‘I Love Mahadev’: महाराष्ट्र में धार्मिक और राजनीतिक माहौल फिर गरमाया है। राज्य के मंत्री नितेश राणे ने हाल ही में एक ‘I Love महादेव’ वाला पोस्टर साझा किया है, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। यह पोस्टर ऐसे समय पर आया है जब महाराष्ट्र में धार्मिक तनाव बढ़े हुए हैं, खासकर मुंबई के मानखुर्द इलाके में दुर्गा पंडाल की मूर्ति अपवित्र किए जाने के बाद।

‘I Love महादेव’ पोस्टर और मंत्री का बयान
गुरुवार, 25 सितंबर को अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर नितेश राणे ने एक पोस्टर शेयर किया जिसमें लिखा था –
“शिव ही सत्य हैं, शिव अनंत हैं, शिव अनादि हैं, शिव भगवंत हैं।”उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की वर्तमान बीजेपी नेतृत्व वाली महायुति सरकार एक ‘हिंदुत्ववादी’ सरकार है, जिसे हिंदू मतों के समर्थन से चुना गया है। राणे ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन लोगों ने इस सरकार को वोट नहीं दिया, वे ‘गोल टोपी’ पहनने वाले मुस्लिम समुदाय के हैं।मंत्री ने कहा कि त्योहार के दौरान किसी भी हाल में हिंदू देवी-देवताओं का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने साफ शब्दों में कहा,“यह सरकार हिंदुओं के मतों से बनी है, और गोल टोपी वाले लोगों ने इसे वोट नहीं दिया।”

मानखुर्द में तनाव और राणे की चेतावनी
21 सितंबर की रात मुंबई के मानखुर्द इलाके में देवी दुर्गा की मूर्ति को कथित तौर पर अपवित्र किए जाने की घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया था, जिससे दो समुदायों के बीच झड़प हुई। इसी घटना को लेकर माहौल और खराब होता दिखा।कार्यक्रम के दौरान आयोजित महाआरती में नितेश राणे ने राज्य के शांतिपूर्ण माहौल को बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा,“आप अपने त्योहार शांतिपूर्वक मनाएं, हम अपने त्योहार मनाएंगे। मुंबई के माहौल को बिगाड़ने वाले किसी भी व्यक्ति को हम बर्दाश्त नहीं करेंगे।”
गरबा कार्यक्रम और ‘लव जिहाद’ को लेकर विवादित टिप्पणी
मंत्री ने हाल ही में दावा किया था कि नवरात्र के दौरान आयोजित गरबा कार्यक्रम ‘लव जिहाद’ के केंद्र बन गए हैं। उन्होंने विश्व हिंदू परिषद के उस सुझाव का समर्थन किया जिसमें कहा गया कि ऐसे आयोजनों में प्रतिभागियों की पहचान दस्तावेजों की पूरी तरह जांच होनी चाहिए। यह बयान भी विवाद का विषय बना।
पहले भी विवादित बयान दे चुके हैं नितेश राणे
इससे पहले जुलाई में नितेश राणे ने मुसलमानों को ‘हरा सांप’ कहकर विवाद खड़ा किया था। उन्होंने कहा था कि वे हिंदू मतदाताओं के समर्थन से ही विधायक बने हैं, जिससे धार्मिक विभाजन को बढ़ावा देने वाले आरोप लगे थे।
महाराष्ट्र में हाल के दिनों में धार्मिक तनाव और सामाजिक विवाद बढ़ते जा रहे हैं। नितेश राणे जैसे नेता के विवादित बयान और कड़े रुख से माहौल और गर्मा सकता है। उन्होंने साफ कर दिया है कि वे हिंदू मतदाताओं के समर्थन को प्राथमिकता देते हैं और त्योहारों के दौरान किसी भी तरह के धार्मिक अपमान को बर्दाश्त नहीं करेंगे।इस बीच, शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व बनाए रखने और सभी समुदायों के बीच सौहार्द बढ़ाने की जरूरत पर जोर देना ही राज्य की स्थिरता के लिए आवश्यक है।











