रायपुर @thetarget365 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में शिक्षा, संस्कृति, उद्योग और निवेश जैसे क्षेत्रों में दूरगामी प्रभाव डालने वाले कई अहम निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने ‘मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान’ के शुभारंभ, कलाकारों और साहित्यकारों की पेंशन में वृद्धि, औद्योगिक भूमि आबंटन नियमों में संशोधन और नई औद्योगिक नीति 2024-30 में व्यापक बदलाव को स्वीकृति दी। ये फैसले राज्य के शिक्षा स्तर, आर्थिक विकास और सांस्कृतिक सशक्तिकरण को मजबूती प्रदान करेंगे।
राज्य के शासकीय विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने, पालक-शिक्षक सहभागिता बढ़ाने और विद्यार्थियों की उपलब्धियों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से ‘मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान’ की शुरुआत की जाएगी। इस अभियान के तहत स्कूलों का सामाजिक अंकेक्षण कर ग्रेडिंग की जाएगी, कमजोर स्कूलों की मॉनिटरिंग की जाएगी और मॉडल स्कूलों का भ्रमण कराया जाएगा। पालक-शिक्षक बैठकें नियमित रूप से होंगी और शिक्षण पद्धति में नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।
वित्तीय संकट से जूझ रहे राज्य के कलाकारों और साहित्यकारों के लिए मासिक वित्तीय सहायता (पेंशन) को 2000 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। यह वृद्धि 12 वर्षों बाद की गई है। इससे 162 पंजीकृत लाभार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा और राज्य सरकार पर 58.32 लाख रुपये का अतिरिक्त वार्षिक व्यय आएगा।
औद्योगिक निवेश को सुगम बनाने और भूमि आबंटन को पारदर्शी बनाने हेतु ‘छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम, 2015’ में संशोधन को मंजूरी दी गई। इससे उद्योगपतियों को आवंटन प्रक्रिया बेहतर ढंग से समझने और लाभ उठाने में सुविधा मिलेगी।
राज्य की नई औद्योगिक नीति में रोजगार को केंद्र में रखते हुए कई नए संशोधन किए गए हैं। इसके अंतर्गत:
स्थानीय रोजगार को प्राथमिकता: छत्तीसगढ़ के युवाओं को नौकरी देने वाली कंपनियों को प्रोत्साहन मिलेगा।
आधुनिक खेती को बढ़ावा: हाइड्रोपोनिक, ऐयरोपोनिक, ऑटोमेशन एवं IoT आधारित खेती को प्रोत्साहन मिलेगा।
खेल और शिक्षा को बढ़ावा: खेल अकादमी, निजी प्रशिक्षण केंद्र और गुणवत्तापूर्ण विश्वविद्यालयों को सहायता मिलेगी।
पर्यटन क्षेत्र को गति: बस्तर व सरगुजा में होटल एवं रिसॉर्ट परियोजनाओं की न्यूनतम निवेश सीमा घटाई गई।
टेक्सटाइल सेक्टर को दोहरा प्रोत्साहन: कपड़ा उद्योग को 200% तक प्रोत्साहन मिलेगा।
लॉजिस्टिक हब की दिशा में पहल: एकीकृत लॉजिस्टिक नीति लाकर व्यापार को सुविधाजनक बनाया जाएगा।
दिव्यांगजनों को विशेष लाभ: उनकी परिभाषा विस्तारित कर अधिक योजनाओं से जोड़ने का निर्णय।
निजी औद्योगिक पार्क और रक्षा/एयरोस्पेस सेक्टर को बढ़ावा: विशेष पैकेज और अधोसंरचना सहायता दी जाएगी।
इज ऑफ लिविंग को बढ़ावा: नए स्कूल और मिनी मॉल को थ्रस्ट सेक्टर में सम्मिलित किया गया है।
राज्य सरकार के इन निर्णयों को प्रदेश के विकास के नए अध्याय के रूप में देखा जा रहा है, जिससे शिक्षा, कला, उद्योग और रोजगार में समग्र वृद्धि सुनिश्चित की जा सकेगी।
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