US Midterm Elections 2026 : वेटिकन सिटी से एक ऐतिहासिक खबर सामने आई है। कैथोलिक चर्च के प्रमुख पोप लियो XIV ने अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में डाक मतपत्र के जरिए अपना वोट डाल दिया है। वेटिकन ने शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को इसकी आधिकारिक पुष्टि की। शिकागो में जन्मे पोप लियो अमेरिका के चुनाव में मतदान करने वाले इतिहास के पहले पोप बन गए हैं। उन्होंने अमेरिकी नागरिक के रूप में अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया है।

शिकागो में मेल-इन बैलेट के जरिए किया मतदान
वेटिकन के प्रेस कार्यालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, पोप लियो XIV ने शिकागो में अपना मेल-इन बैलेट जमा किया है। उनका जन्म के समय नाम रॉबर्ट फ्रांसिस प्रीवोस्ट था। वेटिकन ने स्पष्ट किया कि पोप अमेरिकी नागरिक होने के नाते जब भी मतदान के पात्र रहे, उन्होंने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। इस बार भी उन्होंने अपनी पुरानी परंपरा जारी रखी और डाक से वोट भेजा।

पेरू में रहते हुए भी करते रहे मतदान
वेटिकन के बयान में यह भी बताया गया कि पोप लियो XIV ने पेरू में रहने के दौरान भी पात्रता होने पर मतदान किया था। पोप बनने से पहले रॉबर्ट प्रीवोस्ट लंबे समय तक दक्षिण अमेरिका के पेरू में मिशनरी और धार्मिक पदों पर कार्यरत रहे। वेटिकन के अनुसार, उनके लिए लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेना केवल अधिकार नहीं, बल्कि नागरिक जिम्मेदारी भी है।
लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी को बताया अधिकार और कर्तव्य
वेटिकन के आधिकारिक बयान में कहा गया कि पोप का विश्वास है कि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में हिस्सा लेना प्रत्येक नागरिक का अधिकार और कर्तव्य है। उनके मतदान को नागरिक भागीदारी के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, वेटिकन ने यह नहीं बताया कि पोप ने किन उम्मीदवारों या राजनीतिक दलों के पक्ष में मतदान किया है। उनका वोट किसे मिला, यह निजी मतदान प्रक्रिया का हिस्सा है।
3 नवंबर को होंगे अमेरिका के मध्यावधि चुनाव
अमेरिका में 3 नवंबर 2026 को मध्यावधि चुनाव होने हैं। इन चुनावों में प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों के लिए मतदान कराया जाएगा। अमेरिकी संसद के ऊपरी सदन सीनेट की 100 में से 35 सीटों पर भी चुनाव होंगे। इसके अतिरिक्त 36 राज्यों में गवर्नर पद के लिए मतदान होना है। राज्य और स्थानीय स्तर पर भी कई पदों के लिए मतदाता अपने प्रतिनिधि चुनेंगे।

विदेश में रहने वाले अमेरिकी नागरिकों को भी मतदान का अधिकार
अमेरिका के चुनावी नियमों के तहत विदेश में रहने वाले पात्र अमेरिकी नागरिक भी डाक या अनुपस्थित मतपत्र के माध्यम से मतदान कर सकते हैं। सैन्य सेवा में तैनात ऐसे कर्मचारी, जो अपने पंजीकृत मतदान क्षेत्र से दूर हैं, उन्हें भी यह सुविधा मिलती है। पोप लियो XIV ने इसी व्यवस्था के तहत शिकागो में अपना मतपत्र भेजा है।
ट्रंप प्रशासन के लिए भी अहम हैं मध्यावधि चुनाव
इन चुनावों के नतीजे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के राजनीतिक एजेंडे और अमेरिकी संसद में सत्ता के संतुलन को प्रभावित करेंगे। प्रतिनिधि सभा और सीनेट में किस दल को बहुमत मिलता है, इससे सरकार के विधायी प्रस्तावों को आगे बढ़ाने की स्थिति तय होगी। महंगाई, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय नीतियां भी चुनावी चर्चा के प्रमुख मुद्दे हैं। ऐसे राजनीतिक माहौल में पोप लियो का मतदान करना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।
पोप के मतदान ने खींचा दुनिया का ध्यान
पोप लियो XIV का यह कदम इसलिए भी खास है क्योंकि वह कैथोलिक चर्च के सर्वोच्च धर्मगुरु होने के साथ अमेरिकी नागरिक भी हैं। उनके मतदान ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में नागरिक भागीदारी के महत्व पर एक नई चर्चा शुरू कर दी है। हालांकि, उन्होंने किसे वोट दिया, इसका खुलासा नहीं हुआ है।
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