Faiz Hameed jailed:
Faiz Hameed jailed: पाकिस्तान की सेना और खुफिया एजेंसी के गलियारों से एक बड़ी खबर सामने आई है। खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) के पूर्व प्रमुख, लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) फैज हमीद का कोर्ट मार्शल हो गया है, जिसके बाद उन्हें 14 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। फैज हमीद पर वे गंभीर आरोप साबित हुए हैं, जो अक्सर पाकिस्तानी सेना के शीर्ष अधिकारियों पर लगते रहे हैं—राजनीति में हस्तक्षेप, खुफिया जानकारी लीक करना, अपने अधिकारों का दुरुपयोग करना, और सरकारी संसाधनों का गलत इस्तेमाल कर दूसरों को नुकसान पहुँचाना। फैज हमीद, जिनका राजनीतिक हस्तक्षेप का घड़ा भर चुका था, अब उस दिन को याद कर रहे होंगे जब तालिबान के अफगानिस्तान पर कब्जे के बाद काबुल में चाय पीते उनकी तस्वीर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वायरल हुई थी।
यह जानना महत्वपूर्ण है कि फैज हमीद को पाकिस्तान के जेल में बंद पूर्व प्रधान मंत्री इमरान खान का बेहद खास माना जाता था। मीडिया में यह खबरें भी थीं कि उन्हें अगला सेना प्रमुख (Army Chief) बनाने की तैयारी चल रही थी, लेकिन इमरान खान के सत्ता से हटने और फिर जेल जाने के बाद फैज हमीद के बुरे दिन शुरू हो गए। नवंबर 2022 में जनरल आसिम मुनीर के नए सेना प्रमुख बनने के तुरंत बाद, फैज हमीद को ISI प्रमुख के पद से इस्तीफा देने के लिए मजबूर कर दिया गया। विडंबना यह है कि फैज हमीद को ISI प्रमुख तब बनाया गया था जब जनरल मुनीर को ही अचानक उस पद से हटाया गया था, और अब मुनीर के नेतृत्व में ही उन पर कार्रवाई हुई है।
लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद के खिलाफ कोर्ट मार्शल की प्रक्रिया 12 अगस्त 2024 को शुरू की गई थी। यह सुनवाई कुल 15 महीने तक चली, जो पाकिस्तान सैन्य न्याय प्रणाली में एक लंबा समय है। सैन्य अदालत ने गुरुवार, 11 दिसंबर को उन्हें दोषी करार देते हुए 14 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। जिन चार प्रमुख आरोपों में उन्हें दोषी पाया गया, वे इस प्रकार हैं:राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल होना।देश की सुरक्षा और हित के लिए हानिकारक आधिकारिक गुप्त अधिनियम (Official Secrets Act) का उल्लंघन करना (खुफिया जानकारी लीक करना)।अपने पद और सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग करना।व्यक्तियों को गलत तरीके से नुकसान पहुँचाना।
मिली जानकारी के अनुसार, इस कोर्ट मार्शल प्रक्रिया के दौरान फैज हमीद को सभी कानूनी अधिकार दिए गए थे। उन्हें अपनी पसंद के वकीलों की टीम रखने की अनुमति थी, हालांकि यह टीम भी उन्हें दोषी साबित होने से बचा नहीं पाई। अब दोषी साबित हो चुके फैज हमीद को सैन्य न्याय से जुड़े मंचों पर इस फैसले के खिलाफ अपील करने का अधिकार है। हालांकि, माना जा रहा है कि उनकी मुश्किलें कम होने की संभावना कम है। उन पर लगे राजनीतिक आंदोलन को भड़काने, राजनीतिक तत्वों के साथ मिलीभगत कर देश में अस्थिरता पैदा करने और अन्य गंभीर मामलों में हाथ होने के आरोपों से अलग से निपटा जा रहा है, जो उनके लिए और भी परेशानी खड़ी कर सकते हैं।
फैज हमीद का विवादों से गहरा नाता रहा है, जिसकी एक तस्वीर अगस्त 2021 में सामने आई थी। अमेरिकी सैनिकों के अफगानिस्तान से हटने और तालिबान के शासन स्थापित होने के कुछ ही हफ्तों बाद, तत्कालीन ISI चीफ फैज हमीद ने तालिबान के निमंत्रण पर काबुल का दौरा किया था। उनकी यह तस्वीर, जिसमें वह अन्य पाकिस्तानी अधिकारियों के साथ एक होटल में चाय पीते दिख रहे थे, खूब वायरल हुई थी। आज जब तालिबान के साथ पाकिस्तान के संबंध खराब हो चुके हैं, तो वह “चाय” एक महंगी गलती साबित हुई है। पिछले महीने, नवंबर 2025 की शुरुआत में, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया था कि काबुल में वह “चाय का कप” पाकिस्तान के लिए एक महंगी गलती बन गया, और उन्होंने आगाह किया कि ऐसी गलतियाँ दोहराई नहीं जानी चाहिए।
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