Imran Khan Health Report: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सेहत को लेकर एक नई हेल्थ रिपोर्ट सामने आने के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। रिपोर्ट में उनके मानसिक तनाव, चिंता और ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव का उल्लेख किया गया है। डॉक्टरों ने उनकी मानसिक और शारीरिक स्थिति को बेहतर रखने के लिए कुछ जरूरी सुझाव भी दिए हैं। रिपोर्ट में उन्हें नियमित रूप से चलने, पढ़ने और परिवार के सदस्यों से समय-समय पर मुलाकात करने की सलाह दी गई है।
चार डॉक्टरों ने की इमरान खान की जांच
10 अगस्त की जांच से संबंधित बताई जा रही रिपोर्ट के मुताबिक, चार डॉक्टरों ने 73 वर्षीय इमरान खान की मेडिकल जांच की। इसमें उनकी एंग्जायटी यानी चिंता का स्तर बढ़ा हुआ बताया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, लंबे समय तक तनाव और सीमित गतिविधियों का असर उनकी मानसिक स्थिति पर पड़ सकता है। इसी वजह से उन्हें नियमित शारीरिक गतिविधि और परिवार से संपर्क बनाए रखने की सलाह दी गई है।
एक घंटे की वॉक और पढ़ने की सलाह
हेल्थ रिपोर्ट में इमरान खान को रोजाना करीब एक घंटे तक पैदल चलने की सलाह दी गई है। इसके अलावा उन्हें मैगजीन और अखबार पढ़ने तथा मानसिक रूप से सक्रिय रहने के लिए समय देने की बात कही गई है। डॉक्टरों ने समय-समय पर पत्नी और बच्चों से मुलाकात की सलाह भी दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, इन गतिविधियों से उनके तनाव और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है।
रिपोर्ट की टाइमिंग पर उठ रहे सवाल
इमरान खान की हेल्थ रिपोर्ट ऐसे समय सामने आई है, जब कुछ दिन पहले उनकी जिंदगी को लेकर एक गंभीर दावा चर्चा में आया था। विदेश में रह रहे पत्रकार और ब्रॉडकास्टर वजाहत एस. खान ने दावा किया था कि पाकिस्तान सेना के जनरल हेडक्वार्टर यानी GHQ के कुछ अज्ञात अधिकारी इमरान खान की जेल में मौत होने की आशंका को लेकर चिंतित हैं। हालांकि पाकिस्तान सेना के प्रेस विंग ISPR ने इन दावों को पूरी तरह मनगढ़ंत बताते हुए खारिज कर दिया था।
पत्रकार ने अधिकारियों से बातचीत का किया दावा
10 और 11 अगस्त को सामने आई अपनी वीडियो रिपोर्टों में वजाहत एस. खान ने दावा किया कि उन्होंने पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठान से जुड़े चार लोगों से बातचीत की थी। उनके मुताबिक इनमें GHQ के जनरल स्टाफ, मिलिट्री इंटेलिजेंस और कम्युनिकेशन मॉनिटरिंग डायरेक्टरेट में तैनात तीन अधिकारी और एक जूनियर सैनिक शामिल थे। हालांकि उनके दावों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।
गोपनीयता और डर के माहौल का दावा
वजाहत एस. खान का दावा था कि इन लोगों ने इमरान खान की मौत की पुष्टि नहीं की, बल्कि संस्थान के भीतर डर और गोपनीयता का माहौल होने की बात कही। उनके अनुसार कुछ अधिकारी कथित तौर पर अपने घरों में भी इस विषय पर बातचीत करने से बच रहे थे। पत्रकार ने इसे सामान्य सैन्य अनुशासन के बजाय कथित संस्थागत भय का संकेत बताया। इन दावों को लेकर पाकिस्तान में राजनीतिक और मीडिया स्तर पर चर्चा तेज हुई।
फोन सिग्नल ब्लॉक करने का भी दावा
पत्रकार के मुताबिक, कुछ अधिकारियों को कथित निगरानी का इतना डर था कि वे अपने मोबाइल फोन के सिग्नल तक रोकने की कोशिश करते थे। उन्होंने दावा किया कि कुछ अधिकारी फोन को माइक्रोवेव में रख देते थे, ताकि वह सिग्नल रोकने वाले एक तरह के फैराडे केज की तरह काम करे। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इन्हें पत्रकार के दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
इमरान से मुलाकात पर भी सवाल
नई मेडिकल रिपोर्ट के बाद इमरान खान से परिवार और अन्य लोगों की मुलाकात को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। उनके समर्थकों और परिवार की ओर से लंबे समय से जेल में उनसे मिलने की मांग की जाती रही है। उनके दोनों बेटे भी कथित तौर पर अपने पिता से मुलाकात की अनुमति देने की अपील कर चुके हैं। इस स्थिति ने इमरान खान की वास्तविक स्थिति और जेल में उनके हालात को लेकर चर्चा बढ़ा दी है।

कैमरे के सामने लाने की मांग
इमरान खान की सेहत को लेकर उठ रहे सवालों के बीच यह मांग भी सामने आ रही है कि उनकी स्थिति को लेकर पारदर्शिता बरती जाए। आलोचकों का कहना है कि यदि उनकी सेहत सामान्य है तो उन्हें कैमरे के सामने लाकर स्थिति स्पष्ट की जा सकती है और परिवार के सदस्यों से मुलाकात की अनुमति दी जा सकती है। फिलहाल हेल्थ रिपोर्ट और सामने आए दावों ने पाकिस्तान में इमरान खान की स्थिति को लेकर बहस को और तेज कर दिया है।
हेल्थ रिपोर्ट और दावों के बीच बढ़ा विवाद
इमरान खान की मेडिकल रिपोर्ट में फिलहाल मानसिक तनाव, एंग्जायटी और ब्लड प्रेशर को लेकर सावधानी की बात सामने आई है। वहीं उनकी जिंदगी को लेकर किए गए गंभीर दावों को पाकिस्तानी सेना पहले ही खारिज कर चुकी है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल रिपोर्ट की टाइमिंग, मुलाकातों पर कथित पाबंदियों और उनकी वास्तविक स्थिति को लेकर पारदर्शिता का बना हुआ है। आने वाले दिनों में परिवार, जेल प्रशासन और पाकिस्तानी सरकार की ओर से सामने आने वाली जानकारी इस पूरे विवाद को स्पष्ट करने में अहम भूमिका निभा सकती है।
Read More : Smriti Irani Reaction: संगठन में वापसी पर पहली प्रतिक्रिया, बोलीं- मेरे जैसे कार्यकर्ता का सम्मान