Hockey World Cup 2026: भारतीय महिला हॉकी टीम ने वर्ल्ड कप 2026 में अपने अभियान की शुरुआत शानदार अंदाज में की। रविवार को वागनर स्टेडियम में खेले गए पूल डी के मुकाबले में भारत ने दुनिया की चौथे नंबर की टीम और पेरिस ओलंपिक की रजत पदक विजेता चीन को 2-2 की बराबरी पर रोक दिया। एफआईएच रैंकिंग में भारत से पांच स्थान ऊपर मौजूद चीन के खिलाफ यह ड्रॉ भारतीय टीम के लिए किसी जीत से कम नहीं माना जा रहा है। टीम ने पूरे मुकाबले में आत्मविश्वास और आक्रामकता के साथ खेलते हुए मजबूत प्रतिद्वंद्वी को कड़ी चुनौती दी।


नवनीत कौर ने भारत को दिलाई शुरुआती बढ़त
मैच की शुरुआत से ही भारतीय खिलाड़ियों ने चीन के खिलाफ आक्रामक रवैया अपनाया। भारत को इसका फायदा आठवें मिनट में मिला, जब नवनीत कौर ने शानदार फील्ड गोल करके टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। नवनीत इस समय बेहतरीन फॉर्म में चल रही हैं और एशिया कप के अलावा क्वालीफायर्स में भी उन्होंने महत्वपूर्ण गोल किए थे। उनके गोल ने चीन को शुरुआती चरण में ही दबाव में ला दिया और भारतीय टीम का आत्मविश्वास बढ़ा।

पेनल्टी स्ट्रोक से चीन ने की बराबरी
पहले क्वार्टर के अंतिम सेकेंड में भारत से हुई एक गलती का चीन ने पूरा फायदा उठाया। शिल्पी के फाउल के कारण चीन को पेनल्टी स्ट्रोक मिला। झांग यिंग ने इस मौके को गोल में बदलने में कोई गलती नहीं की और स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। इसके बाद दोनों टीमों के बीच मुकाबला और ज्यादा रोमांचक हो गया। भारतीय डिफेंस ने चीन के लगातार हमलों को रोकने की कोशिश की, जबकि फॉरवर्ड लाइन फिर से बढ़त हासिल करने के लिए मौके तलाशती रही।
दीपिका की ड्रैग फ्लिक ने भारत को फिर आगे किया
दूसरे क्वार्टर में भारतीय टीम ने एक बार फिर आक्रामक हॉकी का प्रदर्शन किया। 25वें मिनट में भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिसे ड्रैग फ्लिक विशेषज्ञ दीपिका ने शानदार अंदाज में गोल में तब्दील कर दिया। इस गोल के साथ भारत ने 2-1 की बढ़त हासिल कर ली। दीपिका का मौजूदा फॉर्म भी टीम के लिए बड़ी उम्मीद है। उन्होंने हाल ही में नेशंस कप 2026 में छह गोल किए थे और उस टूर्नामेंट में भारत ने खिताब भी अपने नाम किया था।
तीसरे क्वार्टर में चीन ने फिर बराबरी हासिल की
तीसरे क्वार्टर में चीन ने अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए भारतीय डिफेंस पर दबाव बढ़ाया। 39वें मिनट में चीन को मैच का पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला और मा निंग ने इसे गोल में बदलकर मुकाबले को 2-2 की बराबरी पर ला दिया। इसके बाद मैच का रोमांच लगातार बढ़ता गया। दोनों टीमों ने निर्णायक गोल के लिए कई प्रयास किए, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने चीन के हमलों का मजबूती से सामना किया।

आखिरी क्वार्टर में सविता पुनिया बनीं दीवार
चौथे क्वार्टर में चीन ने लगातार आक्रमण करते हुए भारत पर दबाव बनाने की कोशिश की। 56वें मिनट में चीन को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन भारतीय डिफेंस ने शानदार बचाव किया। अनुभवी गोलकीपर सविता पुनिया ने भी महत्वपूर्ण मौकों पर बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए चीन को बढ़त लेने से रोक दिया। 313 अंतरराष्ट्रीय मैचों का अनुभव रखने वाली सविता के लिए यह तीसरा वर्ल्ड कप है। बड़े मुकाबलों में उनका अनुभव भारतीय टीम के लिए बेहद अहम साबित हुआ।
चीन के खिलाफ ड्रॉ से भारत का बढ़ा मनोबल
भारत और चीन की हालिया भिड़ंत को देखते हुए यह नतीजा भारतीय टीम के लिए काफी महत्वपूर्ण है। चीन ने पिछले महीने ही एशिया कप के फाइनल में भारत को 4-1 से हराया था। ऐसे में वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर उसी टीम को 2-2 की बराबरी पर रोकना भारतीय खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को निश्चित रूप से बढ़ाएगा। भारत ने दिखाया कि वह दुनिया की शीर्ष टीमों के खिलाफ भी बराबरी की चुनौती पेश कर सकता है। अब टीम की नजरें पूल डी के आगामी मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करते हुए अगले दौर में जगह बनाने पर रहेंगी।
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