CG Yoga Teacher Recruitment : छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश में योग के विस्तार और इसे स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाने का फैसला किया है। बैठक के बाद स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया कि सरकार योग को केवल व्यायाम तक सीमित रखने के बजाय वेलनेस और स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़कर व्यापक स्तर पर लागू करने की तैयारी कर रही है। इसके तहत प्रदेश के अलग-अलग संस्थानों और स्वास्थ्य केंद्रों में योग से जुड़ी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
पहले चरण में 1800 योग शिक्षकों की होगी व्यवस्था
सरकार की योजना के तहत प्रदेश में पहले चरण में करीब 1800 योग शिक्षकों की नियुक्ति या व्यवस्था की जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक, संबंधित अधिकारियों को इस दिशा में आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। इन योग शिक्षकों की मदद से स्कूलों, छात्रावासों और अन्य संस्थानों में नियमित योग प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की योजना है। इससे बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को योग से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
स्कूलों में होगी नियमित योग की एक कक्षा
सरकार के फैसले के अनुसार प्रदेश के सभी स्कूलों में योग की एक अलग कक्षा संचालित करने की योजना बनाई गई है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को कम उम्र से ही योग की नियमित आदत से जोड़ना है। योग कक्षाओं के माध्यम से बच्चों को विभिन्न आसनों, प्राणायाम और शारीरिक गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जा सकता है। सरकार का मानना है कि इससे विद्यार्थियों में फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली को लेकर जागरूकता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
छात्रावासों में बच्चों को भी मिलेगा योग प्रशिक्षण
स्कूलों के साथ प्रदेश के छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों को भी योग प्रशिक्षण देने की तैयारी है। इसके लिए आवश्यकता के अनुसार प्रशिक्षकों की व्यवस्था की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, छात्रावासों में नियमित योग गतिविधियों से बच्चों को शारीरिक सक्रियता के साथ मानसिक एकाग्रता बढ़ाने वाली गतिविधियों से भी जोड़ा जा सकेगा। पहले चरण में योग शिक्षकों की व्यवस्था इसी व्यापक योजना का हिस्सा है।
वेलनेस सेंटरों में योग आधारित उपचार पर जोर
छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के सभी वेलनेस सेंटरों में योग के माध्यम से उपचार और स्वास्थ्य प्रबंधन की दिशा में भी काम करेगी। सरकार की योजना है कि इन केंद्रों पर लोगों को योग से जुड़ी गतिविधियों और स्वास्थ्य संबंधी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए। इससे वेलनेस सेंटरों को केवल सामान्य स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित रखने के बजाय जीवनशैली से जुड़े विषयों पर भी केंद्रित किया जा सकेगा।
नेचुरोपैथी कॉलेज में शुरू होगा योग का संचालन
प्रदेश में संचालित चार नेचुरोपैथी महाविद्यालयों में से एक में योग का संचालन शुरू करने की योजना भी बनाई गई है। इस पहल के जरिए योग और प्राकृतिक चिकित्सा के बीच समन्वय बढ़ाने की कोशिश की जाएगी। इससे योग से संबंधित प्रशिक्षण, अध्ययन और स्वास्थ्य उपयोग के लिए एक संस्थागत आधार विकसित करने में मदद मिल सकती है। सरकार योग को स्वास्थ्य व्यवस्था का हिस्सा बनाने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम मान रही है।
फिटनेस के साथ स्वस्थ जीवनशैली पर फोकस
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि योग को आम लोगों तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। योग के माध्यम से लोगों को शारीरिक सक्रियता, संतुलित जीवनशैली और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने की कोशिश की जाएगी। सरकार की योजना में शैक्षणिक संस्थानों, वेलनेस सेंटरों और नेचुरोपैथी संस्थानों को एक साथ जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।
योग को जन-जन तक पहुंचाने की योजना
सरकार की इस पहल का दायरा केवल शहरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में लागू करने की तैयारी है। स्कूलों और छात्रावासों में कक्षाओं के अलावा स्वास्थ्य केंद्रों और अन्य संस्थानों के माध्यम से भी लोगों को योग से जोड़ने की योजना है। इससे योग को नियमित स्वास्थ्य अभ्यास के रूप में बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा।
प्रशिक्षकों की उपलब्धता से योजना को मिलेगा आधार
सरकार की योजना में योग शिक्षकों की संख्या बढ़ाना अहम हिस्सा है। पर्याप्त प्रशिक्षक उपलब्ध होने से स्कूलों और छात्रावासों में नियमित कक्षाएं संचालित करने में मदद मिलेगी। साथ ही वेलनेस सेंटरों में योग संबंधी गतिविधियों को व्यवस्थित तरीके से शुरू करने की संभावना भी बढ़ेगी। 1800 योग शिक्षकों की व्यवस्था को इसी उद्देश्य से जोड़कर देखा जा रहा है।
योग के जरिए स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने का लक्ष्य
छत्तीसगढ़ सरकार का कहना है कि योग को शैक्षणिक और स्वास्थ्य संस्थानों से जोड़ने का उद्देश्य लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। स्कूल स्तर से योग की शुरुआत होने पर बच्चों और युवाओं में फिटनेस संबंधी आदतें विकसित करने का प्रयास किया जा सकता है। वहीं वेलनेस सेंटरों के माध्यम से आम नागरिकों तक योग आधारित स्वास्थ्य गतिविधियों को पहुंचाने की तैयारी है।
आने वाले चरणों में बढ़ सकता है दायरा
पहले चरण में 1800 योग शिक्षकों की व्यवस्था, स्कूलों और छात्रावासों में योग कक्षाएं, वेलनेस सेंटरों में योग आधारित सेवाएं और नेचुरोपैथी संस्थान में योग संचालन की योजना बनाई गई है। आगे चलकर सरकार इस व्यवस्था का दायरा और बढ़ा सकती है। फिलहाल इन फैसलों को प्रदेश में योग को संस्थागत रूप से बढ़ावा देने और स्वास्थ्य सेवाओं के साथ जोड़ने की दिशा में उठाए गए कदम के तौर पर देखा जा रहा है।
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