Naxal Encounter : छत्तीसगढ़ के नारायणपुर और दंतेवाड़ा जिले की सीमा पर सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच जोरदार मुठभेड़ जारी है। एसटीएफ, डीआरजी कोबरा और नारायणपुर की पुलिस टीम के संयुक्त ऑपरेशन में अब तक छह नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही कई नक्सली गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। यह मुठभेड़ पूर्व बस्तर क्षेत्र के उस इलाके में चल रही है जो नक्सल प्रभावित माना जाता है।

दंतेवाड़ा एसपी ने की पुष्टि
दंतेवाड़ा पुलिस अधीक्षक गौरव रॉय ने इस ऑपरेशन की पुष्टि करते हुए बताया कि मुठभेड़ वर्तमान में भी जारी है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों की कड़ी मेहनत से नक्सली कमजोर हो रहे हैं और इस कार्रवाई में कई नक्सली मारे गए हैं, जबकि कई घायल भी हुए हैं। यह अभियान छत्तीसगढ़ के पूर्व बस्तर इलाके में नक्सलियों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।

नक्सलवाद के खिलाफ जारी सख्त अभियान
छत्तीसगढ़ सरकार और केंद्रीय एजेंसियां नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने के लिए लगातार एंटी-नक्सल ऑपरेशन चला रही हैं। इसके तहत राज्य की एसटीएफ, डीआरजी कोबरा, पुलिस और अन्य सुरक्षा बल मिलकर नक्सल प्रभावित इलाकों में सर्च ऑपरेशन कर रहे हैं। इन ऑपरेशन में नक्सली गिरोहों को काबू करने के लिए रणनीतिक तरीके अपनाए जा रहे हैं।
केंद्र सरकार का लक्ष्य -नक्सलवाद समाप्ति तक 31 मार्च 2026
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पूरे देश में नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए 31 मार्च 2026 की समय सीमा निर्धारित की है। इसके तहत छत्तीसगढ़ समेत नक्सल प्रभावित राज्यों में सुरक्षा बलों की सक्रियता बढ़ाई गई है। राज्य सरकार भी इस अभियान में हर संभव मदद कर रही है ताकि नक्सल समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सके।
सुरक्षा बलों की रणनीति कारगर साबित
सुरक्षा बलों के इस संयुक्त ऑपरेशन से नक्सलियों में दहशत फैल गई है। लगातार दबाव में आकर कई नक्सली सरेंडर भी कर चुके हैं। यह ऑपरेशन पूर्व बस्तर इलाके में नक्सलियों की कमर तोड़ने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ऑपरेशन की सफलता से स्थानीय जनता को भी सुरक्षा का भरोसा बढ़ा है।
नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बढ़ाने की जरूरत
पूर्व बस्तर क्षेत्र में नक्सलियों का गढ़ माना जाता है। ऐसे में लगातार चलाए जा रहे ऑपरेशन से नक्सलियों की संगठित गतिविधियां कमजोर हो रही हैं। स्थानीय प्रशासन भी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर रहा है ताकि आम नागरिकों को नक्सली आतंक से निजात मिल सके।










