NIRF Ranking 2025: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) 2025 का 10वां संस्करण जारी कर दिया है। इस साल भी IIT मद्रास ने ओवरऑल कैटेगरी में लगातार सातवीं बार देश के सर्वश्रेष्ठ उच्च शिक्षा संस्थान का खिताब हासिल किया है।

शिक्षा मंत्रालय की ओर से जारी की गई इस रैंकिंग में कुल 14,163 संस्थानों की भागीदारी रही, जिसमें 7692 यूनिक HEIs (Higher Educational Institutions) शामिल हुए। इस रैंकिंग का उद्देश्य भारत के उच्च शिक्षा संस्थानों की गुणवत्ता, नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में सुधार को बढ़ावा देना है।

NIRF 2025 टॉप 10 ओवरऑल संस्थान
रैंक संस्थान का नाम
1 IIT मद्रास (IIT Madras)
2 IISc बेंगलुरु
3 IIT बॉम्बे
4 IIT दिल्ली
5 IIT कानपुर
6 IIT खड़गपुर
7 IIT रूड़की
8 AIIMS दिल्ली
9 JNU
10 BHU
शिक्षा मंत्रियों और अधिकारियों की प्रतिक्रिया
केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुकांता मजूमदार ने कहा कि NIRF रैंकिंग उच्च शिक्षा में संस्थानों की प्रगति का वार्षिक उत्सव है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा उच्च शिक्षा इकोसिस्टम बन चुका है, जिसमें 4.4 करोड़ छात्र और 16 लाख शिक्षक शामिल हैं।
उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी ने कहा कि इस रैंकिंग प्रणाली से संस्थानों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है, जिससे रिसर्च और टीचिंग की गुणवत्ता में निरंतर सुधार हो रहा है।
पहली बार लागू हुई नेगेटिव मार्किंग
NBA और NETF के अध्यक्ष अनिल सहस्त्रबुद्धे ने बड़ा ऐलान करते हुए बताया कि इस बार पहली बार नेगेटिव मार्किंग सिस्टम लागू किया गया है। इसका मकसद है रिसर्च पब्लिकेशन में नकल को रोकना और रिसर्च एथिक्स को बढ़ावा देना।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में नेगेटिव मार्किंग की वेटेज और बढ़ाई जाएगी और प्लैगरिज़्म पाए जाने पर संस्थानों को रैंकिंग से बाहर कर दिया जाएगा।
भारत का बढ़ता वैश्विक प्रभाव
शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, अब भारतीय संस्थान केवल राष्ट्रीय स्तर पर नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में भी अपनी जगह बना रहे हैं। वर्तमान में QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2025 में 54 भारतीय संस्थानों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है।
छात्रों के लिए कैसे फायदेमंद है NIRF रैंकिंग?
छात्र अब जान सकते हैं कि किस क्षेत्र में कौन सा संस्थान श्रेष्ठ है।यह रैंकिंग छात्रों को सही संस्थान चुनने में डाटा-आधारित निर्णय लेने में मदद करती है।संस्थानों में सुधार और पारदर्शिता की भावना को भी प्रोत्साहन मिलता है।
NIRF इंडिया रैंकिंग 2025 ने न केवल शीर्ष संस्थानों को उजागर किया है, बल्कि अब यह रिसर्च एथिक्स, गुणवत्ता और पारदर्शिता के लिए भी एक मजबूत मंच बन गया है। संस्थानों की बढ़ती भागीदारी और नई निगरानी व्यवस्थाएं भारत को शिक्षा के वैश्विक मानचित्र पर मजबूती से स्थापित कर रही हैं।










