The blind slaughter was solved : बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के रघुनाथनगर थाना पुलिस ने एक अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। मृतक और आरोपी के बीच पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद इतना गहरा गया कि आरोपी ने योजनाबद्ध तरीके से दोस्त की हत्या कर दी। पुलिस ने घटना के महज तीन दिनों के भीतर आरोपी को पकड़कर पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया।

क्या है मामला
30 अगस्त की शाम ग्राम चपोता रेंट नदी किनारे एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली। शव से करीब 50 मीटर दूर मृतक की मोटरसाइकिल भी खड़ी थी। जांच के दौरान शव की पहचान शिवराज सिंह (45 वर्ष), निवासी ग्राम पंडरी थाना माडा जिला सिंगरौली (मप्र) के रूप में हुई। घटनास्थल पर संघर्ष के निशान, टूटा हुआ चाकू और शव को घसीटे जाने के सबूत मिले, जिससे हत्या की आशंका मजबूत हुई।

कैसे खुली गुत्थी
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज की। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल्स और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने मृतक के साथ अंतिम बार देखे गए सियाचंद वैश्य (43 वर्ष) निवासी भावखंड, थाना माडा, जिला सिंगरौली को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
7.50 लाख का कर्ज बना मौत की वजह
आरोपी ने बताया कि उसने मृतक से करीब 7.50 लाख रुपए 5% ब्याज पर उधार लिया था, जो ब्याज समेत बढ़कर 15 लाख हो गया। बार-बार पैसे की मांग और दबाव से परेशान होकर उसने हत्या की योजना बनाई। आरोपी ने घटना से पहले नया चाकू खरीदा और मृतक को जमीन दिखाने के बहाने छत्तीसगढ़ बुलाया। फिर नदी किनारे झगड़े के दौरान चाकू से हमला करने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहने पर गला दबाकर हत्या कर दी और शव को नदी में फेंक दिया। जांच के दौरान आरोपी के निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू, खून लगे कपड़े, मृतक से लूटे गए 50 हजार रुपए, मोबाइल सेट और मोटरसाइकिल जब्त किए गए।
आरोपी सियाचंद वैश्य को 3 सितंबर की शाम पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस टीम का योगदान
पूरे मामले के खुलासे में पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विश्व दीपक त्रिपाठी और एसडीओपी रामअवतार ध्रुव के निर्देशन में थाना प्रभारी देवेंद्र ठाकुर, चौकी प्रभारी सुभाष कुजूर समेत पुलिस टीम का सराहनीय योगदान रहा।











