Illegal Liquor Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ की जशपुर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 51 लाख रुपये मूल्य की अवैध अंग्रेजी शराब जब्त की है। यह शराब पांच राज्यों से होते हुए बिहार भेजी जा रही थी, जहां आगामी चुनावों में इसे खपाने की योजना थी। पुलिस ने ट्रक चालक सहित कई संदिग्धों की पहचान कर पूछताछ शुरू कर दी है।

चुनाव में खपाने के लिए बिहार जा रही थी शराब
मिली जानकारी के अनुसार, पकड़ी गई शराब बिहार चुनाव में खपाने के उद्देश्य से लाई जा रही थी। तस्करों का यह सिंडिकेट चुनाव के लिए शराब का बड़ा स्टॉक तैयार कर रहा था, लेकिन पुलिस की सक्रियता के कारण शराब बिहार पहुंचने से पहले ही जशपुर में ही पकड़ में आ गई। यह मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है।

पांच महीने में दूसरी बड़ी कार्रवाई
जशपुर पुलिस की यह पांच महीने में दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले पंजाब से लाए गए उसी रूट पर 1 करोड़ 50 लाख रुपये मूल्य की शराब जब्त की गई थी। शराब के इस नेटवर्क में लगभग 2100 किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए कई ड्राइवर चेंज किए जाते हैं। हर ड्राइवर को करीब 45 हजार रुपये दिए जाते हैं।
ड्राइवर को माल का पता नहीं होता
अनोखी बात यह है कि ट्रक के ड्राइवर को यह नहीं बताया जाता कि गाड़ी में क्या लोड है। उनका काम केवल ट्रक को निर्दिष्ट स्थान तक पहुंचाना होता है। माल की लोडिंग और अनलोडिंग माफिया के लोग करते हैं। ट्रकों का इस्तेमाल इस तरह से किया जाता है कि उन्हें पकड़ना मुश्किल हो।
कैसे हुई गिरफ्तारी?
4 अगस्त 2025 की सुबह जशपुर पुलिस को सूचना मिली कि एक संदिग्ध ट्रक क्रमांक UP12AT1845 में अवैध शराब लोड की गई है और वह जशपुर क्षेत्र से गुजरने वाला है। यह ट्रक चंडीगढ़ से बिहार की ओर जा रहा था। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने नेशनल हाईवे-43 पर आगडीह गांव के पास नाकेबंदी की और ट्रक को रोक लिया।
ट्रक की तलाशी में 734 कार्टूनों में कुल 6,588 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब बरामद हुई। पुलिस ने ड्राइवर चिमाराम (26) को गिरफ्तार किया, जो राजस्थान के बाड़मेर जिले के बायतु थाना क्षेत्र का रहने वाला है।
ड्राइवर की पूछताछ से खुला सारा खेल
पुलिस पूछताछ में चिमाराम ने बताया कि शराब माफिया का लोडिंग प्वाइंट पंजाब के चंडीगढ़ शहर में है। ट्रक चंडीगढ़ से हिमाचल प्रदेश होकर उत्तर प्रदेश के लखनऊ पहुंचता है, जहां कुछ देर रुककर अगला स्टॉप छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर का होता है। इसके बाद ट्रक जशपुर, झारखंड के रांची होते हुए बिहार के विभिन्न जिलों में शराब की डिलीवरी करता है।
ड्राइवर को केवल लोकेशन दी जाती है और माफिया के सदस्य ही लोडिंग-अनलोडिंग का काम संभालते हैं। इस प्रकार शराब तस्करी का यह नेटवर्क बहुत संगठित और सोची-समझी रणनीति के तहत काम करता है।
छत्तीसगढ़ पुलिस की इस बड़ी कामयाबी से अवैध शराब तस्करी के खिलाफ जंग को बल मिला है। चुनाव जैसे संवेदनशील समय में इस तरह की कार्रवाई से कानून व्यवस्था बनाए रखने की सरकार की प्रतिबद्धता झलकती है। पुलिस ने मामले की आगे की जांच तेज कर दी है और तस्करों के अन्य सदस्य भी जल्द पकड़ में आने की संभावना है।










