Russia Earthquake 2025: रूस के कामचटका प्रायद्वीप में शनिवार को फिर से धरती कांपी। रिक्टर स्केल पर 7.7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र पूर्वी तट से लगभग 10 किलोमीटर की गहराई में था। इस शक्तिशाली झटके के बाद 300 किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी समुद्री तटों पर सुनामी की चेतावनी जारी कर दी गई है।

भूकंप के बाद अलर्ट पर तटीय इलाके
भूकंप के बाद रूस के आपदा प्रबंधन विभाग और मौसम विज्ञान एजेंसियों ने तटीय क्षेत्रों को सतर्क रहने की सलाह दी है। कामचटका के स्थानीय प्रशासन ने समुद्र के किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने के लिए कहा है। वर्तमान में किसी के घायल होने या संपत्ति के नुकसान की कोई सूचना नहीं है।

क्यों बार-बार कांपता है कामचटका?
कामचटका प्रायद्वीप भूकंपीय रूप से अत्यधिक सक्रिय क्षेत्र माना जाता है। यह इलाका ‘रिंग ऑफ फायर’ का हिस्सा है, जहां धरती की टेक्टोनिक प्लेट्स आपस में टकराती हैं। यही वजह है कि यहां बार-बार बड़े भूकंप आते हैं।
पिछले महीने 8.8 तीव्रता का भूकंप भी इसी इलाके में आया था, जिसकी वजह से रूस, अमेरिका, जापान, हवाई, चिली, और कोस्टा रिका जैसे देशों में भी सुनामी का अलर्ट जारी किया गया था।
इतिहास दोहरा रहा है खुद को?
कामचटका में इससे पहले 1952 में 9.0 तीव्रता का भीषण भूकंप आया था, जो 20वीं सदी के सबसे शक्तिशाली भूकंपों में से एक था। उस भूकंप के कारण सुनामी आई थी, जिसमें भारी तबाही हुई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि बार-बार आने वाले ये भूकंप आने वाले समय में और भी गंभीर आपदाओं का संकेत हो सकते हैं।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
भूकंप विज्ञानियों के अनुसार, इस क्षेत्र में आने वाले भूकंप प्लेट टेक्टोनिक्स की सक्रियता का नतीजा हैं। जापान और रूस के वैज्ञानिक मिलकर इस क्षेत्र की निगरानी कर रहे हैं ताकि समय रहते सुनामी जैसी आपदाओं से बचाव किया जा सके।
कामचटका में आए इस 7.7 तीव्रता के भूकंप ने एक बार फिर इस क्षेत्र की संवेदनशीलता को उजागर कर दिया है। हालांकि अभी तक जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है, लेकिन सुनामी की चेतावनी ने लोगों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।










