FIFA World Cup : फीफा विश्व कप 2026 का तीसरा स्थान प्ले-ऑफ मैच फुटबॉल इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया है। इंग्लैंड और फ्रांस के बीच खेला गया यह मुकाबला रोमांच, संघर्ष और गोलों की झड़ी के लिए याद रखा जाएगा। दोनों टीमों ने कुल 10 गोल किए, जो विश्व कप के इतिहास में तीसरे स्थान के किसी मैच में अब तक की सबसे अधिक संख्या है। यह मुकाबला पिछले 64 वर्षों में विश्व कप का पहला ऐसा मैच बन गया है जिसमें दोनों टीमों ने चार या उससे अधिक गोल किए हैं। इससे पहले 1962 में सोवियत संघ और कोलंबिया के बीच हुआ मुकाबला 4-4 से ड्रॉ रहा था। यह मैच 1982 में हंगरी की अल सल्वाडोर पर 10-1 की जीत के बाद विश्व कप में सबसे अधिक गोल वाला मैच भी बन गया है।

साका की हैट्रिक और इंग्लैंड का दबदबा
इंग्लैंड की इस ऐतिहासिक जीत के नायक बुकायो साका रहे। उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए हैट्रिक जड़ी। साका ने 37वें मिनट, पहले हाफ के इंजरी टाइम और 87वें मिनट में पेनल्टी के जरिए गोल करके अपने करियर की दूसरी हैट्रिक पूरी की। इंग्लैंड के लिए पहले हाफ में डेकलान राइस और एजरी कोंसा ने भी गोल दागे, जिससे हाफ टाइम तक इंग्लैंड की टीम 4-0 की भारी बढ़त बना चुकी थी। दूसरे हाफ के इंजरी टाइम के आठवें मिनट में जूड बेलिंघम ने इंग्लैंड के लिए छठा गोल कर अपनी टीम की जीत सुनिश्चित की। इस टूर्नामेंट में बेलिंघम का यह कुल सातवां गोल था। इंग्लैंड ने अपनी इस जीत के साथ 1966 के विश्व कप खिताब के बाद अपना दूसरा सबसे शानदार प्रदर्शन किया है।

एम्बाप्पे का शानदार प्रदर्शन और मेसी के साथ टक्कर
फ्रांस की ओर से हार के बावजूद किलियन एम्बाप्पे ने अपने खेल से प्रभावित किया। विश्व कप इतिहास में उनके कुल गोलों की संख्या 22 हो गई है, जो लियोनेल मेसी से अधिक है। इस टूर्नामेंट में एम्बाप्पे ने कुल 10 गोल किए। वे गोल्डन बूट की दौड़ में आठ गोल करने वाले मेसी से दो गोल आगे हैं। हालांकि, मेसी के पास फाइनल मैच में स्पेन के खिलाफ एम्बाप्पे को पछाड़ने का एक अंतिम मौका होगा। फ्रांस के लिए ब्रैडली बारकोला और ओस्माने डेम्बेले ने भी गोल किए, लेकिन उनकी टीम जीत का स्वाद नहीं चख सकी। सेमीफाइनल में स्पेन से मिली हार के बाद फ्रांस के लगातार तीसरी बार फाइनल में पहुंचने का सपना टूट गया था।
स्टेडियम में उमड़ी दर्शकों की भारी भीड़
मैच का माहौल बेहद उत्साहपूर्ण था। इंग्लैंड और फ्रांस दोनों ही टीमें रविवार को होने वाले फाइनल में खेलना चाहती थीं, लेकिन सेमीफाइनल में मिली हार ने उन्हें इस प्ले-ऑफ मैच के लिए मजबूर कर दिया। सेमीफाइनल में इंग्लैंड को अर्जेंटीना के हाथों 1-2 से हार का सामना करना पड़ा था, जिसमें मेसी ने अंतिम क्षणों में निर्णायक भूमिका निभाई थी। हार्ड रॉक स्टेडियम में इस रोमांचक मुकाबले को देखने के लिए 64,478 दर्शक मौजूद थे। समर्थकों के शोर और खिलाड़ियों के जोश ने इस मैच को एक अविस्मरणीय अनुभव बना दिया। यह मुकाबला भले ही तीसरे स्थान के लिए था, लेकिन दोनों टीमों ने खेल भावना और आक्रामकता का जो परिचय दिया, उसने दर्शकों का दिल जीत लिया।












