FlyDubai Attack : दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबाई की फ्लाइट FZ1073 में 30 सितंबर को उस समय गंभीर संकट पैदा हो गया, जब कॉकपिट में एक पायलट ने दूसरे पायलट पर कथित तौर पर हमला कर दिया। घटना के बाद विमान तेजी से नीचे उतरने लगा और यात्रियों तथा क्रू के हस्तक्षेप से बड़ी दुर्घटना टल गई। विमान को सऊदी अरब के तबुक में आपातकालीन लैंडिंग करानी पड़ी।
ट्रंप ने ईरान से संभावित कनेक्शन का दिया संकेत
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान इस घटना में ईरान की संभावित भूमिका का संकेत दिया। जब उनसे पूछा गया कि क्या हमलावर सह-पायलट और तेहरान के बीच किसी संबंध की जानकारी मिली है, तो ट्रंप ने कहा कि इस मामले पर काम चल रहा है और उन्होंने उपलब्ध जानकारी के आधार पर संभावित संबंध की ओर इशारा किया। हालांकि, उन्होंने इस दावे के समर्थन में सार्वजनिक रूप से कोई विस्तृत सबूत पेश नहीं किया।
ईरान की भूमिका साबित हुई तो कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
ट्रंप ने कहा कि यदि जांच में ईरान की संलिप्तता सामने आती है, तो अमेरिका की प्रतिक्रिया बेहद कड़ी होगी। उन्होंने ईरान के खिलाफ संभावित कार्रवाई को लेकर सख्त शब्दों का इस्तेमाल किया। हालांकि, फिलहाल जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि घटना के पीछे वास्तविक मकसद क्या था और क्या इसका किसी संगठन या देश से कोई संबंध था।
कॉकपिट में पायलट पर चाकू से हमला
शुरुआती जानकारी के अनुसार, ओमान के नागरिक बताए जा रहे सह-पायलट ने फ्लाइट के कप्तान पर हमला किया। घायल कप्तान इसके बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे। इसके बाद कुछ यात्रियों और क्रू सदस्यों ने कॉकपिट में पहुंचकर हमलावर को काबू किया। विमान में मौजूद अन्य पायलटों ने इसके बाद नियंत्रण संभाला और विमान को सुरक्षित रूप से तबुक में उतारा।
विमान हजारों फीट नीचे गिरा, फिर संभला
फ्लाइट ट्रैकिंग आंकड़ों के अनुसार, घटना के दौरान विमान ने बेहद तेजी से ऊंचाई खोई। अलग-अलग रिपोर्टों में लगभग 14,000 से 17,000 फीट तक की तेज गिरावट दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद विमान को स्थिर किया गया और सऊदी अरब में आपातकालीन लैंडिंग कराई गई। घटना के दौरान यात्रियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था।
भारतीय कप्तान ने दिखाई सूझबूझ
हमले में घायल कप्तान की पहचान भारतीय नागरिक स्मित मच्छर के रूप में हुई है। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने हमले के बावजूद स्थिति संभालने और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारत और इजराइल की ओर से उनकी भूमिका की सराहना की गई है। घटना के बाद उन्हें चिकित्सा सहायता दी गई और उनके स्वास्थ्य में सुधार की जानकारी सामने आई।
नेतन्याहू ने ट्रंप से की घटना पर चर्चा
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया कि उन्होंने इस घटना को लेकर इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से भी बातचीत की। नेतन्याहू ने कहा है कि सह-पायलट के मकसद और संभावित कट्टरपंथी प्रभावों की जांच की जा रही है। हालांकि, उन्होंने भी ईरान की भूमिका को लेकर तत्काल कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है।
जांच में सामने आएगा हमले का असली मकसद
फ्लाईदुबाई ने घटना के बाद कहा कि कॉकपिट में विवाद हुआ था और विमान को ड्यूटी पर मौजूद क्रू ने सुरक्षित किया। एयरलाइन ने यह भी कहा कि घटना के कारणों और मकसद की औपचारिक जांच जारी है तथा जल्दबाजी में निष्कर्ष निकालने से बचना चाहिए। संयुक्त अरब अमीरात और अन्य संबंधित अधिकारी घटना के पीछे संभावित कारणों और किसी पूर्व योजना की जांच कर रहे हैं।
ट्रंप की चेतावनी से बढ़ा अंतरराष्ट्रीय दबाव
फ्लाईदुबाई विमान की घटना अब केवल विमानन सुरक्षा तक सीमित नहीं रह गई है। ट्रंप के ईरान से संभावित संबंध वाले बयान के बाद मामले का अंतरराष्ट्रीय और रणनीतिक पहलू भी चर्चा में आ गया है। हालांकि, अभी तक सार्वजनिक रूप से ऐसा निर्णायक प्रमाण सामने नहीं आया है जिससे ईरान की संलिप्तता स्थापित हो। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारण और जिम्मेदारी को लेकर स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।
Read More : Putin on PM Modi: पुतिन ने की मोदी की तारीफ, बोले- यूक्रेन युद्ध खत्म करने के ‘बहुत अच्छे विचार’