Fatty Liver : लिवर शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। यह भोजन को पचाने, पोषक तत्वों को संसाधित करने और शरीर से हानिकारक पदार्थों को बाहर निकालने जैसी कई जरूरी प्रक्रियाओं में भूमिका निभाता है। आजकल खराब खानपान, शारीरिक गतिविधियों की कमी और असंतुलित जीवनशैली के कारण फैटी लिवर की समस्या तेजी से चर्चा में है। ऐसे में लिवर को स्वस्थ रखने के लिए केवल दवाओं पर निर्भर रहने के बजाय नियमित व्यायाम, संतुलित डाइट और अच्छी आदतें अपनाना जरूरी है। विशेषज्ञों के मुताबिक, कुछ लोगों में वजन में बड़ा बदलाव किए बिना भी एक्सरसाइज से लिवर में जमा फैट कम करने में मदद मिल सकती है।

स्ट्रेंथ ट्रेनिंग से कम हो सकता है लिवर में जमा फैट
डॉक्टर ने आठ सप्ताह की स्टडी का किया जिक्र
गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ सेठी के मुताबिक, फैटी लिवर से जूझ रहे लोगों के लिए स्ट्रेंथ ट्रेनिंग यानी मांसपेशियों को मजबूत बनाने वाले व्यायाम उपयोगी हो सकते हैं। उन्होंने एक क्लिनिकल स्टडी का हवाला देते हुए बताया कि आठ सप्ताह तक रेजिस्टेंस ट्रेनिंग करने वाले प्रतिभागियों में लिवर फैट लगभग 13 प्रतिशत तक कम पाया गया। इस अध्ययन का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि लिवर की सेहत सुधारने के लिए केवल वजन घटाने पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है। नियमित मांसपेशी प्रशिक्षण भी मेटाबॉलिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में भूमिका निभा सकता है।

वजन कम हुए बिना भी मिल सकता है फायदा
डॉक्टर सेठी के अनुसार, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग शरीर की इंसुलिन संवेदनशीलता को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है। इससे मांसपेशियां खून में मौजूद ग्लूकोज का बेहतर इस्तेमाल कर पाती हैं। इसके साथ ही शरीर के फैट मेटाबॉलिज्म को भी सहारा मिल सकता है। इन बदलावों का सकारात्मक असर मेटाबॉलिक हेल्थ पर पड़ सकता है। इसलिए जरूरी नहीं कि एक्सरसाइज का फायदा केवल वजन घटने के रूप में ही दिखाई दे। शरीर का वजन पहले जैसा रहने पर भी अंदरूनी स्वास्थ्य में सुधार संभव है।
स्ट्रेंथ ट्रेनिंग में कौन-कौन सी एक्सरसाइज शामिल हैं?
डंबल, रेजिस्टेंस बैंड और बॉडीवेट वर्कआउट
स्ट्रेंथ ट्रेनिंग के लिए हमेशा जिम जाना जरूरी नहीं है। इसे घर पर भी आसान तरीकों से शुरू किया जा सकता है। डंबल उठाना, रेजिस्टेंस बैंड से व्यायाम करना और अपने शरीर के वजन का इस्तेमाल करके एक्सरसाइज करना इसके सामान्य उदाहरण हैं। स्क्वाट, वॉल पुश-अप और अन्य बॉडीवेट एक्सरसाइज भी मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद कर सकती हैं। शुरुआत अपनी क्षमता के अनुसार हल्के व्यायाम से करें और धीरे-धीरे अभ्यास बढ़ाएं।
सप्ताह में दो से तीन दिन करें अभ्यास
डॉ. सेठी के सुझाव के मुताबिक, सप्ताह में दो से तीन बार रेजिस्टेंस ट्रेनिंग को अपनी दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है। नियमितता बनाए रखना महत्वपूर्ण है। हालांकि, हर व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य और शारीरिक क्षमता अलग होती है। इसलिए लंबे समय से निष्क्रिय रहने वाले या किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों को व्यायाम शुरू करने से पहले डॉक्टर या फिटनेस विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए। जरूरत से ज्यादा मेहनत करने के बजाय सुरक्षित और नियमित अभ्यास पर ध्यान देना बेहतर है।

फैटी लिवर में मददगार माने जाते हैं ये तीन पेय
1. चुकंदर का जूस: एंटीऑक्सीडेंट का स्रोत
चुकंदर में कई पोषक तत्व और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। ये शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में मदद कर सकते हैं। डॉ. सेठी चुकंदर के जूस को सीमित मात्रा में लेने की सलाह देते हैं, क्योंकि इसमें प्राकृतिक शुगर भी मौजूद होती है। खासकर डायबिटीज या ब्लड शुगर की समस्या वाले लोगों को इसकी मात्रा को लेकर सावधानी बरतनी चाहिए। बिना अतिरिक्त चीनी मिलाए इसका सेवन करना बेहतर है।
2. कॉफी: लिवर स्वास्थ्य से जुड़ा है इसका सेवन
कॉफी को लेकर हुए कई अध्ययनों में इसके सेवन और लिवर स्वास्थ्य के बीच संभावित सकारात्मक संबंध देखा गया है। डॉक्टर सेठी के मुताबिक, नियमित रूप से सीमित मात्रा में कॉफी पीना फैटी लिवर और लिवर में फाइब्रोसिस यानी निशान बनने के जोखिम को कम करने से जुड़ा हो सकता है। वह बिना चीनी वाली कॉफी पीने की सलाह देते हैं। हालांकि, अधिक कैफीन से नींद या अन्य समस्याएं हो सकती हैं, इसलिए अपनी सहनशीलता के अनुसार ही सेवन करें।
3. ग्रीन टी: एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर पेय
ग्रीन टी में कैटेचिन जैसे एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। ये शरीर में ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करने में भूमिका निभा सकते हैं। डॉ. सेठी के अनुसार, ग्रीन टी लिवर में फैट जमा होने से जुड़े मेटाबॉलिक कारकों को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है। इसे बिना चीनी के पीना बेहतर विकल्प है। हालांकि, ग्रीन टी को फैटी लिवर का इलाज या दवाओं का विकल्प नहीं समझना चाहिए।
फैटी लिवर में इन बातों का भी रखें ध्यान
लिवर को स्वस्थ रखने के लिए केवल किसी एक एक्सरसाइज या पेय पर निर्भर रहना सही नहीं है। संतुलित भोजन, नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद और शराब से परहेज जैसे कदम महत्वपूर्ण हैं। मीठे पेय, अत्यधिक तले हुए भोजन और जरूरत से ज्यादा कैलोरी लेने से बचना चाहिए। फैटी लिवर की पुष्टि होने पर डॉक्टर की सलाह के अनुसार जांच और उपचार कराना जरूरी है।
क्या बिना वजन घटाए फैटी लिवर ठीक हो सकता है?
स्ट्रेंथ ट्रेनिंग से लिवर फैट और मेटाबॉलिक स्वास्थ्य में सुधार की संभावना जरूर है, लेकिन हर व्यक्ति में इसका परिणाम समान नहीं होता। आठ सप्ताह में 13 प्रतिशत कमी का आंकड़ा एक अध्ययन से जुड़ा है, इसे सभी मरीजों के लिए निश्चित परिणाम नहीं माना जा सकता। फैटी लिवर के उपचार में वजन प्रबंधन, खानपान, व्यायाम और चिकित्सकीय निगरानी की भूमिका बनी रहती है। इसलिए अपनी स्थिति के अनुसार विशेषज्ञ से सलाह लेकर ही जीवनशैली में बदलाव करें।
Read More : Delhi Air Pollution: दिल्ली की जहरीली हवा बढ़ा सकती है ब्रेन स्ट्रोक का खतरा, डॉक्टर ने किया अलर्ट


