।
जुलाई में लगातार चौथे भूकंप के बाद चिली सरकार ने नागरिकों को सचेत किया है और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, चिली जैसे देशों को सुनियोजित निर्माण और बेहतर बचाव तंत्र विकसित करने की जरूरत है ताकि किसी बड़े भूकंप की स्थिति में जनहानि रोकी जा सके। फिलहाल राहत की बात यह है कि 5.7 तीव्रता के इस भूकंप से कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ, लेकिन भूगर्भीय हलचलों के बढ़ते क्रम ने चिंता जरूर बढ़ा दी है।
Kitchen Gardening Tips : आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और बाजार में मिलने वाली मिलावटी…
US-Iran War : मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आ…
Earthquake in Odisha : ओडिशा के दक्षिणी हिस्से में शनिवार की रात शांति के बजाय…
Israel Iran War : मध्य पूर्व में युद्ध की आग अब बेकाबू होती जा रही…
Petrol Diesel Prices : वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी तेजी…
Jashpur Crime : छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले से मानवता को शर्मसार करने वाली एक हृदयविदारक…
This website uses cookies.