FIFA World Cup 2026
FIFA World Cup 2026: अगले साल यानी 2026 में होने वाले फीफा वर्ल्ड कप को लेकर फुटबॉल प्रेमियों का उत्साह चरम पर है, लेकिन टिकटों की आसमान छूती कीमतों ने प्रशंसकों के चेहरे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। दुनिया भर के फुटबॉल फैंस टिकटों के ऊंचे दामों को लेकर सोशल मीडिया और अन्य मंचों पर अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। कई लोगों का मानना है कि इतनी अधिक कीमत होने के कारण आम प्रशंसक स्टेडियम में बैठकर अपने पसंदीदा सितारों को खेलते हुए देखने से वंचित रह जाएंगे। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल महासंघ (FIFA) के अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो ने इन कीमतों का बचाव किया है और इसे खेल की बढ़ती लोकप्रियता से जोड़कर देखा है।
दुबई में आयोजित एक हालिया कार्यक्रम के दौरान जियानी इन्फेंटिनो ने टिकटों की कीमतों को लेकर हो रही आलोचनाओं पर अपनी चुप्पी तोड़ी। उन्होंने फुटबॉल की बढ़ती वैश्विक लोकप्रियता का हवाला देते हुए कुछ चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए। इन्फेंटिनो ने बताया, “फीफा ने बाजार में लगभग 60 से 70 लाख टिकट उपलब्ध कराए थे, लेकिन इसके जवाब में मात्र 15 दिनों के भीतर 150 मिलियन (15 करोड़) आवेदन प्राप्त हुए।” उन्होंने आगे कहा कि हर दिन औसतन एक करोड़ लोग टिकट के लिए आवेदन कर रहे थे। इन्फेंटिनो के अनुसार, यह अभूतपूर्व डिमांड ही टिकटों की ऊंची कीमतों का मुख्य कारण है।
भारी कीमतों के बीच फीफा अध्यक्ष ने एक राहत भरी खबर भी साझा की। उन्होंने बताया कि सभी टिकट महंगे नहीं हैं; कुछ खास श्रेणी के टिकटों की कीमतें कम रखी गई हैं। इन्फेंटिनो के मुताबिक, अमेरिका में होने वाले मैचों के लिए सबसे सस्ते टिकट की कीमत भारतीय मुद्रा में लगभग 5,000 रुपये तय की गई है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ये टिकट हर किसी के लिए उपलब्ध नहीं होंगे। ये कम दाम वाले टिकट एक निश्चित संख्या में उन ‘लॉयल ऑडियंस’ (निष्ठावान दर्शकों) के लिए सुरक्षित रखे गए हैं, जो लंबे समय से खेल से जुड़े हुए हैं। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि खेल का असली आधार यानी आम दर्शक भी विश्व कप का हिस्सा बन सके।
टिकटों से होने वाली कमाई को लेकर इन्फेंटिनो ने एक बड़ा वित्तीय तर्क दिया। उन्होंने कहा कि टिकटों की बिक्री से होने वाला मुनाफा सीधे तौर पर फुटबॉल के विकास में लगाया जाता है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा, “यदि फीफा को यह प्रॉफिट नहीं होता है, तो दुनिया के लगभग 150 देशों में फुटबॉल की गतिविधियां ठप हो सकती हैं।” उनके अनुसार, विकसित देशों और बड़े मैचों से होने वाली कमाई का उपयोग उन छोटे और गरीब देशों में फुटबॉल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए किया जाता है जहाँ फंड की कमी है। इस तरह, टिकटों की ऊंची कीमतें वैश्विक स्तर पर फुटबॉल के अस्तित्व को बचाने के लिए आवश्यक हैं।
फीफा अध्यक्ष ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए बताया कि वर्ल्ड कप के पिछले 100 वर्षों के इतिहास में कुल मिलाकर लगभग 4 मिलियन (40 लाख) टिकट बिके हैं। इसके विपरीत, 2026 वर्ल्ड कप की डिमांड इतनी अधिक है कि अगर फीफा चाहता तो पिछले एक हफ्ते में ही इससे तीन गुना ज्यादा टिकट बेच सकता था। वर्तमान में टिकटों की सबसे अधिक मांग मेजबान देश अमेरिका से आ रही है, जिसके बाद जर्मनी और इंग्लैंड के प्रशंसक कतार में हैं। यह टूर्नामेंट न केवल खेल के लिहाज से बल्कि आर्थिक दृष्टि से भी इतिहास का सबसे बड़ा वर्ल्ड कप साबित होने जा रहा है।
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