Wasseypur Gang Case : अंबिकापुर में वासेपुर गैंग नेटवर्क बेनकाब, गैंगस्टरों को भगाने वालों पर FIR दर्ज

Wasseypur Gang Case : झारखंड के कुख्यात वासेपुर गैंग के मोस्ट वांटेड गैंगस्टर शब्बीर आलम और उसके साथी जावेद को पुलिस हिरासत से फरार कराने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। इस गंभीर प्रकरण में अंबिकापुर पुलिस ने झारखंड पुलिस की शिकायत के आधार पर एक बड़ी कार्रवाई शुरू की है। जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि इन खतरनाक अपराधियों को स्थानीय स्तर पर संरक्षण प्राप्त था, जिसके बाद अंबिकापुर कोतवाली पुलिस ने साजिश में शामिल लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और अब पुलिस पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने के लिए सक्रिय हो गई है।

ads

बस संचालक बैदुल खान की भूमिका और फरार नेटवर्क

पुलिसिया जांच में राजहंस बस के संचालक बैदुल खान का नाम मुख्य साजिशकर्ता के रूप में सामने आया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने गैंगस्टर शब्बीर आलम और उसके साथियों को अंबिकापुर में सुरक्षित पनाह दी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बैदुल खान और शब्बीर आलम के बीच पारिवारिक संबंध भी बताए जा रहे हैं, जो इस पूरे मामले को और अधिक संदिग्ध बनाते हैं। एफआईआर दर्ज होने की भनक लगते ही बैदुल खान भूमिगत हो गया है और पुलिस उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही है। जांच एजेंसियां अब इस बात की भी गहन पड़ताल कर रही हैं कि गैंगस्टर और बस संचालक के बीच आर्थिक लेन-देन और नेटवर्क को लेकर किस तरह के संबंध थे।

Adst

डिजिटल सबूतों को मिटाने का दुस्साहस

मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। यह बात सामने आई है कि जिस क्षेत्र से गैंगस्टर शब्बीर आलम फरार हुआ, वहां के 17 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को सुनियोजित तरीके से हटवा दिया गया। ऐसा प्रतीत होता है कि स्थानीय स्तर पर मौजूद प्रभावशाली मददगारों ने अपने रसूख का इस्तेमाल कर डिजिटल साक्ष्यों को नष्ट करने की कोशिश की, ताकि पुलिस के हाथ उन तक न पहुंच सकें। पुलिस अब तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि फुटेज डिलीट करने के निर्देश किसने दिए थे और इस डिजिटल साक्ष्य मिटाने की प्रक्रिया में कौन-कौन शामिल था।

13 साल से पहचान छिपाकर रह रहा था गैंगस्टर का साथी

जांच के दौरान वासेपुर गैंग से ही जुड़े एक अन्य आरोपी शाकिब अफजल का नाम भी सामने आया है, जो पिछले 13 वर्षों से अपनी वास्तविक पहचान बदलकर अंबिकापुर में रह रहा था। शाकिब पर धनबाद में हत्या, लूट और एके-47 से हमले जैसे कई संगीन मामले दर्ज हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि वह अंबिकापुर में होटल और जमीन के कारोबार में सक्रिय होकर अपनी पैठ बना चुका था। झारखंड पुलिस की दबिश और सक्रियता के बाद वह भी फरार होने में सफल रहा।

सरगुजा और झारखंड पुलिस का संयुक्त अभियान

धनबाद पुलिस का कहना है कि शब्बीर आलम और उसके सहयोगियों की धर-पकड़ के लिए राज्यों की पुलिस का समन्वय अनिवार्य है। जिन लोगों ने भी अपराधियों को पनाह दी या उनके फरार होने में भूमिका निभाई, उन सभी के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। सरगुजा पुलिस भी झारखंड पुलिस के साथ तालमेल बिठाकर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने में जुटी है। इस मामले में आने वाले कुछ दिनों में बड़े खुलासे होने और कई अन्य चेहरों के बेनकाब होने की प्रबल संभावना है।

Read More  :  Badrinath Temple : बद्रीनाथ चढ़ावा विवाद में बड़ा एक्शन, कोषाध्यक्ष हटे, सीसीटीवी फुटेज से बढ़ी जांच

Adst
Chandan Das

Chandan Das

Writer & Blogger

All Posts
Previous Post
Next Post

ताज़ा खबरे

  • All Posts
  • FIFA World Cup 2026
  • Thetarget365
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अन्य
  • अपराध
  • कारोबार
  • कृषि
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • टेक
  • ट्रेंड
  • ताज़ा खबर
  • धर्म
  • पशु-पक्षी
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय
  • विचार/लेख
  • शिक्षा और नौकरी
  • साहित्य/मीडिया
  • सेहत-फिटनेस

© 2026 | All Rights Reserved | Thetarget365.com | Made By Top News Portal Development Company

Contacts

Call Us At – +91-:9406130006
WhatsApp – +91 62665 68872
Mail Us At – thetargetweb@gmail.com
Meet Us At – Shitla Ward, Ambikapur Dist. Surguja Chhattisgarh.497001.