England vs Australia 4th Test
England vs Australia 4th Test: मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) पर खेले गए एशेज सीरीज 2025-26 के चौथे टेस्ट मैच में एक ऐसा चमत्कार देखने को मिला, जिसकी उम्मीद शायद ही किसी ने की थी। सीरीज के शुरुआती तीन मुकाबले हारकर पहले ही ट्रॉफी गंवा चुकी इंग्लैंड की टीम ने चौथे टेस्ट में जबरदस्त वापसी की। कंगारू टीम को उनके घर में मात देकर इंग्लैंड ने न सिर्फ अपनी साख बचाई, बल्कि ऑस्ट्रेलिया की सरजमीं पर जीत के सूखे को भी खत्म कर दिया। यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि इंग्लैंड को ऑस्ट्रेलिया में कोई टेस्ट मैच जीतने के लिए पूरे 14 साल का लंबा इंतजार करना पड़ा है।
मेलबर्न की पिच इस बार बल्लेबाजों के लिए किसी डरावने सपने जैसी साबित हुई। पूरा मुकाबला मात्र दो दिन के भीतर ही खत्म हो गया। मैच की शुरुआत से ही गेंदबाजों ने अपना शिकंजा कस लिया था। पहली पारी में ऑस्ट्रेलियाई टीम महज 152 रनों पर सिमट गई। जवाब में जब इंग्लैंड की टीम बल्लेबाजी करने उतरी, तो उनकी हालत और भी खराब रही। पूरी इंग्लिश टीम पहली पारी में सिर्फ 110 रन बनाकर ढेर हो गई। इस तरह पहली पारी के आधार पर मेजबान ऑस्ट्रेलिया को 42 रनों की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल हुई, जो उस समय निर्णायक लग रही थी।
मैच की दूसरी पारी में कहानी ने एक नया मोड़ लिया। ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी भी ताश के पत्तों की तरह ढह गई और वे सिर्फ 132 रन ही जोड़ सके। इंग्लैंड के युवा तेज गेंदबाज जोश टंग इस मैच के असली हीरो बनकर उभरे। उन्होंने पहली पारी में 5 विकेट लेने के बाद दूसरी पारी में भी 2 अहम विकेट झटके। इंग्लैंड को जीत के लिए 175 रनों का लक्ष्य मिला। मुश्किल पिच पर इस लक्ष्य का पीछा करना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन इंग्लैंड ने अपने आक्रामक ‘बैजबॉल’ अंदाज को नहीं छोड़ा। जैक क्रॉली (37), बेन डकेट (34) और युवा जैकब बेथेल (40) की पारियों की बदौलत इंग्लैंड ने 32.2 ओवरों में ही 6 विकेट खोकर 178 रन बना लिए और शानदार जीत दर्ज की।
सांख्यिकीय रूप से यह जीत इंग्लैंड के क्रिकेट इतिहास के सबसे सुनहरे पन्नों में से एक है। इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया की धरती पर अपना पिछला टेस्ट 7 जनवरी 2011 को सिडनी में जीता था। उसके बाद से लगातार हार और ड्रॉ का सामना कर रही इंग्लिश टीम को 5468 दिनों के बाद वहां जीत का स्वाद चखने को मिला है। कप्तान बेन स्टोक्स के लिए भी यह एक भावुक क्षण था, क्योंकि उन्हें ऑस्ट्रेलियाई मैदान पर जीत हासिल करने के लिए 13 टेस्ट मैचों तक संघर्ष करना पड़ा।
इस टेस्ट मैच ने एशेज के इतिहास में एक बेहद दुर्लभ और अद्भुत रिकॉर्ड अपने नाम किया। पूरे मैच के दौरान दोनों ही टीमों की ओर से कोई भी बल्लेबाज अर्धशतक (50 रन) का आंकड़ा पार नहीं कर सका। मैच में कुल 572 रन बने, लेकिन व्यक्तिगत स्कोर के मामले में जैकब बेथेल के 40 रन ही सबसे बड़े रहे। एशेज जैसी हाई-प्रोफाइल सीरीज में ऐसा होना पिच की कठिन परिस्थितियों और गेंदबाजों के वर्चस्व को दर्शाता है। जोश टंग को उनके शानदार स्पेल के लिए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ के सम्मान से नवाजा गया।
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