Imran Khan Health
Imran Khan Health: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पीटीआई (PTI) के संस्थापक इमरान खान की जेल में सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर छिड़ा विवाद अब देश की सर्वोच्च अदालत तक पहुँच गया है। मंगलवार को पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए बैरिस्टर सलमान सफदर को रावलपिंडी की उच्च सुरक्षा वाली अदियाला जेल में जाकर इमरान खान से मिलने की विशेष अनुमति प्रदान की है। कोर्ट का यह आदेश इमरान खान की सेहत और जेल में उन्हें दी जा रही सुविधाओं के बारे में उठ रहे सवालों के बीच आया है, जिससे सरकार और जेल प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है।
अदालत ने बैरिस्टर सलमान सफदर को केवल एक मुलाकाती के रूप में नहीं, बल्कि एक समीक्षक के रूप में नियुक्त किया है। उन्हें आदेश दिया गया है कि वे व्यक्तिगत रूप से इमरान खान की बैरक की स्थिति देखें, उन्हें मिल रहे भोजन की गुणवत्ता की जांच करें और उन्हें दिए जा रहे चिकित्सा उपचार की वास्तविकता को समझें। इस पूरी प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य एक ऐसी निष्पक्ष रिपोर्ट तैयार करना है, जो जेल प्रशासन के दावों और पीटीआई के आरोपों के बीच की सच्चाई को अदालत के सामने पेश कर सके।
पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश (CJP) याह्या अफरीदी और जस्टिस शाहिद बिलाल हसन की दो सदस्यीय पीठ ने इस मामले में जेल प्रशासन को सख्त चेतावनी दी है। चीफ जस्टिस ने निर्देश दिया है कि सलमान सफदर के दौरे में किसी भी तरह की बाधा न डाली जाए। यदि कोई विवाद उत्पन्न होता है, तो संबंधित स्टाफ अधिकारियों को समाधान के लिए साथ रहना होगा। अदालत ने इस पूरी कार्यवाही और रिपोर्ट जमा करने के लिए 11 फरवरी 2026 की समयसीमा तय की है। यह डेडलाइन दर्शाती है कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले को कितनी गंभीरता और तत्परता से ले रही है।
सुनवाई के दौरान बैरिस्टर सफदर ने इमरान खान के गिरते स्वास्थ्य की ओर अदालत का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने खुलासा किया कि हाल ही में हुई आंखों की जांच में कुछ गंभीर लक्षण पाए गए हैं, जो चिंता का विषय हैं। पीटीआई की कानूनी टीम का आरोप है कि जेल में खान को आवश्यक विशेषज्ञ सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं। इसके जवाब में चीफ जस्टिस ने इमरान खान की पूरी मेडिकल रिपोर्ट को सीधे चैंबर में पेश करने का आदेश दिया है, ताकि उसकी गोपनीयता बनाए रखते हुए तथ्यों की निष्पक्ष जांच की जा सके।
पीटीआई के चेयरमैन गौहर खान ने अदालत में दलील दी कि इमरान खान के परिवार और उनके निजी डॉक्टरों को अंधेरे में रखा जा रहा है। उन्होंने मांग की कि पूर्व प्रधानमंत्री के निजी चिकित्सकों को जेल में विस्तृत जांच करने की अनुमति मिलनी चाहिए। इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं, और उनके समर्थकों का मानना है कि उनकी वर्तमान स्थिति के बारे में जेल प्रशासन जो जानकारी साझा कर रहा है, वह अपूर्ण है। हालांकि अटॉर्नी जनरल ने पूर्व के आदेशों के अनुपालन की बात कही है, लेकिन कोर्ट अब ताजा और स्वतंत्र इनपुट चाहती है।
इमरान खान की जेल समीक्षा का यह आदेश पाकिस्तान की राजनीति में एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है। 11 फरवरी को आने वाली रिपोर्ट यह तय करेगी कि इमरान खान को अस्पताल स्थानांतरित किया जाना चाहिए या नहीं। इस कानूनी लड़ाई के बीच पीटीआई देशभर में अपने समर्थकों को एकजुट कर रही है। आने वाले कुछ दिन न केवल इमरान खान के स्वास्थ्य के लिए बल्कि पाकिस्तान की न्यायिक निष्पक्षता की परीक्षा के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण होने वाले हैं।
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