Fatehpur Crime: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में शुक्रवार को उस समय भारी सनसनी फैल गई, जब एक अज्ञात महिला का शव बेहद संदेहास्पद परिस्थितियों में बरामद किया गया. यह खौफनाक मामला खागा कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नेशनल हाईवे के किनारे स्थित स्कूरी मोड़ के पास का है, जहां एक खेत में पीले रंग की बोरी में बंद महिला की लाश मिली. शव मिलने की खबर जंगल में आग की तरह फैल गई, जिससे पूरे इलाके के ग्रामीणों में दहशत और भारी कौतूहल का माहौल बन गया है.

घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने तुरंत भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया. उन्होंने जिले की सीमाओं और प्रवेश द्वारों (इंट्री पॉइंट्स) पर लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगालने के कड़े निर्देश जारी किए हैं.

ग्रामीणों ने खेत में देखी संदिग्ध बोरी
घटनाक्रम के अनुसार, शुक्रवार की सुबह स्थानीय ग्रामीण जब अपने खेतों की तरफ जा रहे थे, तभी उन्होंने हाईवे के बिल्कुल समीप एक खेत में लावारिस और संदिग्ध अवस्था में पड़ी एक पीली बोरी देखी. जब कुछ लोगों ने साहस जुटाकर नजदीक जाकर देखा, तो बोरी के अंदर एक महिला का शव दिखाई दिया. यह नजारा देखते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई और ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई. ग्रामीणों ने बिना वक्त गंवाए तुरंत स्थानीय पुलिस और डायल-112 को मामले की सूचना दी. सूचना मिलते ही खागा कोतवाली पुलिस और उच्च अधिकारी दलबल के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे. पुलिस ने बिना देरी किए पूरे घटनास्थल को अपने सुरक्षा घेरे में ले लिया ताकि कोई भी महत्वपूर्ण साक्ष्य नष्ट न हो सके.
शरीर पर धारदार हथियार के निशान
प्रारंभिक जांच और पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, मृतका की उम्र लगभग 30 से 35 वर्ष के बीच आंकी जा रही है. महिला के शरीर पर कई जगह गंभीर और बेरहमी से किए गए चोटों के गहरे निशान पाए गए हैं. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि महिला के सिर पर किसी भारी और बेहद धारदार हथियार से जानलेवा हमला किए जाने के साफ संकेत मिले हैं, जिसे देखकर यह आशंका पूरी तरह सच साबित हो रही है कि उसकी हत्या अत्यंत क्रूरता के साथ की गई है. मृतका के कपड़ों, पहनावे और शारीरिक बनावट को देखकर कयास लगाए जा रहे हैं कि वह किसी अच्छे और संपन्न परिवार से ताल्लुक रखती हो सकती है, हालांकि पुलिस प्रशासन ने अभी तक इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.
फोरेंसिक टीम ने जुटाए अहम सबूत
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक खुद फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड के साथ घटनास्थल पर डटे रहे. फोरेंसिक टीम ने वैज्ञानिक पद्धति का उपयोग करते हुए मिट्टी, फिंगरप्रिंट और अन्य महत्वपूर्ण जैविक नमूनों को अपने कब्जे में ले लिया है. एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने मीडिया को बताया कि पहली नजर में यह मामला पूरी तरह से सोची-समझी हत्या का प्रतीत होता है.
आशंका जताई जा रही है कि महिला की हत्या किसी अन्य जनपद या दूरदराज के इलाके में की गई है और साक्ष्य छुपाने के उद्देश्य से शव को बोरी में बंद कर हाईवे के रास्ते यहां लाकर सुनसान जगह पर फेंक दिया गया. पुलिस अब मृतका की शिनाख्त के लिए आसपास के सभी जिलों के थानों में दर्ज हालिया गुमशुदगी की रिपोर्टों का मिलान कर रही है.
टोल प्लाजा और हाईवे के सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस
पुलिस अधीक्षक ने पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि दोपहर करीब 11:30 बजे स्थानीय लोगों के माध्यम से सर्विस लेन पर स्पूरी गांव के पास एक संदिग्ध और बदबूदार बोरी होने की सूचना मिली थी. पुलिस ने शव को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम और पहचान के लिए मोर्चरी हाउस भेज दिया है. मामले के खुलासे के लिए पुलिस की कई टीमें गठित कर दी गई हैं, जो हाईवे पर आने-जाने वाले संभावित मार्गों के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं.
अधिकारियों को पूरा अंदेशा है कि शव को किसी बड़ी गाड़ी या कार से लाकर यहां फेंका गया है. घटनास्थल से करीब 7-8 किलोमीटर पहले कौशाम्बी बॉर्डर की तरफ स्थित टोल प्लाजा के कैमरों की रिकॉर्डिंग को भी बारीकी से चेक किया जा रहा है ताकि संदिग्ध वाहनों को चिन्हित किया जा सके. पुलिस का दावा है कि तकनीकी और फोरेंसिक साक्ष्यों की मदद से बहुत जल्द हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा.
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