Home Gardening : आज के समय में ताजी और सुरक्षित सब्जियां खरीदना कई परिवारों के लिए चिंता का विषय बन गया है। बाजार में मिलने वाली सब्जियों की खेती के दौरान कीटनाशकों और रासायनिक उत्पादों के इस्तेमाल को लेकर लोग अक्सर सावधानी बरतते हैं। यही वजह है कि अब घर की छत, बालकनी या छोटे से आंगन में किचन गार्डन बनाने का चलन बढ़ रहा है। थोड़ी सी जगह, अच्छी मिट्टी और नियमित देखभाल से कई सब्जियां घर पर उगाई जा सकती हैं।
लौकी उगाने के लिए बड़े गमले का करें इस्तेमाल
लौकी ऐसी सब्जी है जिसे घर की छत पर बड़े गमले या ग्रो बैग में आसानी से उगाया जा सकता है। इसका पौधा बेल के रूप में तेजी से फैलता है, इसलिए उसे चढ़ने के लिए मजबूत जाली, रस्सी या मचान जैसी व्यवस्था करना जरूरी होता है। इससे बेल को पर्याप्त जगह मिलती है और फल भी आसानी से विकसित होते हैं।

मिट्टी और खाद का सही मिश्रण जरूरी
लौकी के बेहतर विकास के लिए गमले में उपजाऊ मिट्टी के साथ अच्छी तरह सड़ी हुई जैविक या गोबर की खाद मिलाई जा सकती है। बीज बोने के बाद मिट्टी में हल्की नमी बनाए रखना जरूरी है, लेकिन जरूरत से ज्यादा पानी देने से बचना चाहिए। पौधे को पर्याप्त रोशनी और हवा मिलने पर कुछ समय बाद बेल पर फूल दिखाई देने लगते हैं। इसके बाद सही देखभाल से घर में लौकी की तुड़ाई की जा सकती है।

पालक को कम जगह में भी उगाना है आसान
पालक घर के किचन गार्डन के लिए बेहद सुविधाजनक पत्तेदार सब्जी है। इसे छोटे गमले, ट्रे या ग्रो बैग में भी उगाया जा सकता है। पालक के बीजों को लगभग एक से दो सेंटीमीटर गहराई में बोना बेहतर रहता है। बीजों के ऊपर मिट्टी की हल्की परत डालकर पानी का छिड़काव करें। कुछ ही दिनों में छोटे पौधे निकलने लगते हैं।
पालक के लिए धूप और नियमित पानी जरूरी
पालक को अच्छी रोशनी की जरूरत होती है, इसलिए गमले को ऐसी जगह रखना चाहिए जहां दिन में कुछ घंटे धूप पहुंच सके। मिट्टी सूखने लगे तो हल्का पानी दें और जलभराव से बचाएं। जब पौधे पर्याप्त बड़े हो जाएं, तब ऊपर की पत्तियों को कैंची से काटकर उपयोग किया जा सकता है। नीचे का हिस्सा छोड़ देने पर पौधा दोबारा नई पत्तियां निकाल सकता है।

मेथी घर पर उगाने की सबसे आसान सब्जियों में शामिल
मेथी भी घरेलू गार्डनिंग के लिए बेहद आसान विकल्प है। इसकी पत्तियां भोजन का स्वाद और खुशबू बढ़ाने के साथ कई भारतीय व्यंजनों में इस्तेमाल होती हैं। मेथी उगाने के लिए बाजार से मिलने वाले अच्छे गुणवत्ता वाले बीज इस्तेमाल किए जा सकते हैं। कुछ लोग घर में रखे साबुत मेथी दानों से भी पौधे तैयार करते हैं, लेकिन अंकुरण के लिए बीज की गुणवत्ता ठीक होना जरूरी है।
गमले में बीज बिखेरकर उगा सकते हैं मेथी
मेथी लगाने के लिए गमले या ग्रो बैग में भुरभुरी मिट्टी भरें और बीजों को पूरे क्षेत्र में समान रूप से फैला दें। इसके ऊपर बहुत मोटी मिट्टी की परत न डालें। हल्की मिट्टी डालकर पानी का छिड़काव करें और मिट्टी में नमी बनाए रखें। सामान्य तौर पर अनुकूल मौसम में कुछ ही दिनों में हरे अंकुर निकल आते हैं और पौधे तेजी से बढ़ने लगते हैं।
15 से 20 दिन में मेथी की पहली कटाई संभव
ठंडे या हल्के मौसम में मेथी का विकास तेजी से हो सकता है। अच्छी देखभाल मिलने पर लगभग 15 से 20 दिनों में इसकी कोमल पत्तियां कटाई के लायक हो सकती हैं। इन्हें सब्जी, पराठे, पूड़ी या अन्य व्यंजनों में इस्तेमाल किया जा सकता है। पहली कटाई के बाद पौधे की बची हुई जड़ों और तने से नई पत्तियां भी निकल सकती हैं।
घर की सब्जियों से ताजगी के साथ घट सकता है खर्च
लौकी, पालक और मेथी जैसी सब्जियां घर पर उगाने से किचन गार्डन की शुरुआत आसान हो सकती है। इससे परिवार को ताजा सब्जियों का विकल्प मिलता है और बाजार से हर बार सब्जियां खरीदने की जरूरत कुछ हद तक कम हो सकती है। हालांकि घर पर उगाई गई सब्जियों को भी पूरी तरह सुरक्षित रखने के लिए मिट्टी, खाद, पानी और कीट नियंत्रण में सही तरीकों का इस्तेमाल करना जरूरी है।
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