Harshit Rana Selection: ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए घोषित भारतीय टीम में जहां शुभमन गिल को कप्तानी मिलने की चर्चा रही, वहीं तेज गेंदबाज हर्षित राणा के चयन पर सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग और आलोचना का दौर शुरू हो गया। कई यूजर्स और पूर्व खिलाड़ियों ने आरोप लगाए कि राणा को टीम इंडिया में बार-बार मौका केवल हेड कोच गौतम गंभीर के कारण मिल रहा है, ना कि उनके प्रदर्शन के बलबूते।
लेकिन क्या यह आलोचना पूरी तरह जायज़ है? क्या हर्षित वाकई सिर्फ “फेवरेटिज्म” की वजह से टीम में हैं, या इसके पीछे कोई बड़ी योजना और क्रिकेटिंग सोच है? आइए तथ्यों के आधार पर इसे समझने की कोशिश करें।
हर्षित राणा, जो दिल्ली के लिए घरेलू क्रिकेट खेलते हैं, IPL 2024 में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के लिए खेले और टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। उसी सीजन में गौतम गंभीर टीम के मेंटॉर थे। इसके कुछ महीनों बाद गंभीर को टीम इंडिया का हेड कोच बनाया गया और हर्षित ने टेस्ट, टी20 और वनडे—तीनों फॉर्मेट में डेब्यू किया।
बस यहीं से आरोप लगने लगे कि गंभीर अपने पसंदीदा खिलाड़ियों को टीम में ला रहे हैं। खुद पूर्व कप्तान कृष्णामचारी श्रीकांत ने भी कटाक्ष करते हुए कहा कि गिल के बाद राणा की जगह पक्की है।
वनडे: 5 मैच, 10 विकेट, औसत 20, इकॉनमी < 6
टी20: 3 मैच, 5 विकेट, इकॉनमी 10 (थोड़ी महंगी)
टेस्ट: 2 मैच, 4 विकेट (सामान्य प्रदर्शन)
चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में भी उन्होंने पाकिस्तान जैसे मजबूत विरोधी के खिलाफ 1 विकेट देकर 30 रन दिए, जो खराब नहीं कहा जा सकता।
लंबा कद और बाउंस: विदेशी पिचों पर सफलता की कुंजी।
गति और एग्रेसन: विपक्षी बल्लेबाजों को दबाव में डालने की क्षमता।
निचले क्रम में बल्लेबाज़ी: 8-9 नंबर पर उपयोगी योगदान दे सकते हैं।
ये सभी गुण उन्हें एक पैकेज प्लेयर बनाते हैं—ऐसे खिलाड़ी की तलाश भारतीय टीम को लंबे समय से है।
हर्षित को वनडे टीम में बार-बार शामिल करने का मकसद सिर्फ वर्तमान नहीं बल्कि 2027 वर्ल्ड कप की तैयारी है, जिसका आयोजन साउथ अफ्रीका में होगा। वहां की तेज और उछाल भरी पिचों पर लंबे कद और गति वाले गेंदबाज कारगर होते हैं। इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, और दक्षिण अफ्रीका जैसी टीमों के पास ऐसे गेंदबाज पहले से हैं—टीम इंडिया को भी उसी दिशा में सोचना होगा।
हर्षित राणा का चयन पूरी तरह परफेक्ट नहीं कहा जा सकता, लेकिन इसे सिर्फ “फेवरेटिज्म” कह देना नाइंसाफी होगी। हर खिलाड़ी को ग्रो करने के लिए समय और मौके चाहिए होते हैं। टीम मैनेजमेंट की सोच स्पष्ट है—वो भविष्य की तैयारी कर रही है, न कि सिर्फ आज का स्कोरबोर्ड देख रही है।
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