Punjab Flood 2025: पंजाब में बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण प्रदेश के कई जिलों में पानी भर गया है, जिससे फसलें नष्ट हो गईं, घरों के नुकसान के साथ-साथ पशु भी बह गए। केंद्र सरकार ने पंजाब को इस आपदा से निपटने के लिए 1600 करोड़ रुपये का राहत पैकेज दिया है। इसके बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बाढ़ प्रभावित किसानों और जनता के लिए मुआवजे की घोषणा की है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान की बाढ़ समीक्षा बैठक
भगवंत मान ने पंजाब के सभी जिलों के जिला कलेक्टरों (डीसी) और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की। इस बैठक में बाढ़ से प्रभावित और गैर-प्रभावित दोनों जिलों के हालात पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने प्रभावित इलाकों में स्थिति की जल्द से जल्द समीक्षा और राहत कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए।

किसानों को 20,000 रुपये प्रति एकड़ का मुआवजा
सीएम ने किसानों की फसलों के भारी नुकसान को देखते हुए ₹20,000 प्रति एकड़ मुआवजे का ऐलान किया। उन्होंने जिला कलेक्टरों को आदेश दिए हैं कि जहां पानी उतर चुका है, वहां विशेष गिरदावरी कराकर खेतों और घरों के नुकसान का त्वरित आंकलन किया जाए। भगवंत मान ने आश्वासन दिया कि मुआवजा जल्द से जल्द वितरित किया जाएगा ताकि किसान जल्दी राहत पा सकें।
घरों और पशुओं के नुकसान के लिए भी मिलेगा मुआवजा
बाढ़ से प्रभावित लोगों के घरों के नुकसान की भरपाई के लिए भी मुआवजे की व्यवस्था की गई है। मौजूदा SDRF (स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फंड) में घर के नुकसान के लिए केवल ₹6,800 का मुआवजा मिलता है, लेकिन पंजाब सरकार ने इसे बढ़ाकर ₹40,000 करने का फैसला किया है।
पशुओं के बह जाने पर ₹37,500 का मुआवजा मिलेगा, जबकि अन्य पशुओं के लिए भी नियमों के तहत मुआवजा बढ़ाने की योजना बनाई गई है। इससे पशुपालक और किसान दोनों को राहत मिलेगी।
दिवाली तक पूरी राहत का वादा
मुख्यमंत्री ने बताया कि बाढ़ के दौरान अब तक 55 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें से 40 परिवारों को मुआवजा दिया जा चुका है। अगले 40 दिनों में अधिकारियों को गांवों में जाकर घरों और खेतों के नुकसान का आंकलन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। दिवाली तक सभी बाढ़ पीड़ितों को मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा।
भ्रष्टाचार पर सख्ती का ऐलान
भगवंत मान ने साफ किया है कि कोई भी अधिकारी अगर मुआवजे के फॉर्म में गड़बड़ी करेगा या भ्रष्टाचार करेगा तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता ने इस मुश्किल घड़ी में बाढ़ प्रभावितों की मदद करके पूरे देश को यह दिखा दिया है कि संकट से कैसे निपटना है।
मुख्यमंत्री नहीं, दुखमंत्री बनना पड़ेगा
इस संकट के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि इस समय उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बल्कि “दुखमंत्री” बनना पड़ेगा और पंजाब के हर दुख में जनता के साथ खड़ा रहना होगा। उन्होंने कहा कि इस धरती ने उन्हें बहुत कुछ दिया है और वे अपनी पूरी ताकत पंजाब की सेवा में लगाने को तैयार हैं।
पंजाब में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है, लेकिन मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में राहत कार्यों और मुआवजे की योजना से प्रभावितों को जल्द ही राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार की सक्रियता और जनता की एकजुटता से पंजाब फिर से संकट से उबर सकेगा।










