IAF New Vice Chief: भारतीय वायुसेना में नेतृत्व के स्तर पर महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहा है। एयर मार्शल इंद्रपाल सिंह वालिया को वायुसेना का नया उप प्रमुख यानी वाइस चीफ ऑफ एयर स्टाफ (VCAS) नियुक्त किया गया है। वह 1 नवंबर 2026 से इस महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी संभालेंगे। वर्तमान में एयर मार्शल वालिया ईस्टर्न एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (AOC-in-C) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनकी नियुक्ति को भारतीय वायुसेना की वरिष्ठ नेतृत्व व्यवस्था में एक अहम बदलाव माना जा रहा है।

एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित की लेंगे जगह
एयर मार्शल इंद्रपाल सिंह वालिया वर्तमान उप प्रमुख एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित की जगह कार्यभार संभालेंगे। दरअसल, एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित 31 अक्टूबर 2026 को भारतीय वायुसेना के 29वें प्रमुख यानी चीफ ऑफ द एयर स्टाफ (CAS) का पद संभालने जा रहे हैं। इसके बाद वायुसेना के शीर्ष नेतृत्व में नई जिम्मेदारियों का क्रम शुरू होगा। वालिया की नियुक्ति इसी नेतृत्व परिवर्तन का हिस्सा है। उप प्रमुख के तौर पर उन्हें वायुसेना की संचालन व्यवस्था, रणनीतिक योजनाओं और विभिन्न महत्वपूर्ण सैन्य गतिविधियों में अहम भूमिका निभानी होगी।

3200 घंटे से ज्यादा उड़ान का शानदार अनुभव
एयर मार्शल इंद्रपाल सिंह वालिया भारतीय वायुसेना के अनुभवी फाइटर पायलटों में शामिल हैं। उनके पास 3200 घंटे से अधिक विमान उड़ाने का अनुभव है। लगभग चार दशक के सैन्य करियर में उन्होंने कई महत्वपूर्ण परिचालन और प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभाई हैं। उन्होंने फ्रंटलाइन मिग-27 स्क्वाड्रन, टैक्टिक्स एंड एयर कॉम्बैट डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (TACDE) और एयर फोर्स स्टेशन बरेली की कमान संभाली है। विभिन्न लड़ाकू विमानों को उड़ाने का उनका अनुभव भी काफी व्यापक रहा है।
मिग-21 से सुखोई-30 तक उड़ाए कई लड़ाकू विमान
वालिया ने अपने लंबे सैन्य करियर में वायुसेना के कई प्रमुख लड़ाकू विमानों का संचालन किया है। इनमें मिग-21, मिग-23, मिग-27, जगुआर और आधुनिक सुखोई-30 MKI शामिल हैं। अलग-अलग पीढ़ियों के लड़ाकू विमानों के साथ काम करने के अनुभव ने उन्हें हवाई युद्ध रणनीति और ऑपरेशनल तैयारियों की गहरी समझ दी है। TACDE जैसी महत्वपूर्ण संस्था की कमान संभालने के कारण उन्हें लड़ाकू अभियानों की रणनीति और पायलटों के प्रशिक्षण का भी व्यापक अनुभव प्राप्त हुआ है।
NDA से पढ़ाई, विदेशों में भी निभाई अहम जिम्मेदारियां
एयर मार्शल वालिया राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) के पूर्व छात्र हैं। उन्हें 11 जून 1988 को भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन मिला था। उन्होंने ब्रिटेन में एडवांस कमांड एंड स्टाफ कोर्स और बांग्लादेश में नेशनल डिफेंस कॉलेज (NDC) का प्रशिक्षण प्राप्त किया है। अपने स्टाफ करियर में वह डायरेक्टोरेट ऑफ एयर स्टाफ इंस्पेक्शन (DASI) के प्रमुख रहे हैं। इसके अलावा जापान और दक्षिण कोरिया में भारतीय दूतावासों में रक्षा अताशे के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं। वह ईस्टर्न एयर कमांड में सीनियर एयर स्टाफ ऑफिसर (SASO) की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं।

वायुसेना मेडल और AVSM से हो चुके हैं सम्मानित
भारतीय वायुसेना में विशिष्ट सेवाओं के लिए एयर मार्शल वालिया को कई प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुके हैं। वर्ष 2008 में उन्हें वायु सेना मेडल (VM) और 2018 में अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) से सम्मानित किया गया था। वह रक्षा और रणनीतिक अध्ययन में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास इन विषयों में तीन स्नातकोत्तर डिग्रियां भी हैं। सैन्य अनुभव के साथ उनकी शैक्षणिक योग्यता उन्हें रणनीतिक मामलों की बेहतर समझ प्रदान करती है।
वाइस चीफ के रूप में क्या होगी सबसे बड़ी जिम्मेदारी?
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, एयर मार्शल वालिया का पूर्वी वायु कमान में लंबा अनुभव और लड़ाकू अभियानों की रणनीति पर मजबूत पकड़ उनकी नई भूमिका में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। पूर्वी क्षेत्र सामरिक दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। ऐसे में वहां की परिचालन चुनौतियों को समझने का उनका अनुभव वायुसेना की तैयारियों को मजबूत करने में मददगार हो सकता है। 1 नवंबर से उप प्रमुख की जिम्मेदारी संभालने के बाद उनके सामने वायुसेना की ऑपरेशनल क्षमता, आधुनिकीकरण और रणनीतिक प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी।
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