Earthquake News : मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में शनिवार को भूकंप के हल्के झटके दर्ज किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (National Center for Seismology—NCS) के अनुसार, दोनों भूकंपों की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.5 मापी गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इन झटकों के कारण किसी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर सामने नहीं आई है। हालांकि, भूकंपीय गतिविधियों को लेकर संबंधित एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
तड़के सुबह 4:36 बजे आया पहला झटका
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक, शनिवार को पहला भूकंप सुबह 4 बजकर 36 मिनट और 27 सेकंड पर दर्ज किया गया। इसका केंद्र छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर शहर से लगभग 140 किलोमीटर उत्तर-उत्तर पश्चिम दिशा में जमीन के भीतर स्थित था। भूकंप की तीव्रता 3.5 दर्ज की गई। सुबह के समय भूकंपीय गतिविधि दर्ज होने के बावजूद, उपलब्ध जानकारी में किसी बड़े नुकसान या गंभीर घटना की पुष्टि नहीं हुई है।
दोपहर में मध्य प्रदेश के सिंगरौली में भूकंप
पहले झटके के कुछ घंटे बाद मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में भी भूकंप दर्ज किया गया। NCS के अनुसार, यह झटका शनिवार दोपहर 2 बजकर 12 मिनट और 35 सेकंड पर आया। इसकी तीव्रता भी रिक्टर पैमाने पर 3.5 मापी गई। भूकंप का केंद्र 24.239 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 82.502 डिग्री पूर्वी देशांतर पर दर्ज किया गया। वैज्ञानिक आंकड़ों के मुताबिक, इसका केंद्र जमीन की सतह से लगभग 10 किलोमीटर की गहराई में था।
कम तीव्रता के कारण बड़े नुकसान की सूचना नहीं
भूकंप के झटके महसूस होने पर कुछ स्थानों पर लोगों में घबराहट या अफरा-तफरी होने की बात सामने आई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार किसी मकान, इमारत या अन्य संरचना को नुकसान पहुंचने की पुष्टि नहीं हुई है। दोनों घटनाओं की तीव्रता 3.5 दर्ज होने के कारण इन्हें हल्के भूकंप के रूप में देखा जा रहा है। फिर भी, भूकंप का असर स्थानीय परिस्थितियों, केंद्र की गहराई और केंद्र से दूरी के आधार पर अलग-अलग महसूस हो सकता है।
प्रशासन की नजर, लोगों को सतर्क रहने की सलाह
भूकंप के बाद फिलहाल स्थिति सामान्य बताई गई है। संबंधित एजेंसियां भूगर्भीय गतिविधियों पर निगरानी रख रही हैं। ऐसी घटनाओं के दौरान लोगों को घबराने के बजाय सुरक्षित स्थान पर जाने और आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की सलाह दी जाती है। यदि दोबारा झटके महसूस हों, तो खिड़कियों, भारी अलमारियों और ऐसी वस्तुओं से दूर रहना चाहिए जो गिर सकती हैं। खुले स्थान पर जाने का मौका हो तो बिजली के तारों और इमारतों से दूरी बनाए रखना जरूरी है।
क्या इन झटकों के बाद फिर भूकंप आ सकता है?
भूकंप के बाद आगे कोई झटका आएगा या नहीं, इसका सटीक अनुमान केवल इन शुरुआती आंकड़ों के आधार पर नहीं लगाया जा सकता। इसलिए किसी संभावित बड़े भूकंप की आशंका जताना भी उचित नहीं होगा। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में सिंगरौली और अंबिकापुर क्षेत्र के आसपास दर्ज दोनों भूकंपों से बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं है। स्थिति से जुड़ी किसी भी नई जानकारी के लिए राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र और स्थानीय प्रशासन की आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखना उपयोगी होगा।
Read More : Surajpur Crime News : सूरजपुर में अंधे कत्ल का खुलासा, युवक की हत्या कर आरोपी ने लगाई थी फांसी, टांगी जब्त