US Iran Conflict : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को लेकर सख्त तेवर अपना लिए हैं। ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना ईरान पर बेहद शक्तिशाली हमले कर रही है, जिससे उनकी सैन्य क्षमता लगभग पूरी तरह नष्ट हो चुकी है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि स्थितियां बहुत तेजी से बदल रही हैं और अमेरिका ईरान की हर उस क्षमता को ध्वस्त कर रहा है, जो होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी हुई है। राष्ट्रपति ने कहा, “हमने ईरान की सैन्य ताकत को तबाह कर दिया है और हम उन पर लगातार जोरदार प्रहार कर रहे हैं।”

समझौते के उल्लंघन पर भड़के अमेरिकी राष्ट्रपति
सीजफायर के विफल होने के पीछे ट्रंप ने सीधे तौर पर ईरान को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने बताया कि हाल ही में दोनों देशों के बीच एक समझौता हुआ था, जिसे ईरान ने अपनी असहमति जताते हुए तुरंत तोड़ दिया। ट्रंप ने कहा, “ईरान की सोच और कार्यप्रणाली अलग है, जिसे हम अब और बर्दाश्त नहीं करेंगे।” उन्होंने संकेत दिए कि सैन्य अभियान की गति धीमी नहीं होगी और वे क्षेत्र में पूर्ण नियंत्रण स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। ट्रंप ने ईरान के रवैये को “मूर्खतापूर्ण और बेवकूफी भरा” करार दिया है।

प्रदर्शनकारियों की हत्या और भयावह स्थिति
ट्रंप ने ईरान में जारी आंतरिक अशांति और प्रदर्शनों को लेकर भी गंभीर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरानी शासन ने अब तक कम से कम 52,000 प्रदर्शनकारियों की हत्या कर दी है और वास्तविक आंकड़ा इससे भी अधिक हो सकता है। ट्रंप ने इस स्थिति को बेहद “भयावह” बताते हुए कहा कि ईरान लंबे समय से क्रूरता की हदें पार कर रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि अमेरिका बहुत जल्द इस पूरे क्षेत्र की स्थिति को अपने नियंत्रण में ले आएगा।
47 वर्षों का इतिहास और सैन्य कार्रवाई की नई दिशा
ईरान के साथ परमाणु समझौते और वार्ता के संदर्भ में ट्रंप ने कहा कि ईरान ने पिछले 47 वर्षों में अनगिनत बार समझौतों को तोड़ा है। उन्होंने अपनी पिछली सरकारों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि लंबे समय से बातचीत का दौर चल रहा था, लेकिन किसी ने भी ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने का साहस नहीं दिखाया। अब अमेरिका का रुख स्पष्ट है; वे केवल बातचीत पर निर्भर नहीं रहकर ईरान पर सैन्य दबाव बढ़ा रहे हैं।
यूएई के तेल टैंकरों पर मिसाइल हमला
होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव उस समय और बढ़ गया जब संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दो तेल टैंकरों, ‘मोंबासा’ और ‘अल बहिया’, पर ईरानी क्रूज मिसाइलों से हमला किया गया। इस दुखद घटना में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई और आठ अन्य घायल हो गए। यूएई ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताया है। ओमान की सीमा के पास हुए इस मिसाइल हमले के बाद वैश्विक समुद्री सुरक्षा पर संकट के बादल छा गए हैं, जिससे तनावपूर्ण स्थितियां और अधिक जटिल हो गई हैं।
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