Gujarat Civic Polls Result
Gujarat Civic Polls Result: गुजरात स्थानीय निकाय चुनाव 2026 के नतीजों ने एक बार फिर राज्य में भारतीय जनता पार्टी की मजबूत पकड़ को साबित कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के गृह राज्य में भाजपा ने दमदार प्रदर्शन करते हुए विपक्षी दलों का सूपड़ा साफ कर दिया है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, राज्य के 15 नगर निगमों में से 13 पर भाजपा ने पूर्ण बहुमत के साथ कब्जा जमा लिया है, जबकि शेष नगर निगमों में भी पार्टी निर्णायक बढ़त बनाए हुए है। नगर निगमों की कुल 1044 सीटों में से भाजपा के खाते में 732 सीटें आई हैं, जो यह दर्शाता है कि शहरी मतदाताओं का भरोसा अब भी ‘कमल’ पर अडिग है।
विपक्ष की भूमिका निभा रही कांग्रेस के लिए ये चुनाव परिणाम निराशाजनक रहे हैं। नगर निगमों में कांग्रेस मात्र 65 सीटों पर सिमट कर दूसरे स्थान पर रही, जबकि अन्य के खाते में 11 सीटें गईं। वहीं, अगर नगरपालिकाओं की बात करें, तो यहां भी भाजपा का प्रदर्शन ऐतिहासिक रहा है। कुल 2030 सीटों में से भाजपा ने रिकॉर्ड 1688 सीटों पर जीत दर्ज की है। कांग्रेस यहां कुछ बेहतर प्रदर्शन करते हुए 389 सीटें जीतने में कामयाब रही, जबकि निर्दलीयों और छोटे दलों ने 138 सीटों पर अपना परचम लहराया। जिला और तालुका पंचायतों में भी भाजपा ने क्रमशः 503 और 1964 सीटें जीतकर ग्रामीण इलाकों में अपनी पैठ मजबूत रखी है।
मेहसाणा जिले की ऊंझा नगरपालिका के परिणाम भाजपा के लिए विशेष रूप से उत्साहजनक रहे। यहाँ की कुल 36 सीटों में से पार्टी ने 31 सीटों पर विशाल जीत दर्ज की। दिलचस्प बात यह है कि इन 31 सीटों में से 22 सीटों पर भाजपा उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए, यानी उनके खिलाफ कोई प्रतिद्वंद्वी मैदान में टिक ही नहीं सका। इस नगरपालिका में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद खराब रहा और पार्टी अपना खाता तक नहीं खोल पाई। यहाँ 5 सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों के खाते में गईं, जो स्थानीय स्तर पर व्यक्तिगत प्रभाव को दर्शाती हैं।
इन चुनावों में सबसे चौंकाने वाला और महत्वपूर्ण मोड़ सूरत से आया है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने सूरत नगर पालिका चुनाव में अपनी मौजूदगी दर्ज कराते हुए सबको हैरान कर दिया है। सूरत के वार्ड नंबर 17 में ‘आप’ के पूरे पैनल ने जीत हासिल की है। इसे गुजरात की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सूरत जैसे औद्योगिक केंद्र में ‘आप’ का खाता खुलना यह संकेत देता है कि शहरी युवा और मध्यम वर्ग अब पारंपरिक द्विध्रुवीय राजनीति (भाजपा बनाम कांग्रेस) से इतर विकल्प की तलाश कर रहा है।
जहाँ एक तरफ भाजपा भारी अंतर से जीत रही थी, वहीं कुछ सीटों पर कांटे की टक्कर भी देखने को मिली। भरुच जिले की पालेज तालुका पंचायत सीट पर लोकतंत्र की सबसे दिलचस्प तस्वीर सामने आई। यहाँ कांग्रेस उम्मीदवार ने मात्र 1 वोट के अंतर से जीत हासिल की। यह जीत बताती है कि स्थानीय चुनावों में हर एक मतदाता की भूमिका कितनी अहम होती है। हालांकि ये शुरुआती और आधिकारिक रुझानों पर आधारित आंकड़े हैं, और पूर्ण मतगणना के बाद अंतिम टैली में मामूली बदलाव संभव हैं, लेकिन फिलहाल गुजरात की सत्ता पर भाजपा का एकाधिकार कायम नजर आ रहा है।
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