He-Man of Bollywood: बॉलीवुड के प्रतिष्ठित अभिनेता, जिन्हें प्यार से ‘ही-मैन’ कहा जाता था, धर्मेंद्र अब इस दुनिया में नहीं रहे। 89 वर्ष की आयु में उन्होंने अपनी अंतिम सांस ली। इस दुखद समाचार के बाद, मुंबई के विले पार्ले श्मशान घाट पर परिवार के सदस्य और करीबी दोस्त उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए एकत्रित हुए। फिल्म जगत की कई हस्तियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें श्रद्धांजलि दी है। फिल्म निर्देशक करण जौहर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए लिखा, “यह एक युग का अंत है… एक विशाल मेगा स्टार… मुख्यधारा सिनेमा में एक नायक का अवतार… अविश्वसनीय रूप से सुंदर।” धर्मेंद्र का निधन भारतीय सिनेमा के एक गौरवशाली अध्याय की समाप्ति है।

He-Man of Bollywood: ‘ही-मैन’ नाम की कहानी: ‘फूल और पत्थर’ ने दिलाई मस्कुलर पहचान
धर्मेंद्र को ‘बॉलीवुड का ही-मैन’ की उपाधि ऐसे ही नहीं मिली थी; इसके पीछे एक खास कारण और एक महत्वपूर्ण फिल्म थी। उन्हें यह नाम मिलने का श्रेय 1966 में आई सुपरहिट फिल्म ‘फूल और पत्थर’ को जाता है। इस फिल्म में धर्मेंद्र ने एक ऐसा दृश्य किया, जिसने उस दौर के सिनेमा को एक नई दिशा दी – उन्होंने अपनी शर्ट उतारी। उनकी शर्टलेस तस्वीरों ने उन्हें रातों-रात लोकप्रियता के एक नए शिखर पर पहुँचा दिया। उस दौर में ऐसा करना साहसिक माना जाता था। इसी फिल्म से उन्हें एक एक्शन हीरो के रूप में ठोस पहचान मिली। उनकी सुगठित और मस्कुलर बॉडी ने उनकी ‘ही-मैन’ की छवि को गढ़ने में निर्णायक भूमिका निभाई।
He-Man of Bollywood: मीडिया और फैंस ने दिया ‘ही-मैन’ का खिताब
यह सवाल अक्सर उठता है कि धर्मेंद्र को यह मशहूर नाम ‘ही-मैन’ किसने दिया। इसका सीधा जवाब है – उस फिल्म के बाद मिली जबरदस्त लोकप्रियता और मीडिया की जुबान ने। ‘फूल और पत्थर’ की सफलता के बाद, फिल्मी पत्रिकाओं और मैग्जीनों में उनकी फिट बॉडी और एक्शन क्षमताओं पर खूब चर्चा होने लगी। उन्हें अपने दौर का सर्वश्रेष्ठ एक्शन हीरो कहा जाने लगा। हिंदी फिल्म इंडस्ट्री और मीडिया ने ही उन्हें यह नाम दिया, और जल्द ही यह नाम धर्मेंद्र से जुड़ी खबरों में धड़ल्ले से इस्तेमाल होने लगा। बाद में, उनकी एक के बाद एक एक्शन से भरपूर फिल्मों ने उनके इस उपनाम पर स्थायी मुहर लगा दी, और वह हमेशा के लिए बॉलीवुड के ‘ही-मैन’ बन गए।
सफलता के बाद भी सादगी और ज़िम्मेदारी: फिएट कार का किस्सा
ओ.पी. रल्हन द्वारा निर्देशित 1966 की एक्शन फिल्म “फूल और पत्थर” न केवल एक बड़ी हिट साबित हुई, बल्कि इसने धर्मेंद्र के जीवन को पूरी तरह से बदल दिया। इस फिल्म ने विशेष रूप से महिलाओं के बीच उनकी बड़ी फैन फॉलोइंग बना दी, क्योंकि वह शर्टलेस होने वाले शुरुआती मुख्यधारा के स्टार थे। जब उनकी कमाई का दायरा बढ़ा, तो उन्होंने एक फ़िएट कार खरीदी। इस कार के पीछे उनका एक खास मकसद था जो उनकी ज़िम्मेदारी की भावना को दर्शाता है।
जब उनके भाई ने उन्हें फ़िएट से बेहतर कोई महंगी कार खरीदने का सुझाव दिया, तो धर्मेंद्र का जवाब था: “इस इंडस्ट्री का भरोसा नहीं, अगर काम नहीं मिला तो फ़िएट की टैक्सी बना चला लूंगा, फिर स्ट्रगल कर लेंगे।” धर्मेंद्र को शुरू से ही अपनी ज़िम्मेदारियों का एहसास था। हालाँकि, शुक्र है कि उन्हें कभी टैक्सी चलाने की नौबत नहीं आई, और वह सफलता की सीढ़ियाँ लगातार चढ़ते चले गए। धर्मेंद्र ने फिल्म इंडस्ट्री में छह दशक से अधिक समय बिताया और अपनी एक्शन फिल्मों, कॉमेडी ड्रामा और रोमांटिक किरदारों में बराबर से दर्शकों का प्यार हासिल किया।


















