GST Cut Impact:
GST Cut Impact: भारत की जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) वृद्धि दर इस वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 7.5 प्रतिशत या उससे अधिक रहने की उम्मीद जताई जा रही है। इसका मुख्य कारण सितंबर के अंत में जीएसटी दरों में की गई कटौती और त्योहारी सीजन में बिक्री में आई तेज वृद्धि है। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) रिसर्च की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है कि जीएसटी में सुधार और त्योहारी सीजन के दौरान मांग में वृद्धि ने अर्थव्यवस्था को मजबूत किया है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि निवेश गतिविधियों में तेजी, गांवों में खपत में सुधार, और सर्विस एवं मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर में वृद्धि ने इस जीडीपी ग्रोथ को मजबूती दी है। जीएसटी को युक्तिसंगत बनाने जैसे सुधारों ने भी इस प्रक्रिया को गति दी है। खासकर त्योहारी सीजन में डिमांड बढ़ने से कुल मिलाकर अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक असर पड़ा है।एसबीआई की रिपोर्ट में कहा गया है कि त्योहारी बिक्री के आंकड़े अच्छे रहे हैं और कृषि, उद्योग, और सेवाओं के क्षेत्र में खपत और मांग के प्रमुख संकेतक भी दूसरी तिमाही में बढ़कर 83 प्रतिशत हो गए हैं, जो पहली तिमाही में 70 प्रतिशत थे। वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 7.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है, और इसमें और वृद्धि की संभावना भी है।
रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि नवंबर में सकल घरेलू माल और सेवा कर (जीएसटी) संग्रह लगभग 1.49 लाख करोड़ रुपये हो सकता है, जो पिछले साल की तुलना में 6.8 प्रतिशत अधिक है। इसमें 51,000 करोड़ रुपये का आईजीएसटी और आयात पर उपकर भी शामिल है, जिससे कुल जीएसटी संग्रह दो लाख करोड़ रुपये को पार कर सकता है। यह वृद्धि जीएसटी दरों की कटौती और त्योहारी सीजन में बढ़ी हुई मांग के कारण हो रही है।त्योहारों के दौरान क्रेडिट और डेबिट कार्ड से खर्च करने में भी भारी वृद्धि देखने को मिली है। विशेष रूप से क्रेडिट कार्ड से वाहन, किराना स्टोर, इलेक्ट्रॉनिक्स, फर्निशिंग और यात्रा जैसी व्यापारिक श्रेणियों में ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भारी वृद्धि दर्ज की गई। 38 प्रतिशत खर्च जन-उपयोगी वस्तुओं और सेवाओं पर हुआ, जबकि सुपरमार्केट और किराना पर 17 प्रतिशत और यात्रा एजेंट की हिस्सेदारी 9 प्रतिशत रही।
क्रेडिट कार्ड खर्च के आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि सभी शहरों में डिमांड बढ़ी है, लेकिन मझोले शहरों में इस दौरान सबसे अधिक मांग देखी गई। ई-कॉमर्स की बिक्री भी सभी शहरों में सकारात्मक रही, जो कि इस सीजन में बढ़ी हुई उपभोक्ता मांग का संकेत है।एसबीआई रिपोर्ट के मुताबिक, जीएसटी को युक्तिसंगत बनाए जाने के साथ ही डेबिट कार्ड खर्च में भी वृद्धि हुई है। सितंबर-अक्टूबर के दौरान, प्रमुख राज्यों में डेबिट कार्ड से होने वाली खरीदारी में वृद्धि देखी गई, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में अधिक रही।
भारत की अर्थव्यवस्था का वृहद दृष्टिकोण सतर्क नजरिया अपनाने के बावजूद संभावनाओं से भरा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, मजबूत घरेलू मांग और घटती मुद्रास्फीति के दबाव के चलते, निवेश गतिविधियों और ग्रामीण खपत में सुधार के कारण भारत की अर्थव्यवस्था को बल मिल रहा है। जीएसटी 2.0 के सुधारों से निजी खपत और घरेलू मांग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जो आगे चलकर आर्थिक वृद्धि को सहारा देगा।
Read More : SIR Duty Stress: तमिलनाडु में SIR ड्यूटी विवाद, सेविका ने आत्महत्या की कोशिश से तनाव बढ़ा
IRGC Spokesperson Death: ईरान की सुरक्षा और सूचना तंत्र को एक बड़ा झटका लगा है।…
Opium Trap In Raigarh: छत्तीसगढ़ में दुर्ग और बलरामपुर के बाद अब रायगढ़ जिले से…
Tonk Crime News: राजस्थान के टोंक जिले से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली वारदात…
Rupee vs Dollar: वैश्विक भू-राजनीतिक अस्थिरता और कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी उछाल…
Hormuz Strait Crisis: मध्य पूर्व में इज़राइल और ईरान के बीच गहराता सैन्य संघर्ष अब…
JPSC Recruitment 2026: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) ने प्रशासनिक सेवा में करियर बनाने का…
This website uses cookies.