Houthi Rebels Attack : ईरान समर्थित यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के अभा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाकर एक बड़ा मिसाइल और ड्रोन हमला किया है। विद्रोहियों का दावा है कि यह हमला सऊदी अरब द्वारा सना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर किए गए हवाई हमलों का सीधा जवाब है। हालांकि, सोमवार को हुए इस हमले में किसी के हताहत होने की कोई आधिकारिक सूचना नहीं है, लेकिन इसे पिछले कई वर्षों में सऊदी-हूती संबंधों के बीच सबसे बड़ा सैन्य टकराव माना जा रहा है। सऊदी अधिकारियों ने यमन में अपने हवाई हमलों पर अब तक कोई टिप्पणी नहीं की है।

एयरलाइंस के लिए चेतावनी और युद्ध की नई चुनौती
हूती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी ने टेलीग्राम के माध्यम से सभी एयरलाइनों को सऊदी हवाई क्षेत्र का उपयोग न करने की सख्त चेतावनी दी है। याह्या सरी ने स्पष्ट किया कि जब तक सना एयरपोर्ट से प्रतिबंध नहीं हटाया जाता, तब तक यह सैन्य अभियान जारी रहेगा। दूसरी ओर, यमन की मान्यता प्राप्त सरकार का कहना है कि सना हवाई अड्डे पर की गई सैन्य कार्रवाई का उद्देश्य एक ईरानी विमान को उतरने से रोकना था। इस घटना के बाद से दोनों पक्षों के बीच चल रही शांति की स्थिति पूरी तरह समाप्त हो गई है, जिससे पूरे क्षेत्र में युद्ध का खतरा बढ़ गया है।

संयुक्त राष्ट्र की चिंता और वार्ता की अपील
क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने एक आपातकालीन बैठक बुलाई। बैठक के दौरान राजनीतिक मामलों के सहायक महासचिव खालिद खियारी ने वैश्विक समुदाय को आगाह करते हुए कहा कि यमन और पूरा क्षेत्र अब किसी और सैन्य टकराव का भार नहीं उठा सकता। उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने और संयुक्त राष्ट्र की देखरेख में बातचीत शुरू करने की पुरजोर अपील की है।
गृहयुद्ध का लंबा इतिहास और बदलते समीकरण
यमन का गृहयुद्ध 2014 से जारी है, जब हूतियों ने राजधानी सना पर कब्जा कर लिया था। 2015 में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने सरकार की वापसी के लिए सैन्य हस्तक्षेप किया। इस साल की शुरुआत में सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच मतभेद बढ़ने से यूएई ने यमन से अपनी सैन्य भागीदारी कम कर ली थी, जिससे सुरक्षा समीकरण बदल गए हैं। सऊदी गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मालिकी ने दावा किया है कि उनकी वायु रक्षा प्रणाली ने हूतियों की बैलिस्टिक मिसाइलों को बीच हवा में ही नष्ट कर दिया है।
ईरानी विमान और संप्रभुता का विवाद
यह तनाव तब और गहरा गया जब हूतियों के एक प्रतिनिधिमंडल को ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार से वापस लाना था। यमन की राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद ने ईरान की ‘महान एयर’ को सना एयरपोर्ट पर उतरने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद तनाव अपने चरम पर पहुंच गया। हूतियों का आरोप है कि सऊदी विमानों ने ईरानी विमान को रोकने के लिए रनवे पर बमबारी की। फिलहाल, यमन की सरकार ने सुरक्षा कारणों से देश के सभी हवाई अड्डों को अगले आदेश तक बंद कर दिया है और संवेदनशील इलाकों को खाली करने के निर्देश दिए हैं।
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