Flydubai Terror Attack : फ्लाईदुबई की इज़राइल जाने वाली एक उड़ान से जुड़ी गंभीर घटना में आरोपी को-पायलट की पहचान सामने आई है। मामले की जानकारी रखने वाले तीन लोगों के मुताबिक, को-पायलट का नाम हमम अल-हम्मामी है और वह ओमान का नागरिक है। इन लोगों में खाड़ी और पश्चिमी देशों के राजनयिक भी शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, घटना के दौरान यात्रियों और अन्य लोगों ने कथित तौर पर को-पायलट को काबू में किया।
कॉकपिट में रखी आपातकालीन कुल्हाड़ी से हमले का आरोप
मामले की जांच की अगुवाई संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE कर रहा है। UAE के अधिकारियों के अनुसार, को-पायलट ने कॉकपिट में मौजूद आपातकालीन कुल्हाड़ी, जिसे क्रैश एक्स के नाम से जाना जाता है, का इस्तेमाल करते हुए कप्तान पर हमला किया। अधिकारियों ने इस घटना को विमान पर कब्जा करने की कोशिश और संभावित आतंकवादी हमले के तौर पर देखा है।
182 यात्रियों वाले विमान को नीचे गिराने की कोशिश का दावा
जांच से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, आरोप है कि को-पायलट ने 182 लोगों को लेकर उड़ान भर रहे विमान को तेजी से नीचे ले जाने की कोशिश की थी। इस घटनाक्रम ने विमान में मौजूद यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा को गंभीर खतरे में डाल दिया। हालांकि, घटना से जुड़े कई पहलुओं की जांच अभी जारी है और अधिकारियों की ओर से सभी तथ्यों की अंतिम पुष्टि नहीं की गई है।
लोन वुल्फ या चरमपंथी संगठन से संबंध की जांच
को-पायलट की पहचान बताने वाले सूत्रों ने नाम सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर जानकारी दी। उनका कहना है कि जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या आरोपी ने यह कदम अकेले उठाया था या उसका किसी चरमपंथी संगठन से संपर्क था। जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू कथित तौर पर उसके विचारों और संभावित संपर्कों से जुड़ा हुआ है।
ओमान में पहले ही उड़ान भरने से रोकने का दावा
मामले की जानकारी रखने वाले एक अन्य व्यक्ति ने दावा किया कि ओमान ने पहले को-पायलट को उड़ान भरने से रोक दिया था। कथित तौर पर अधिकारियों को संदेह था कि उसने चरमपंथी विचार अपना लिए हैं। यह जानकारी घटना की जांच में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इससे यह सवाल उठता है कि बाद में वह विमानन क्षेत्र में दोबारा कैसे काम करने लगा।
फ्लाईदुबई में नौकरी मिलने को लेकर उठे सवाल
सूत्र के अनुसार, ओमान में उड़ान भरने से रोके जाने के बाद UAE की एयरलाइन फ्लाईदुबई ने को-पायलट को नौकरी पर रखा था। हालांकि, यह तत्काल स्पष्ट नहीं हो सका कि एयरलाइन में नियुक्ति के दौरान उसकी पृष्ठभूमि और सुरक्षा संबंधी जानकारी की कितनी विस्तृत जांच की गई थी। इसी बिंदु को लेकर अब जांच में कई सवाल उठ रहे हैं।
ओमान पर भी जानकारी साझा करने का दबाव
ओमान द्वारा कथित तौर पर को-पायलट को उड़ान भरने से रोकने की खबर सबसे पहले द वॉल स्ट्रीट जर्नल में प्रकाशित होने की बात कही गई है। घटना के बाद ओमान सरकार की ओर से सार्वजनिक रूप से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ओमान एयर की तरफ से भी तत्काल कोई टिप्पणी उपलब्ध नहीं हुई।
फ्लाईदुबई ने कहा, कई सवालों के जवाब बाकी
फ्लाईदुबई के प्रवक्ता ने ईमेल के जरिए कहा कि एयरलाइन अपने आधिकारिक बयानों से आगे कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं दे सकती। प्रवक्ता ने यह भी स्वीकार किया कि इस समय कई सवाल मौजूद हैं। ऐसे में घटना की पूरी तस्वीर सामने आने के लिए जांच के निष्कर्ष और संबंधित अधिकारियों की आधिकारिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।
जांच पूरी होने के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर
फिलहाल जांच एजेंसियां को-पायलट की कथित गतिविधियों, उसकी पृष्ठभूमि, ओमान में उड़ान प्रतिबंध और फ्लाईदुबई में नियुक्ति से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही हैं। साथ ही यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि घटना के पीछे कोई अन्य व्यक्ति या संगठन शामिल था या नहीं। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के कारणों और जिम्मेदारी को लेकर अधिक स्पष्ट जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
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