Himanta Biswa Sarma
Himanta Biswa Sarma : असम के मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता हिमंता बिस्वा सरमा ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच एक बड़ा राजनीतिक बयान देकर हलचल मचा दी है। सरमा ने हुंकार भरते हुए कहा कि बंगाल में भाजपा की सरकार बनने के बाद उन तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा, जिन्होंने चुनाव के दौरान पार्टी उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं पर हमले किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सत्ता में आने के बाद ऐसे उपद्रवियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरमा ने आंकड़ों का दावा करते हुए कहा कि भाजपा असम में 100 और पश्चिम बंगाल में 200 से अधिक सीटें जीतकर इतिहास रचने जा रही है।
मुख्यमंत्री सरमा ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के कामकाज की जमकर सराहना की। उन्होंने मांग की कि ज्ञानेश कुमार को उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया जाना चाहिए। सरमा ने कहा कि देश में SIR (Statutory Identity Records) लागू करने में उनके प्रयासों को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि इस प्रणाली को असम में भी पूर्ण रूप से लागू किया जाना चाहिए। सरमा का यह बयान चुनाव आयोग के प्रति उनके अटूट विश्वास और चुनावी सुधारों के समर्थन को दर्शाता है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के जीत के दावों पर पलटवार करते हुए हिमंता बिस्वा सरमा ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी के भाषणों में अब वह आत्मविश्वास नहीं दिखता, जो पहले हुआ करता था। सरमा के अनुसार, “दीदी के भाषण का लहजा बदल गया है, जो उनकी आने वाली हार की स्पष्ट झलक दिखाता है।” उन्होंने दावा किया कि 4 मई को जब चुनाव परिणाम आएंगे, तब भाजपा 200 से अधिक सीटों के साथ ममता सरकार को बेदखल कर देगी और बंगाल में विकास का नया अध्याय शुरू होगा।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने जानकारी दी कि आजादी के बाद पहली बार पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में इतना भारी मतदान दर्ज किया गया है। मतदान के आंकड़ों ने सभी पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। रात 10 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम बंगाल की 152 सीटों पर 92.66% और तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर 85.14% मतदान हुआ। ज्ञानेश कुमार ने मतदाताओं की इस ऐतिहासिक भागीदारी की सराहना करते हुए इसे लोकतंत्र की जीत बताया। हालांकि, इन आंकड़ों पर विपक्षी दलों ने सवाल उठाना भी शुरू कर दिया है।
जहाँ एक ओर भाजपा चुनाव आयोग की प्रशंसा कर रही है, वहीं विपक्ष इसे लेकर हमलावर है। पूर्व कानून मंत्री कपिल सिब्बल ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में लोगों को उनके बुनियादी मतदान अधिकार से वंचित किया जा रहा है। सिब्बल ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि अगर चुनाव आयोग का यही रवैया रहा, तो मुख्य चुनाव आयुक्त को ‘पद्म भूषण’ दिया जाना चाहिए। विपक्ष का आरोप है कि भारी मतदान के पीछे कुछ अनियमितताएं हो सकती हैं, जिसकी निष्पक्ष जांच की आवश्यकता है।
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