Khawaja Asif
Khawaja Asif: पड़ोसी देश पाकिस्तान में राजनीतिक पारा एक बार फिर चरम पर है। जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई को लेकर खैबर पख्तूनख्वा (KP) के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी के हालिया ऐलान ने इस्लामाबाद की सत्ता में हलचल पैदा कर दी है। मुख्यमंत्री अफरीदी ने ‘रिलीज इमरान खान फोर्स’ बनाने की घोषणा की है, जिसे पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने पूरी तरह से गैर-कानूनी और असंवैधानिक करार दिया है। रक्षा मंत्री ने तीखे शब्दों में चेतावनी देते हुए संकेत दिया है कि इस तरह के उकसावे वाले कदम उठाने के कारण सोहेल अफरीदी की मुख्यमंत्री की कुर्सी भी खतरे में पड़ सकती है।
रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने मीडिया संस्थानों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री अफरीदी के इरादों पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने ‘समा न्यूज’ से कहा कि सोहेल अफरीदी को अपनी नौकरी जाने का डर सता रहा है और वे अपनी डगमगाती स्थिति को मजबूत करने के लिए ‘रिलीज फोर्स’ जैसे विवादित बयानों का सहारा ले रहे हैं। आसिफ ने तंज कसते हुए कहा कि कुछ राजनेता केवल अपनी ‘सियासी दुकान’ खुली रखने के लिए ऐसी बातें करते हैं। उन्होंने ‘जियो न्यूज’ को दिए इंटरव्यू में भी दोहराया कि अफरीदी का यह कदम अपनी कुर्सी बचाने की एक हताशा भरी कोशिश के अलावा और कुछ नहीं है।
इस पूरे विवाद की जड़ 18 फरवरी को हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में छिपी है। पीटीआई और विपक्षी गठबंधन ‘तहरीक तहफ्फुज-ए-अय्यन पाकिस्तान’ (TTAP) द्वारा संसद भवन के बाहर अपना धरना खत्म करने के बाद मुख्यमंत्री अफरीदी ने सुप्रीम कोर्ट के बाहर एक बड़ा बयान दिया था। उन्होंने घोषणा की थी कि वे इमरान खान की रिहाई के लिए एक समर्पित बल (Force) बनाएंगे। अफरीदी का दावा है कि इमरान खान ने खुद उन्हें सड़कों पर आंदोलन का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि अदालती आदेशों की अनदेखी की जा रही है और खान को उनके निजी डॉक्टरों तक पहुंच नहीं दी जा रही है।
राजनीतिक गलियारों में इस बात की भी चर्चा थी कि इमरान खान को जेल से निकालकर उनके घर ‘बानी गाला’ शिफ्ट किया जा सकता है या उन्हें विदेश जाने की अनुमति दी जा सकती है। हालांकि, रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इन सभी कयासों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि खान को इस्लामाबाद के बाहरी इलाके में स्थित उनके घर या देश से बाहर भेजने के बारे में सरकार के भीतर कभी कोई चर्चा नहीं हुई है। उन्होंने साफ कर दिया कि कानून अपना काम कर रहा है और किसी भी अपराधी को विशेष छूट नहीं दी जाएगी।
73 वर्षीय पूर्व क्रिकेटर और राजनेता इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं। उन पर भ्रष्टाचार के कई गंभीर मामले चल रहे हैं। एक मामले में उन्हें दोषी ठहराते हुए 14 साल की जेल की सजा पहले ही सुनाई जा चुकी है। इसके अलावा, दर्जनों अन्य मामले अदालतों में अलग-अलग चरणों में विचाराधीन हैं। पीटीआई का आरोप है कि ये सभी मामले राजनीति से प्रेरित हैं, जबकि मौजूदा सरकार का कहना है कि यह केवल कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है। सोहेल अफरीदी की ‘रिलीज फोर्स’ इसी अदालती कार्यवाही और गिरफ्तारी के खिलाफ एक सीधा विद्रोह मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री द्वारा ‘फोर्स’ के गठन की बात करना पाकिस्तान के संवैधानिक ढांचे के लिए एक बड़ी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। रक्षा मंत्री के कड़े तेवरों से साफ है कि केंद्र सरकार खैबर पख्तूनख्वा सरकार के इस कदम को हल्के में नहीं लेगी। यदि अफरीदी अपने फैसले पर अड़े रहते हैं, तो पाकिस्तान की संघीय सरकार और प्रांत के बीच एक बड़ा कानूनी और राजनीतिक टकराव देखने को मिल सकता है, जिसका असर पूरे देश की सुरक्षा व्यवस्था पर पड़ना तय है।
Read More: Surajpur crime: मायके जाने की इतनी बड़ी सजा? सूरजपुर में हथौड़े से लिख दी मौत की इबारत
IPL 2026 Captains List: दुनिया की सबसे लोकप्रिय क्रिकेट लीग, इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के…
LPG Tanker Shivalik: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और युद्ध की स्थितियों के बीच भारत…
Raipur Cafe Fight: राजधानी के मुख्य रेलवे स्टेशन परिसर में स्थित 'कैफे लाइट' शुक्रवार और…
Balrampur Opium: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में बड़े पैमाने पर सामने आई अवैध अफीम की…
Chhattisgarh Police: छत्तीसगढ़ के नवगठित और संवेदनशील जिले मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के…
Raipur News: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के औद्योगिक केंद्र सिलतरा में उस वक्त हड़कंप मच…
This website uses cookies.