Crude Oil Prices Drop
Crude Oil Prices Drop : वैश्विक ऊर्जा बाजार में बुधवार को कच्चे तेल की कीमतों में एक बड़ी और अप्रत्याशित गिरावट दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ‘डब्ल्यूटीआई क्रूड ऑयल’ (WTI Crude Oil) की कीमत करीब 6 फीसदी तक टूट गई, जिसके बाद यह घटकर 88.3 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गई। तेल की कीमतों में आई इस तेज गिरावट के पीछे सबसे मुख्य वजह ईरान की सरकार की ओर से आया एक बेहद सकारात्मक और महत्वपूर्ण बयान है। ईरान के इस आधिकारिक बयान में साफ तौर पर कहा गया है कि तेहरान आगामी एक महीने के भीतर रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) में सामान्य कारोबारी जहाजों की आवाजाही को पूरी तरह बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध है।
जलमार्गों की बात करें तो ‘होर्मुज स्ट्रेट’ को पूरी दुनिया के सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक का दर्जा प्राप्त है। यह जलमार्ग वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए जीवनरेखा की तरह काम करता है, क्योंकि दुनिया भर में सप्लाई होने वाले कुल कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) का लगभग 20 फीसदी हिस्सा इसी सकरे समुद्री रास्ते से होकर अपनी मंजिलों तक गुजरता है। यही कारण है कि इस क्षेत्र में होने वाला किसी भी प्रकार का राजनीतिक या सैन्य तनाव तुरंत वैश्विक ऊर्जा बाजार और तेल की कीमतों को बुरी तरह प्रभावित करता है।
हाल के दिनों में मध्य-पूर्व में बने युद्ध जैसे गंभीर हालात और भू-राजनीतिक तनाव के कारण इस समुद्री रास्ते से होकर गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई थी, जिससे दुनिया भर में तेल संकट गहराने का डर पैदा हो गया था। लेकिन अब इस क्षेत्र में जमीनी हालात तेजी से सुधरते हुए दिखाई दे रहे हैं। मंगलवार को मिली जानकारी के अनुसार, कम से कम दो विशाल विदेशी सुपरटैंकर बिना किसी बाधा के इस मार्ग से सुरक्षित बाहर निकले हैं। लगभग एक सप्ताह के लंबे अंतराल के बाद यह पहली बार हुआ है जब तकरीबन 40 लाख बैरल बिना रोक-टोक वाला कच्चा तेल इस रास्ते से सफलतापूर्वक गुजरा है।
अगर पिछले कुछ महीनों के रुझानों पर नजर डालें तो मार्च और अप्रैल के महीनों में वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में लगातार एक बड़ी तेजी देखने को मिल रही थी। हालांकि, अब इस बढ़त पर ब्रेक लग गया है और तेल की कीमतें लगातार नीचे आ रही हैं। चालू मई महीने में अब तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें 16 फीसदी से भी ज्यादा टूट चुकी हैं, जिसके चलते क्रूड ऑयल की कीमतें पिछले करीब पांच हफ्तों के अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई हैं। बाज़ार के जानकारों और निवेशकों में अब यह उम्मीद काफी बढ़ गई है कि संयुक्त राज्य अमेरिका (US) और ईरान के बीच राजनयिक समझौते की दिशा में सकारात्मक प्रगति हो रही है।
ईरान के एक शीर्ष राजनयिक अधिकारी ने इस मामले पर पुष्टि करते हुए कहा है कि वॉशिंगटन के साथ उनकी अप्रत्यक्ष बातचीत का दौर अभी भी लगातार जारी है और दोनों पक्ष सकारात्मक रुख अपना रहे हैं। दूसरी तरफ, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो (Marco Rubio) ने भी इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच शांति समझौते को अंतिम रूप देने और सभी बिंदुओं को स्पष्ट करने में अभी कुछ दिनों का समय और लग सकता है।
वैश्विक तेल बाजार के बड़े विशेषज्ञों और आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रही यह बातचीत यदि किसी ठोस नतीजे पर पहुंच जाती है, तो यह वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी राहत होगी। दोनों देशों के बीच औपचारिक समझौता हो जाने और होर्मुज स्ट्रेट से तेल की वैश्विक सप्लाई पूरी तरह सामान्य रहने की स्थिति में, आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में और अधिक नरमी देखने को मिल सकती है, जिससे भारत सहित कई विकासशील देशों को महंगाई से बड़ी राहत मिलेगी।
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