France vs Morocco: फीफा वर्ल्ड कप 2026 के क्वार्टर-फाइनल में फ्रांस जैसी मजबूत टीम का सामना करने के लिए तैयार मोरक्को को एक बड़ा झटका लगा है। टीम के स्टार फॉरवर्ड खिलाड़ी इस्माइल सैबारी हैमस्ट्रिंग की चोट के कारण इस महत्वपूर्ण मुकाबले से बाहर हो गए हैं। कनाडा के खिलाफ राउंड ऑफ 16 मैच के दौरान चोटिल हुए सैबारी समय रहते पूरी तरह फिट नहीं हो पाए हैं। मोरक्को के मुख्य कोच मोहम्मद ओहाबी ने इस खबर की पुष्टि करते हुए कहा कि सैबारी इस मैच के लिए तैयार नहीं हैं। हालांकि, कोच को उम्मीद है कि यह चोट सैबारी के लिए टूर्नामेंट का अंत नहीं होगी। सैबारी का बाहर होना मोरक्को के लिए एक बड़ी क्षति है, क्योंकि वे ग्रुप स्टेज से लेकर नॉकआउट दौर तक टीम के सबसे प्रभावी फॉरवर्ड बनकर उभरे थे।

टीम की फिलॉसफी पर कायम रहेंगे कोच ओहाबी: कोई सरप्राइज नहीं होगा
अपने सबसे मुख्य अटैकिंग खिलाड़ी की गैर-मौजूदगी के बावजूद, मोरक्को के हेड कोच मोहम्मद ओहाबी बिल्कुल भी विचलित नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि टीम अपनी उसी खेल शैली (फिलॉसफी) को अपनाना जारी रखेगी, जिसकी बदौलत उन्होंने टूर्नामेंट के अंतिम आठ में अपनी जगह पक्की की है। कोच ने कहा कि मैच के लिए उनकी रणनीति बहुत स्पष्ट है और वे किसी भी प्रकार के ‘सरप्राइज’ पर भरोसा नहीं करते हैं। ओहाबी ने जोर देकर कहा कि उनकी टीम को गेंद के साथ धैर्य रखना होगा और यह परखना होगा कि वे फ्रांस की रक्षा पंक्ति को किनारों (विंग्स) से या फिर बीच (सेंटर) के रास्ते कहां से भेद सकते हैं। मोरक्को का लक्ष्य गेंद पर नियंत्रण रखते हुए विपक्षी टीम को अधिकतम नुकसान पहुंचाना है।

2022 का रीमैच और टीम में आए बदलाव
यह क्वार्टर-फाइनल मुकाबला 2022 फीफा वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल की यादें ताजा कर रहा है, जहां फ्रांस ने मोरक्को को 2-0 से हराकर उनके टूर्नामेंट के सफर को समाप्त कर दिया था। हालांकि, कोच ओहाबी का मानना है कि यह मुकाबला पिछले अनुभवों से बिल्कुल अलग होगा। उन्होंने कहा कि चार सालों का समय काफी लंबा होता है और तब से दोनों ही टीमें काफी परिपक्व और बेहतर हुई हैं। ओहाबी ने कहा, “प्रत्येक मैच का अपना अलग इतिहास और संदर्भ होता है। अब हमारे पास एक बिल्कुल अलग टीम है और हम एक अलग फ्रेंच टीम का सामना करेंगे।” ओहाबी के अनुसार, दोनों देशों के फुटबॉल फेडरेशन बेहतरीन काम कर रहे हैं, जिससे उनकी टीमें और भी अधिक सशक्त हुई हैं।
मोरक्को का आत्मविश्वास: क्या इतिहास बदल पाएंगे ‘एटलस लायंस’?
मोरक्को की टीम ने इस टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए साबित कर दिया है कि वे दुनिया की किसी भी बड़ी टीम को टक्कर देने का माद्दा रखते हैं। कोच ओहाबी का आत्मविश्वास उनके खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। हालांकि फ्रांस जैसी विश्व चैंपियन टीम के खिलाफ जीत हासिल करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है, लेकिन ‘एटलस लायंस’ की टीम अपने जुझारूपन और संगठित खेल के लिए जानी जाती है। अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या मोरक्को के खिलाड़ी सैबारी की कमी को पूरा कर पाएंगे और फ्रांस जैसी दिग्गज टीम को हराकर सेमीफाइनल में ऐतिहासिक प्रवेश कर पाएंगे।
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