Gang rape case : लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व सरगुजा जिले के सीतापुर थाना क्षेत्र में आदिवासी युवती से हुए सामूहिक दुष्कर्म के चार आरोपियों को विशेष न्यायाधीश (एट्रोसिटीज) अतुल कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने 20-20 वर्ष कारावास और 50-50 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड की राशि अदा नहीं करने पर आरोपियों को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

विशेष लोक अभियोजक नितेशचंद्र शुक्ला ने बताया कि घटना दिवस 20 अप्रैल 2024 की रात पीड़िता अपने सहेली के यहां शादी समारोह में शामिल होने गई थी। उसी दौरान आरोपी जयप्रकाश यादव (21) ने फोन किया। पीड़िता से गांव के ही एक अन्य शादी में साथ चलने कहा था। मोटरसाइकिल में बैठाकर साथ ले जाने के दौरान एक स्थान पर वह रुक गया। इस पर पीड़िता ने कारण जानना चाहा था। उसी दौरान आरोपी के तीन अन्य साथी पुरुषोत्तम यादव उर्फ भोलू (22),नीरज अगरिया (22) तथा अजय बंसोड़ वहां पहुंच गए थे। चारों ने बदनीयती से पीड़िता को रोक लिया था। कुछ दूरी पर ले जाकर चारों ने बारी-बारी से पीड़िता से दुष्कर्म किया था।

घटना से डरी सहमी पीड़िता रात को ही घर पहुंचकर स्वजन को जानकारी दी थी। अगले दिन थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर चारों आरोपियों को न्यायलय के आदेश पर जेल भेज दिया था। न्यायालय में चालान प्रस्तुत होने के बाद प्रकरण के सारे तथ्यों की सुनवाई और पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को दोषी पाया गया। विशेष न्यायाधीश (एट्रोसिटीज) अतुल कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने 20-20 वर्ष कारावास और 50-50 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।अर्थदंड की राशि को पीड़िता को प्रतिकर के रूप में देने का आदेश अदालत ने दिया है।
अदालत ने की गंभीर टिप्पणी
अदालत ने कहा है कि दुष्कर्म, किसी महिला के विरूद्ध कारित अत्यधिक जघन्य अपराधों में से एक है, यह नारीत्व का अपमान करता है तथा महिला की गरिमा का उल्लंघन करने के साथ ही उसके सम्मान का क्षरण भी करता है। प्रकरण में यद्यपि आरोपितों को कम आयु का होना अभिकथन किया गया है तथा उनका पूर्व आपराधिक पृष्ठभूमि का होना भी दर्शित नहीं है, किंतु आरोपियों पर आरोपित अपराध की प्रकृति एवं प्रकरण के समस्त तथ्यों पर विचार करने के उपरांत आरोपियों को समुचित कारावास एवं अर्थदंड के दंड से दंडित किए जाने पर न्याय के उद्देश्यों की पूर्ति होना संभावित है।










