FRA vs ESP FIFA World Cup Semi-Final: डलास स्टेडियम में खेले गए फीफा वर्ल्ड कप 2026 के पहले सेमीफाइनल मुकाबले में स्पेन ने फ्रांस को 2-0 से हराकर फाइनल में जगह बना ली है। इस रोमांचक मैच में स्पेन के लिए मिकेल ओयारज़ाबल और पेड्रो पोरो ने गोल किए। वर्ल्ड कप इतिहास के सेमीफाइनल में आठ बार पहुंचने वाली फ्रांसीसी टीम की यह चौथी हार है, जबकि स्पेन के हाथों किसी बड़े टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में फ्रांस की यह लगातार तीसरी हार है। इससे पहले स्पेन ने यूरो 2024 और नेशंस लीग 2025 में भी फ्रांस को मात दी थी।

फ्रांस का नॉकआउट में टूटा विजयी क्रम
इस हार के साथ ही फ्रांस का वर्ल्ड कप नॉकआउट दौर का लंबा विजय रथ रुक गया है। 2014 में जर्मनी के खिलाफ क्वार्टर-फाइनल हारने के बाद से फ्रांस अपने लगातार 11 नॉकआउट मैचों में अपराजित था। अब स्पेन का मुकाबला न्यू जर्सी स्टेडियम में होने वाले फाइनल में इंग्लैंड और अर्जेंटीना के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा। उल्लेखनीय है कि स्पेन ने अब तक केवल एक बार (2010) वर्ल्ड कप का खिताब जीता है, जब आंद्रेस इनिएस्ता ने नीदरलैंड्स के खिलाफ यादगार गोल किया था।

ओयारज़ाबल और पोरो के गोल से स्पेन की बढ़त
मैच के शुरुआती क्षणों से ही स्पेन ने आक्रामक रुख अपनाए रखा। अपने 19वें जन्मदिन के जश्न के ठीक बाद लामिन यमल ने बेहतरीन खेल दिखाते हुए लुकास डिग्ने को छकाते हुए बॉक्स के अंदर पेनल्टी हासिल की। मिकेल ओयारज़ाबल ने पेनल्टी को गोल में बदलकर स्पेन को शुरुआती बढ़त दिलाई। इसके बाद, पेड्रो पोरो ने दानी ओल्मो के साथ शानदार ‘वन-टू’ पासिंग का नमूना पेश करते हुए निचले कोने में दूसरा गोल कर स्पेन की बढ़त को दोगुना कर दिया।
फ्रांसीसी वापसी की कोशिश और स्पेन का डिफेंस
मैच में पिछड़ने के बाद फ्रांस के कोच डिडिएर डेसचैम्प्स ने डेज़ायर डौ और रेयान चेर्की को मैदान पर उतारकर मैच में वापसी की कोशिश की। हालांकि, स्पेन के गोलकीपर उनाई साइमन ने ‘स्वीपर-कीपर’ की भूमिका निभाते हुए फ्रांस के सभी हमलों को विफल कर दिया। साथ ही, मार्क कुकुरेला ने किलियन एम्बाप्पे को रोकने के लिए सटीक टैकल कर अपनी टीम के डिफेंस को अभेद्य बनाए रखा। स्पेनिश टीम की इस जीत का श्रेय उनके शानदार डिफेंस को जाता है, जिसने टूर्नामेंट में सात मैचों में छठी बार ‘क्लीन शीट’ बनाए रखी है।
फाइनल की राह और एम्बाप्पे का भविष्य
मैच समाप्त होते ही स्पेनिश खेमे में जश्न का माहौल था, जबकि फ्रांसीसी टीम के लिए यह हार बेहद निराशाजनक रही। फ्रांस की टीम अब शनिवार को ब्रॉन्ज़ मेडल (तीसरे स्थान) के मुकाबले के लिए मैदान में उतरेगी। इस मैच में किलियन एम्बाप्पे के पास गोल्डन बूट की अपनी दौड़ को और मजबूती देने का अंतिम अवसर होगा। वहीं, स्पेन की टीम 2010 के बाद एक बार फिर विश्व चैंपियन बनने के ऐतिहासिक लक्ष्य के साथ फाइनल में कदम रखेगी। स्पेन का वर्तमान प्रदर्शन देखते हुए वे इस समय विश्व फुटबॉल की सबसे संतुलित टीम नजर आ रही है।
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