Gariyaband Naxal Operation
Gariyaband Naxal Operation: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में सुरक्षा बलों ने नक्सल विरोधी अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस और सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम ने नक्सलियों द्वारा जंगलों में छिपाकर रखे गए दो बड़े ‘डंप’ (गुप्त ठिकाने) बरामद किए हैं। इस कार्रवाई की सबसे खास बात यह रही कि इसमें 46 लाख रुपये से अधिक की नकद राशि और भारी मात्रा में अत्याधुनिक हथियार बरामद हुए हैं। यह ऑपरेशन मैनपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम कड़ेदोरा के घने जंगलों में चलाया गया, जिसने नक्सली संगठन की कमर तोड़ दी है।
इस पूरे ऑपरेशन की नींव शासन की पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण कर चुके पूर्व नक्सलियों द्वारा दी गई जानकारी पर टिकी थी। पूछताछ के दौरान सरेंडर कर चुके माओवादियों ने खुलासा किया कि प्रतिबंधित संगठन ‘सीपीआई माओवादी’ के धमतरी-गरियाबंद-नुआपाड़ा डिवीजन के शीर्ष नेताओं ने गरियाबंद की दुर्गम पहाड़ियों और जंगलों में बड़ी मात्रा में पैसा और गोला-बारूद डंप कर रखा है। इसी सटीक सूचना के आधार पर जिला पुलिस बल की ई-30 आप्स टीम और धमतरी डीआरजी (DRG) की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया।
28 फरवरी 2026 को सुरक्षा बलों की टीम ने ग्राम कड़ेदोरा के जंगलों में सघन सर्चिंग ऑपरेशन चलाया। तलाशी के दौरान एक स्थान से पुलिस को कुल 46,31,500 रुपये नकद बरामद हुए। चौंकाने वाली बात यह है कि इस नकद राशि में लगभग 2 लाख 2000 रुपये के पुराने नोट (बंद हो चुके 2000 के नोट) शामिल थे, जबकि बाकी की राशि 500-500 रुपये के नोटों के रूप में थी। सुरक्षा बलों के लिए यह एक बड़ी आर्थिक उपलब्धि है, क्योंकि गरियाबंद में अब तक कुल 1 करोड़ 8 लाख रुपये की नक्सली राशि जब्त की जा चुकी है।
नकद राशि के अलावा, दूसरे डंप से सुरक्षा बलों को घातक हथियारों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का जखीरा मिला है। बरामद की गई सामग्रियों की सूची लंबी है, जिसमें एक भरमार बंदूक, एक देशी ग्रेनेड लॉन्चर (सुरका रायफल), और एक एलएमजी बट शामिल है। इसके अलावा, टीम ने 160 से अधिक विभिन्न हथियारों के राउंड (कारतूस) भी जब्त किए हैं, जिनमें एके-47, इंसास, एसएलआर और .303 रायफल की गोलियां शामिल हैं। साथ ही 13 इलेक्ट्रिक और 10 नॉन-इलेक्ट्रिक डेटोनेटर बरामद कर एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया गया है।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस बरामदगी से नक्सली संगठन को न केवल आर्थिक रूप से बल्कि रणनीतिक रूप से भी गहरा धक्का लगा है। डंप किए गए सामानों में लैपटॉप, मोबाइल फोन और डिजिटल डिवाइस भी शामिल हैं, जिनसे नक्सलियों के नेटवर्क और भविष्य की योजनाओं के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं। यह सफलता छत्तीसगढ़ शासन की ‘पुनर्वास नीति’ की प्रभावशीलता को भी दर्शाती है, जिसकी वजह से नक्सली मुख्यधारा में लौट रहे हैं और महत्वपूर्ण सूचनाएं साझा कर रहे हैं।
इस सफल अभियान के बाद क्षेत्र में सुरक्षा बलों की गश्त और तेज कर दी गई है। गरियाबंद जिला पुलिस बल और डीआरजी की संयुक्त टीमें अब उन संभावित इलाकों पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं, जहाँ नक्सलियों ने भविष्य के लिए रसद या हथियार छिपाए हो सकते हैं। पुलिस के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों की संख्या बढ़ने से संगठन कमजोर हो रहा है और इस तरह की कार्रवाई से आने वाले समय में जिले को पूरी तरह नक्सल मुक्त बनाने में मदद मिलेगी।
Read More: Durg Road Accident: रसमड़ा में तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक को कुचला, युवक की दर्दनाक मौत
US Iran Tension : वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बढ़ता कूटनीतिक गतिरोध एक बार फिर…
Mukesh Khanna : टीवी जगत के दिग्गज अभिनेता और बच्चों के चहेते 'शक्तिमान' यानी मुकेश…
Nepal Politics : नेपाल की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है।…
UGC NET : नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भविष्य बनाने…
Best Sleeping Direction : अक्सर लोग रातभर की नींद पूरी करने के बाद भी सुबह…
Pune Pavana River Drowning : महाराष्ट्र के पुणे जिले से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने…
This website uses cookies.