Terrorist Pannu: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अमेरिका में सक्रिय खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू के खिलाफ नया मामला दर्ज किया है। इस मामले में आरोप है कि पन्नू ने स्वतंत्रता दिवस 2025 के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लाल किले पर तिरंगा फहराने से रोकने वालों को 11 करोड़ रुपये देने की घोषणा कर भारत की संप्रभुता को चुनौती दी। साथ ही, उसने सिख समुदाय में भारत के खिलाफ असंतोष फैलाने की कोशिश की।

पन्नू का विवादित वीडियो और खालिस्तान का नया नक्शा
NIA की FIR के अनुसार, गुरपतवंत सिंह पन्नू प्रतिबंधित संगठन ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ (SFJ) का जनरल काउंसल है। 10 अगस्त 2025 को पाकिस्तान के लाहौर प्रेस क्लब में एक कार्यक्रम के दौरान पन्नू ने वीडियो संदेश जारी किया। इसमें उसने कहा कि जो सिख सैनिक प्रधानमंत्री को लाल किले पर तिरंगा फहराने से रोकेंगे, उन्हें 11 करोड़ रुपये का भारी इनाम दिया जाएगा। इस वीडियो के साथ ही पन्नू ने खालिस्तान का नया नक्शा भी जारी किया, जिसमें पंजाब के साथ-साथ दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश को शामिल किया गया था।

‘शहीद जत्था’ नामक संगठन की घोषणा
FIR में यह भी बताया गया है कि पन्नू और उसके संगठन SFJ ने भारत विरोधी गतिविधियों को और तेज करने के लिए ‘शहीद जत्था’ नाम से एक नया संगठन बनाने की घोषणा की है। NIA के पास इस संबंध में वीडियो और अन्य पुख्ता सबूत मौजूद हैं, जो इस साजिश को साबित करते हैं।
NIA की FIR में क्या शामिल है?
NIA ने इस मामले में FIR गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) और भारतीय दंड संहिता की अन्य धाराओं के तहत दर्ज की है। FIR में गुरपतवंत सिंह पन्नू के साथ-साथ कुछ अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। यह कार्रवाई गृह मंत्रालय के निर्देश पर की गई है।
गृह मंत्रालय की प्रतिक्रिया
गृह मंत्रालय ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पन्नू ने भारत की संप्रभुता को सीधे चुनौती दी है। उन्होंने पंजाब समेत अन्य राज्यों के भारत के अधिकार को नकारने का प्रयास किया है। मंत्रालय ने बताया कि मामले की जांच NIA को सौंपी गई है ताकि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैली इस साजिश के सभी पहलुओं को समझा जा सके और उचित कानूनी कार्रवाई की जा सके।
भारतीय संप्रभुता पर खतरा और सख्त कार्रवाई
गुरपतवंत सिंह पन्नू जैसे आतंकवादी भारत की अखंडता और संप्रभुता के लिए गंभीर खतरा हैं। उनके द्वारा खालिस्तान नामक अलगाववादी आंदोलन को बढ़ावा देना और भड़काऊ बयान देना देश की एकता के लिए चिंता का विषय है। NIA द्वारा दर्ज FIR इस दिशा में एक अहम कदम है, जो ऐसे आतंकवादी तत्वों को कड़ी सजा दिलाने की दिशा में है।
गुरपतवंत सिंह पन्नू और उसके संगठन SFJ की गतिविधियां भारत के खिलाफ साजिश रचने वाली हैं, जिन्हें NIA और गृह मंत्रालय ने गंभीरता से लिया है। स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर प्रधानमंत्री को निशाना बनाकर इस तरह की धमकियां देना देश की सुरक्षा के लिए खतरा है। देश के सुरक्षा तंत्र द्वारा इस मामले की गहन जांच और कड़ी कार्रवाई की जा रही है ताकि भारत की संप्रभुता सुरक्षित रह सके।
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