Elvish Yadav Snake Venom Case
Elvish Yadav Snake Venom Case: मशहूर यूट्यूबर और ‘बिग बॉस ओटीटी’ विजेता एल्विश यादव के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने सांप के जहर से जुड़े कथित विवाद में एल्विश के खिलाफ चल रही सभी आपराधिक कार्यवाहियों को पूरी तरह रद्द करने का आदेश दिया है। जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस एन. कोटिस्वर सिंह की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि एल्विश के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी (FIR) और शिकायत कानूनी रूप से टिकने योग्य नहीं है। इस फैसले के साथ ही पिछले कई महीनों से चल रहा कानूनी विवाद अब समाप्त हो गया है।
यह पूरा मामला नवंबर 2023 का है, जब नोएडा पुलिस ने एक रेव पार्टी में सांपों के जहर के कथित इस्तेमाल की सूचना पर छापेमारी की थी। आरोप लगा था कि इस पार्टी में मनोरंजन के लिए प्रतिबंधित सांपों के जहर का सेवन किया गया था। इसी जांच के आधार पर 17 मार्च 2024 को एल्विश यादव को गिरफ्तार किया गया था। उन पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। हालांकि, शुरुआत से ही एल्विश इन आरोपों को निराधार बताते रहे थे।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने मनोरंजन के लिए बेजुबान जानवरों के इस्तेमाल पर कड़ी नाराजगी जताई थी। पिछले महीने की सुनवाई में बेंच ने एल्विश को नसीहत देते हुए कहा था कि मशहूर हस्तियों को जानवरों के साथ ऐसा व्यवहार नहीं करना चाहिए जिससे समाज में गलत संदेश जाए। कोर्ट ने सवाल किया था कि क्या कोई भी व्यक्ति चिड़ियाघर में जाकर जानवरों के साथ खेल सकता है? क्या यह अपराध की श्रेणी में नहीं आएगा? अदालत ने स्पष्ट किया कि वन्यजीवों का संरक्षण हर नागरिक की जिम्मेदारी है, विशेषकर उनके लिए जिनके लाखों प्रशंसक हैं।
एल्विश यादव की ओर से पेश वकील ने अदालत में मजबूती से अपना पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि एल्विश केवल गायक फाजिलपुरिया के एक वीडियो शूट में अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि मौके से न तो कोई नशीला पदार्थ बरामद हुआ और न ही एल्विश के पास से कोई सांप मिला। सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि जांच के दौरान पकड़े गए नौ सांपों में से किसी में भी जहर की ग्रंथियां (Venom Glands) नहीं पाई गईं। वकील ने कहा कि बिना किसी पुख्ता सबूत या सीधी कड़ी के उनके मुवक्किल को इस मामले में घसीटा गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले 6 अगस्त 2023 को निचली अदालत में चल रही कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगा दी थी। पुलिस की चार्जशीट में दावा किया गया था कि विदेशी नागरिकों सहित कई लोग इन पार्टियों में सांप के जहर का सेवन करते थे। हालांकि, शीर्ष अदालत ने तकनीकी और कानूनी पहलुओं को देखते हुए पाया कि वर्तमान शिकायत कानून के मानकों पर खरी नहीं उतरती। बेंच ने कहा, “हम अन्य मुद्दों पर विचार नहीं करेंगे, क्योंकि यह एफआईआर ही कानून के अनुसार बरकरार नहीं रखी जा सकती।”
यह फैसला एल्विश यादव के लिए एक बड़ी नैतिक और कानूनी जीत माना जा रहा है। लंबे समय तक पुलिस जांच और जेल की हवा खाने के बाद, अब वे पूरी तरह से दोषमुक्त हो गए हैं। कोर्ट ने प्रक्रियागत आधार पर इस केस को खारिज कर उनके ऊपर लगे दागों को साफ कर दिया है। उनके प्रशंसकों के बीच इस फैसले के बाद खुशी की लहर है, क्योंकि अब उनके भविष्य के प्रोजेक्ट्स और करियर पर मंडरा रहे कानूनी खतरे के बादल छंट गए हैं।
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