Narayanpur-Sukma News : छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में चलाए जा रहे एंटी नक्सल ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। अदनार के घने जंगलों में एरिया डोमिनेशन और सर्चिंग के दौरान जवानों ने जमीन के नीचे छिपाकर रखा गया नक्सली हथियार और गोला-बारूद का डंप बरामद किया। बरामद सामग्री में हथियारों के साथ बड़ी मात्रा में गोला-बारूद और विस्फोटक शामिल हैं। इसी तरह सुकमा जिले में भी आत्मसमर्पण कर चुके माओवादियों से मिले इनपुट के आधार पर विस्फोटकों का जखीरा बरामद किया गया।
जमीन के नीचे छिपाकर रखा गया था नक्सली डंप
अदनार के जंगल में तलाशी अभियान के दौरान जवानों को जमीन के नीचे किसी सामग्री के दबे होने का संदेह हुआ। इसके बाद सुरक्षाबलों ने बेहद सावधानी से उस स्थान की खुदाई शुरू की। तलाशी के दौरान वहां एक बड़ा नक्सली डंप मिला। बरामद सामग्री को घने जंगल के बीच प्लास्टिक से ढककर छिपाया गया था। माना जा रहा है कि इसे नक्सली संगठन ने सुरक्षा बलों से बचाने के लिए लंबे समय से जमीन में दबाकर रखा था।
बरामद हुए हथियार और विस्फोटक
सुरक्षाबलों के अनुसार, नारायणपुर के जंगल से 10 रायफल, 2 ग्रेनेड लॉन्चर, 13 जिंदा BGL शेल, 16 जिंदा कारतूस, करीब 2 किलोग्राम विस्फोटक और एक टेलिस्कोपिक साइट बरामद की गई। बरामद सामग्री को सुरक्षा बलों ने अपने कब्जे में लेकर नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी है। जंगल में छिपाए गए इस डंप की बरामदगी को नक्सल विरोधी अभियान के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पुलिस और BSF की संयुक्त कार्रवाई
नारायणपुर में यह अभियान पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के संयुक्त प्रयास से चलाया गया। कार्रवाई पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल और 129वीं वाहिनी BSF के कमांडेंट मुकेश कुमार के निर्देशन में हुई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन अक्षय सबद्रा भी अभियान में शामिल रहे। अधिकारियों के मुताबिक, जिले के अंदरूनी और संवेदनशील इलाकों में पुलिस तथा केंद्रीय बलों के बीच बेहतर समन्वय के साथ लगातार सर्च ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं।
पुराने नक्सली डंप की तलाश जारी
सुरक्षाबलों का अभियान केवल हालिया गतिविधियों तक सीमित नहीं है। जंगलों और दुर्गम इलाकों में पहले छिपाकर रखे गए हथियारों, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री के पुराने डंप की भी तलाश की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि ऐसे डंप की बरामदगी से नक्सली नेटवर्क से जुड़ी पुरानी सामग्री को हटाने में मदद मिलेगी। साथ ही भविष्य में इन हथियारों और विस्फोटकों के इस्तेमाल से पैदा होने वाले खतरे को भी कम किया जा सकेगा।
सुकमा में भी मिला विस्फोटकों का जखीरा
सुकमा जिले में भी सुरक्षा बलों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जमीन में छिपाकर रखे गए विस्फोटक बरामद किए। कोंटा थाना क्षेत्र में बेलपोच्चो से गोमपाड़ जाने वाले रास्ते पर जवानों ने सर्चिंग के दौरान यह सामग्री बरामद की। आत्मसमर्पण कर चुके माओवादियों से मिले इनपुट के आधार पर इलाके में एरिया डोमिनेशन अभियान चलाया गया था। तलाशी के दौरान जमीन के नीचे दबाकर रखे गए दो टिफिन बम सहित अन्य विस्फोटक सामग्री मिली।
दो टिफिन बम समेत मिली सामग्री
सुकमा में बरामद सामग्री में करीब 3 किलोग्राम क्षमता का एक टिफिन बम और 5 किलोग्राम क्षमता का एक अन्य टिफिन बम शामिल है। इसके अलावा 4 बंडल कोडेक्स वायर, 10 डेटोनेटर, 17 जिलेटिन और एक बंडल फ्यूज वायर भी बरामद किया गया। सुरक्षाबलों ने विस्फोटक सामग्री को कब्जे में लेकर आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी है।
आत्मसमर्पित माओवादियों से मिला अहम इनपुट
सुकमा के एसपी मयंक गुर्जर के मुताबिक, आत्मसमर्पण कर चुके माओवादियों से मिले इनपुट के आधार पर बेलपोच्चो-गोमपाड़ के घने जंगलों में सर्चिंग की गई। इसी अभियान के दौरान दो टिफिन बम समेत विस्फोटक सामग्री बरामद हुई। उन्होंने कहा कि नक्सल विरोधी अभियान लगातार जारी रहेगा। कार्रवाई में जिला पुलिस बल, DRG और बस्तर फाइटर्स की टीमें शामिल रहीं।
पुराने IED और विस्फोटकों की भी तलाश
सुरक्षाबलों के मुताबिक, बरामद विस्फोटकों को लंबे समय पहले जमीन के नीचे छिपाकर रखा गया था। जवान लगातार क्षेत्र में सर्चिंग कर ऐसे स्थानों की पहचान कर रहे हैं। अभियान का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य जंगलों में पहले लगाए गए IED और अन्य विस्फोटक सामग्री को खोजकर इलाके को सुरक्षित बनाना भी है। अधिकारियों का कहना है कि पुराने नक्सली डंप की बरामदगी से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी।
पहले भी मिल चुके हैं कई बड़े नक्सली डंप
छत्तीसगढ़ में इस साल भी सुरक्षा बलों ने कई अभियानों के दौरान नक्सलियों के छिपे डंप बरामद किए हैं। 18 अगस्त को चिंतलनार में बड़ी मात्रा में जिलेटिन, डेटोनेटर, BGL हेड और अन्य विस्फोटक सामग्री मिली थी। जुलाई में कांकेर-नारायणपुर सीमा क्षेत्र और कांकेर में भी हथियार, विस्फोटक, लैपटॉप और अन्य सामग्री बरामद की गई थी। फरवरी में नारायणपुर के कुमुराडी जंगल क्षेत्र से भी भारी मात्रा में विस्फोटक, रॉकेट लॉन्चर सेल, मोर्टार सेल और अन्य सामान बरामद हुआ था। सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई से जंगलों में छिपे ऐसे डंप को खत्म करने का अभियान आगे भी जारी रहने की उम्मीद है।
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